माफिया से नेता, बसपा के संस्थापक सदस्य, कांग्रेस के स्टार प्रचारकों में शामिल
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यूपी चुनावों में जीत हासिल करने के लिए राजनीतिक दलों ने अपने तरकश के सभी तीर बाहर निकालने शुरू कर दिए हैं। प्रत्याशियों की घोषणा कर दी गई है तो पार्टी के लिए स्टार प्रचारकों की सूची भी जारी कर दी गई हैं।
ऐसी ही एक सूची जारी की है कांग्रेस पार्टी ने, इस सूची पर निगाह डालने पर कुछ दिलचस्प नाम सामने आते हैं। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार गांधी परिवार के तीन बड़े नामों के अलावा इस लिस्ट में माफिया से नेता बने लोगों का नाम भी शामिल है तो बसपा के संस्थापक सदस्य रहे नेता भी अब कांग्रेस के लिए वोट मांगते नजर आएंगे।
मंगलवार को कांग्रेस पार्टी की ओर से उसके 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की गई। जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा प्रियंका गांधी का नाम तो शामिल है ही कुछ अन्य बड़े नाम भी शामिल हैं। इन्हीं बड़े नामों के बीच खास नाम भी इस लिस्ट की शोभा बढ़ा रहे हैं।
सपा के पूर्व सांसद रहे रिजवान जहीर को बनाया स्टार प्रचारक
मसलन माफिया से नेता बने और कुछ महीनों पहले ही पार्टी में शामिल हुए रिजवान जहीर भी कांग्रेस के स्टार प्रचारकों में शामिल हैं। इसके अलावा बसपा के संस्थापक सदस्य रहे ब्रजलाल खाबरी भी कांग्रेस के लिए प्रचार करते नजर आएंगे।
रिजवान की तरह ही ब्रजलाल भी कुछ दिन पहले ही कांग्रेस में शामिल हुए हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और गृहमंत्री रहे सुशील शिंदे, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा, एमपी के पूर्व सीएम अशोक गहलौत, पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार, सोनिया के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री कमल नाथ, शीला दीक्षित, गुलाम नबी आजाद और राजबब्बर आदि के नाम भी शामिल हैं।
राजनीतिक दिग्गजों के बीच खाबरी और रिजवान जहीर के नाम सबको चौंकाते हैं। सपा के दो बार के सांसद रहे जहीर ने बीते सितंबर में ही कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की थी। 1996 और 1999 में सपा के टिकट पर संसद पहुंचने वाले जहीर ने 2004 के लोकसभा चुनावों से पहले सपा छोड़ दी थी।
73 सीटों के लिए कांग्रेस ने जारी की थी प्रचारकों की लिस्ट
उन्होंने 2004 और 2009 का लोकसभा चुनाव श्रावस्ती से बसपा के टिकट पर लड़ा लेकिन बात नहीं बनी। 2014 के आम चुनावों से पहले उन्होंने बसपा भी छोड़ दी और पीस पार्टी का दामन थामकर चुनावों में उतरे लेकिन इस बार भी उन्हें मायूसी हाथ लगी।
जहीर के नाम पर बलरामपुर से पार्टी के जिलाध्यक्ष अनुज कुमार सफाई देते हैं कि रिजवान की एक अपनी बड़ी पहचान है जिसका फायदा पार्टी को बलरामपुर और उससे लगती दस जिलों की सीटों पर मिलेगा।
वहीं बसपा के संस्थापक सदस्य रहे ब्रजलाल खाबरी के सहारे कांग्रेस दलितों में पैंठ बनाना चाहती है। इसी लिए पार्टी ने उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी के साथ मैदान में उतारा है।