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EC: मद्रास हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को जारी किया नोटिस, द्रमुक ने चुनावी विज्ञापन खारिज किए जाने को दी है चुनौती

Mon, 15 Apr 2024 05:08 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Mon, 15 Apr 2024 05:08 PM IST
सार

डीएमके के संगठन सचिव आर एस भारती ने कहा उनके विज्ञापनों को खारिज करने वाला चुनाव आयोग का आदेश अस्पष्ट, मनमाना और डीएमके के खिलाफ पूर्वाग्रह से भरा हुआ था।

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Madras High Court seeks EC response on DMK's plea on pre-certification of election adverts
मद्रास हाईकोर्ट। - फोटो : ANI

विस्तार

मद्रास हाईकोर्ट ने चुनावी विज्ञापनों से जुड़े मामले में सोमवार को सुनवाई की। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले में चुनाव आयोग को नोटिस जारी क जवाब मांगा है। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एस वी गंगापुरवाला और न्यायमूर्ति सत्य नारायण प्रसाद की पीठ ने चुनाव आयोग को 17 अप्रैल तक का समय दिया है। पीठ ने यह आदेश डीएमके द्वारा दाखिल याचिका पर दिया है। पीठ ने कहा है कि मामसे की अगली सुनवाई के लिए बुधवार का दिन तय किया है।  

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दायर याचिका में कहा गया है कि द्रमुक ने चुनाव आयोग के पास अपने चुनाव प्रचार के लिए 'स्टालिन भारत की रक्षा करने का आह्वान करता है' शीर्षक वाले कुछ विज्ञापनों को पूर्व प्रमाणन के लिए भेजा था। इन विज्ञापनों में स्टालिन सरकार द्वारा तमिलनाडु में कराए गए विकास कार्यों, उनकी उपलब्धियों का वर्णन था। द्रमुक ने अपने प्रस्ताव में इन विज्ञापनों को टेलीविजन पर प्रसारित करने के लिए सहमति मांगी थी। द्रमुक के संगठन सचिव आर एस भारती ने कहा कि चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में राज्य स्तरीय प्रमाणन समिति के पास यह प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन उनका प्रस्ताव खारिज कर दिया गया। इसके बाद द्रमुक ने एक बार फिर अपील की। जिसे मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 4 अप्रैल को बिना कोई विशेष कारण बताए दोबारा खारिज कर दिया। इसके बाद मजबूरन हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करनी पड़ी। 
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डीएमके के संगठन सचिव आर एस भारती ने कहा उनके विज्ञापनों को खारिज करने वाला चुनाव आयोग का आदेश अस्पष्ट, मनमाना और डीएमके के खिलाफ पूर्वाग्रह से भरा हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी तरह के विज्ञापन अन्य राज्यों और राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक दलों द्वारा चलाए जा रहे हैं, इनमें से कई ने डीएमके को भी निशाना बनाया है, लेकिन उन्हें इसकी सहमति दी गई। 

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