Karnataka Election: राउत बोले- शिंदे और फडणवीस को MES के लिए करना चाहिए प्रचार, भाजपा पर साधा निशाना
महाराष्ट्र एकीकरण समिति कर्नाटक के बेलगाम-कारवार बेल्ट के 865 'मराठी भाषी' गांवों का महाराष्ट्र में विलय कराने के लिए कई दशकों से एक आंदोलन चला रही है और जिले की कुछ सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को 10 मई को होने वाले कर्नाटक विधानसभा चुनाव में महाराष्ट्र एकीकरण समिति (एमईएस) के लिए प्रचार करना चाहिए। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने रविवार को यह बात कही।
महाराष्ट्र एकीकरण समिति कर्नाटक के बेलगाम-कारवार बेल्ट के 865 'मराठी भाषी' गांवों का महाराष्ट्र में विलय कराने के लिए कई दशकों से एक आंदोलन चला रही है और जिले की कुछ सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
राउत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, मैं महाराष्ट्र एकीकरण समिति के प्रचार के लिए कर्नाटक के मराठी भाषी इलाकों में जा रहा हूं। उपमुख्यमंत्री फडणवीस को बेलगाम जाना चाहिए और एमईएस के लिए प्रचार करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, हालांकि, स्थिति अलग है क्योंकि वे (भाजपा) उन्हें (एमईएस को) हराने के लिए वहां (बेलगाम) गए हैं। उन्हें (भाजपा को) शर्म आनी चाहिए कि वे मराठी लोगों को हराने गए हैं।
राउत ने कहा, मुख्यमंत्री शिंदे दावा करते हैं कि उन्होंने महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा आंदोलन में हिस्सा लिया है और अगर उन्होंने वास्तव में ऐसा किया है तो उन्हें एमईएस के लिए और भाजपा के खिलाफ प्रचार करने के लिए बेलगाम में होना चाहिए। भाजपा और शिंदे की शिवसेना पिछले साल जून से महाराष्ट्र में सहयोगी दलों में शामिल हैं।
राज्यसभा सदस्य राउत ने कहा कि शिवसेना बेलगाम-कारवार के मराठी भाषी लोगों के लिए प्रतिबद्ध है और (अविभाजित) शिवसेना ने 69 कार्यकर्ताओं को 'शहीद' किया था और पार्टी के संस्थापक बाल ठाकरे को सीमा विवाद में तीन महीने के लिए जेल भेजा गया था।
कर्नाटक में कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है जो बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को सत्ता से बेदखल करना चाहती है, वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने भी अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
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