{"_id":"5e739a8c8ebc3e76991103f7","slug":"madhya-pradesh-supreme-court-floor-test-congress-bjp-seat-formation-majority-kamalnath","type":"story","status":"publish","title_hn":"मध्यप्रदेश: बहुमत परीक्षण में कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर, समझें गणित","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मध्यप्रदेश: बहुमत परीक्षण में कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर, समझें गणित
Thu, 19 Mar 2020 09:45 PM IST
योगेश साहू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: योगेश साहू
Updated Thu, 19 Mar 2020 09:45 PM IST
विज्ञापन
मध्यप्रदेश विधानसभा में दलीय स्थिति
- फोटो : Ama
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्यप्रदेश में जारी सियासी संकट के बीच सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को विधानसभा में बहुमत परीक्षण कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि शाम पांच बजे तक बहुमत परीक्षण की पूरी प्रक्रिया खत्म कर ली जाए। अदालत ने यह भी कहा है कि अगर बागी विधायक विधानसभा आना चाहते हैं तो कर्नाटक और मध्यप्रदेश के डीजीपी को उन्हें सुरक्षा देनी होगी। अदालत ने बहुमत परीक्षण की वीडियोग्राफी भी कराने के लिए कहा है। अब बड़ा सवाल यह है कि राज्य की विधानसभा में मौजूदा दलीय स्थिति क्या है।
विज्ञापन
इससे पहले रंगपंचमी के दिन विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने कांग्रेस के छह विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया था। यह सभी कमलनाथ मंत्रिमंडल में शामिल थे। लेकिन छह इस्तीफे स्वीकार होने के बाद सदन में कांग्रेस की सदस्य संख्या 114 से घटकर 108 रह गई है। वहीं रंगपंचमी से एक दिन पहले 13 मार्च को ज्योतिरादित्य के काफिले पर पथराव हुआ था, जिसके बाद कमलनाथ सरकार के खिलाफ भाजपा ने मोर्चा खोल दिया था।
विज्ञापन
मध्यप्रदेश विधानसभा की दलीय स्थिति और बहुमत के लिए आवश्यक सदस्य संख्या
कुल सीटें: 230
खाली सीटें: 2
13 मार्च तक संख्या बल
कांग्रेस: 114
भाजपा: 107
बसपा: 2
सपा: 1
निर्दलीय: 4
14 मार्च के बाद संख्या बल
कांग्रेस: 108
भाजपा: 107
बसपा: 2
सपा: 1
निर्दलीय: 4
(अब बहुमत के लिए 112 संख्या बल चाहिए)
यदि कांग्रेस को बसपा और सपा का समर्थन हासिल रहता है तो भी उसके पास बहुमत के लिए जरूरी 112 की संख्या नहीं है। वहीं भाजपा अपने बूत सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में उसे निर्दलीय विधायकों के साथ ही साथ सपा या बसपा में भी सेंध लगानी होगी।
विज्ञापन