फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Madi Sharma sent invitations to European Union delegation to visit kashmir, know who is she

कौन हैं मादी शर्मा जिन्होंने भेजा था यूरोपीय संघ के सांसदों को न्योता

Wed, 30 Oct 2019 07:04 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Wed, 30 Oct 2019 07:04 PM IST
विज्ञापन
Madi Sharma sent invitations to European Union delegation to visit kashmir, know who is she
मादी शर्मा (फाइल फोटो) - फोटो : Twitter

यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल ने 29 अक्तूबर को जम्मू-कश्मीर का दौरा किया। यह दौरा दुनियाभर में चर्चा में रहा क्योंकि कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने के बाद यह पहला मौका था, जब कोई विदेशी कूटनीतिक समूह राज्य में पहुंचा था। देश की कई विपक्षी पार्टियां इस दौरे का विरोध भी कर रही थीं, क्योंकि वो इसे गैरलोकतांत्रिक मान रही हैं।

विज्ञापन


यूरोपीय संघ की संसद के इस प्रतिनिधिमंडल के दौरे में राजनीति के बाद सबसे ज्यादा चर्चा जिसकी हुई है वो हैं मादी शर्मा। शर्मा एक गैरसरकारी संगठन (एनजीओ) चलाती हैं जिसका नाम है वूमेंस इकोनॉमिक एंड सोशल थिंक-टैंक (डब्ल्यूईएसटीटी)। ऐसा कहा जा रहा है कि इस यात्रा का आयोजन मादी शर्मा ने ही किया था।
विज्ञापन


कहा जा रहा है कि शर्मा ने यूरोपीय सांसदों को निमंत्रण भेजा था और उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक और कश्मीर का दौरा कराने का वादा किया था। यूरोपियन संघ के प्रतिनिधिमंडल ने दिवाली के अगले दिन यानी 28 अक्तूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर से नई दिल्ली में मुलाकात की थी। इसके बाद श्रीनगर में उन्होंने 15वीं कॉर्प्स के कमांडर से भी मुलाकात की।
विज्ञापन
विज्ञापन


दिल्ली में यूरोपियन संघ के सांसदों की मुलाकात कश्मीर के प्रबुद्धजनों (सिविल सोसायटी) के साथ दोपहर के भोज के दौरान कराई गई थी। इसका आयोजन एनएसए अजित डोभाल ने किया था। वहीं श्रीनगर के एक कार्यक्रम में यह दल कश्मीरियों से भी मिला था।

कौन हैं मादी शर्मा

मादी शर्मा, मादी समूह की मालकिन हैं जो एक ऐसे संगठन का संचालन करता है जो अतंरराष्ट्रीय स्तर की निजी कंपनियों को एकजुट करता है। कहा जाता है कि यह संगठन मुनाफे के लिए काम नहीं करता है। वो यूरोपियन इकॉनॉमिक एंड सोशल कमिटी की सदस्य भी हैं, जो यूरोपियन संघ का सलाहकार निकाय है। शर्मा ने एक लेख लिखा था जिसका शीर्षक था- कैसे अनु्च्छेद 370 हटाना कश्मीरी महिलाओं के लिए एक चुनौती और जीत है। उनका यह लेख ईपी टुडे में प्रकाशित हुआ था। यह एक मासिक पत्रिका है जिसमें यूरोपीय संसद के कामकाज को लेकर जानकारी प्रकाशित की जाती है।

शर्मा की वेबसाइट के अनुसार डब्ल्यूईएसटीटी एक अग्रणी महिला थिंक-टैंक है जिसके वैश्विक आयाम हैं। यह महिलाओं के आर्थिक, पर्यावरण और सामाजिक विकास पर ध्यान केंद्रित करती है। राजनीतिक स्तर पर वह प्रमुख मुद्दों पर जागरूकता फैलाने के लिए लॉबिंग करती हैं लेकिन कभी इसका आर्थिक फायदा नहीं लेतीं। हालांकि उन्होंने अभी तक कश्मीर मसले पर दिलचस्पी नहीं ली थी। 



वैसे यह पहली बार नहीं है जब शर्मा यूरोपियन संघ के एक प्रतिनिधिमंडल को कहीं लेकर गई हैं। पिछले साल वह इसी तरह यूरोपियन संघ के प्रतिनिधिमंडल को मालदीव लेकर गई थीं। उस समय वहां अब्दुल्ला यामीन की सरकार थी। दौरे के बाद प्रतिनिधिमंडल ने यामीन सरकार की आलोचना की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed