{"_id":"5ad5894a4f1c1b60098b4ed8","slug":"madras-high-court-granted-permission-for-the-mercy-killing-of-an-elephant","type":"story","status":"publish","title_hn":"मद्रास हाईकोर्ट ने हाथी को 'दया मृत्यु' की अनुमति दी, बहुत दिनों से था बीमार ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
मद्रास हाईकोर्ट ने हाथी को 'दया मृत्यु' की अनुमति दी, बहुत दिनों से था बीमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तमिलनाडु
Updated Tue, 17 Apr 2018 12:13 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को सलेम मंदिर में एक बीमार हाथी को 'दया मृत्यु' देने की अनुमति दी है। पशु चिकित्सकों ने यह प्रमाणित किया है कि हाथी को ठीक नहीं किया जा सकता है और उसका जीवित रहना केवल उसे पीड़ा देगा।
विज्ञापन
मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस कुदोसे ने पशु प्रेमी और इंडियन सेंटर फॉर एनीमल राइट्स एण्ड एजुकेशन के फाउंडर एस मुरलीधरन की याचिका को स्वीकार कर लिया। मुरलीधरन ने कहा कि हाथी बहुत बीमार है और उसे चलने में बहुत परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
मुरलीधरन ने यह भी कहा कि अगर ऐसे में हाथी को जिंदा रखा जाता है तो यह जानवरों के लिए क्रूरता अधिनियम, 1960 की रोकथाम का उल्लंघन होगा। इसलिए हाथी को दया मृत्यु देना ही सही है।
विज्ञापन