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MP ग्राउंड रिपोर्ट: 'एक वक्त उनका था, अब हमारा है', जानिए ऐसा कहकर क्यों भड़क गईं छिंदवाड़ा के गांव की महिलाएं
सार
अमर उजाला को मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा स्थित हरनाखेड़ी से ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान लोगों ने महंगाई से लेकर पीएम आवास योजना के मुद्दे पर खुल कर बात की।
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मध्य प्रदेश चुनाव।
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
मध्य प्रदेश के सियासी गढ़ छिंदवाड़ा से तकरीबन 30 किलोमीटर दक्षिण में एक कस्बा है चांद। इस कस्बे से भी 20 किलोमीटर अंदर एक गांव पड़ता है हरनाखेड़ी। हरनाखेड़ी गांव की रामादेवी से जब मुलाकात हुई तो वह भड़कते हुए कहने लगीं कि गैस का सिलेंडर इतना महंगा हो गया है की खरीद नहीं पाते हैं। हमारे पति विकलांग हैं लेकिन उनको ट्राई साइकिल तो दूर हाथ में लेकर चलने वाली छड़ी तक नहीं मिल पाई है। जब इतनी छोटी सी मदद के लिए सरकारी दफ्तर में जाते हैं तो धक्कों के सिवा कुछ नहीं मिलता है। वह कहती हैं कि अब क्या करें... लेकिन अब तो विधानसभा के चुनाव हैं। पांच साल उनका वक्त होता है लेकिन असली वक्त हमारा आया है। अब हम अपनी वोट की ताकत से जो बन पड़ेगा वह करेंगे। अमर उजाला डॉट कॉम को मध्य प्रदेश के इस गांव से ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान लोगों ने महंगाई से लेकर पीएम आवास योजना के मुद्दे पर खुल कर बात की।
तकरीबन डेढ़ हजार की आबादी वाले हरनाखेड़ा में अपने घर के बाहर मौजूद रामा देवी और उनके पति, सरकार की ओर से मिले प्रधानमंत्री आवास को बनवाने के बाद कुछ और जरूरी काम निपटा रहे थे। यह पूछते ही कि विधानसभा के चुनाव आ रहे हैं, क्या मन बनाया है मतदान वाले दिन के लिए। इतना सुनते ही रामादेवी भड़क गईं। कहने लगीं कि महंगाई कितनी बढ़ गई है कि घर में खाना बनाना तक मुश्किल हो जाता है। इतना महंगा सिलेंडर हो गया है और सब्जियों के दाम तो गांव में होने के बाद भी आसमान छू रहे हैं। वह कहती हैं कि सरकार की व्यवस्था इतनी बदहाल है कि उनके विकलांग पति को सरकार की ओर से मुहैया किए जाने वाले उपकरण तक नहीं मिल सके हैं। इसलिए वह अब आने वाले चुनाव में इसी मंहगाई और लापरवाही को ध्यान में रखकर वोट डालने निकलेंगी।
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इसी गांव में रहने वाली ज्वाला देवी ने जब रामा की बात सुनी तो कहने लगीं कि वह थोड़ी नाराज जरूर हैं लेकिन वोट यह सरकार के विरोध में नहीं करने वाली हैं। इसके पीछे वह तर्क देती है कि इनका घर तो प्रधानमंत्री आवास का ही मिला है। ज्वाला की बात सुनकर अपने घर के बाहर खड़ी रामादेवी कहने लगीं कि घर तो प्रधानमंत्री आवास से मिला है लेकिन गुपचुप (गोलगप्पे) की दुकान लगाने के बाद भी जो रकम बचाई थी वह सब घर में लगा दी। वह कहती हैं कि ग्राम पंचायत की ओर से तो उनको जमीन भी नहीं मिली। जब वह सरपंच के पास जाती तो उनको धक्के मार कर बाहर कर दिया जाता था। गांव की रहने वाली ज्वाला देवी कहती हैं कि महंगाई तो जरूर है लेकिन लोगों की आमदनी भी तो बढ़ रही है। उनका कहना है कि मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट मांगे जा रहे हैं। वह कहती है कि इस इलाके में राज्य सरकार और केंद्र सरकार की योजनाएं तो खूब आई हैं। जिनके कच्चे घर थे वह सब पक्के घरों में तब्दील हो गए। महिलाओं को लाडली बहना योजना के चलते एक सम्मान राशि भी तो मिल रही है।
लाडली बहना योजना का जिक्र सुनते इसी गांव की महिला जानकी तो नाराज हो गईं। वह कहती हैं कि इस योजना में जो पैसा उनको मिल रहा है वह है तो उनका ही। हमारा पैसा ही हमको वापस देकर नेता सिर्फ राजनीति करना जानते हैं। जानकी कहती हैं कि महंगाई इतनी है कि उसमें पैसा देकर सरकार हमसे ही हमारी जेब ढीली कराती है। इलाके के वर्तमान विधायक पर नाराज होते हुए गांव की महिलाओं ने कहा कि पांच साल पहले ही विधायक जी इलाके में चुनाव के दौरान वोट मांगने आए थे। अब दोबारा फिर चुनाव हो रहा है लेकिन विधायक अभी तक यहां पहुंचे नहीं है। गांव की महिलाओं का कहना है कि अगर विधायक इस बार यहां आते हैं तो उनको उल्टे पांव वापस भेज दिया जाएगा।
इसी गांव की रहने वाली पूनम प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं। कहती है कि उनके पिताजी को प्रधानमंत्री आवास योजना से घर मिल गया है। फिलहाल वह प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ-साथ मुख्यमंत्री शिवराज चौहान की सरकार की ओर से शुरू की गई योजनाओं से खुश तो नजर आ रही हैं लेकिन उनका कहना है कि अगर इस योजना को समय रहते या सरकार बनने के साथ ही शुरू कर दिया गया होता तो सरकार की मंशा पर सवाल नहीं उठते। पूनम कहती हैं कि जिस तरीके से वर्तमान सरकार लोगों को तमाम तरह की योजनाओं से लाभान्वित कर रही है इस तरह कांग्रेस ने भी अपने वचन पत्र को तैयार किया है। पूनम का कहना है कि 17 नवंबर को होने वाले मतदान में लोगों को ज्यादा से ज्यादा हिस्सेदारी करनी होगी ताकि राजनीतिक दलों की ओर से जारी किए गए घोषणा पत्र का लाभ लोगों को भरपूर तरीके से मिल सके। पूनम का कहना है कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि गरीब आदमी के लिए महंगाई ने हालत खराब कर दी है।
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तकरीबन डेढ़ हजार की आबादी वाले हरनाखेड़ा में अपने घर के बाहर मौजूद रामा देवी और उनके पति, सरकार की ओर से मिले प्रधानमंत्री आवास को बनवाने के बाद कुछ और जरूरी काम निपटा रहे थे। यह पूछते ही कि विधानसभा के चुनाव आ रहे हैं, क्या मन बनाया है मतदान वाले दिन के लिए। इतना सुनते ही रामादेवी भड़क गईं। कहने लगीं कि महंगाई कितनी बढ़ गई है कि घर में खाना बनाना तक मुश्किल हो जाता है। इतना महंगा सिलेंडर हो गया है और सब्जियों के दाम तो गांव में होने के बाद भी आसमान छू रहे हैं। वह कहती हैं कि सरकार की व्यवस्था इतनी बदहाल है कि उनके विकलांग पति को सरकार की ओर से मुहैया किए जाने वाले उपकरण तक नहीं मिल सके हैं। इसलिए वह अब आने वाले चुनाव में इसी मंहगाई और लापरवाही को ध्यान में रखकर वोट डालने निकलेंगी।
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इसी गांव में रहने वाली ज्वाला देवी ने जब रामा की बात सुनी तो कहने लगीं कि वह थोड़ी नाराज जरूर हैं लेकिन वोट यह सरकार के विरोध में नहीं करने वाली हैं। इसके पीछे वह तर्क देती है कि इनका घर तो प्रधानमंत्री आवास का ही मिला है। ज्वाला की बात सुनकर अपने घर के बाहर खड़ी रामादेवी कहने लगीं कि घर तो प्रधानमंत्री आवास से मिला है लेकिन गुपचुप (गोलगप्पे) की दुकान लगाने के बाद भी जो रकम बचाई थी वह सब घर में लगा दी। वह कहती हैं कि ग्राम पंचायत की ओर से तो उनको जमीन भी नहीं मिली। जब वह सरपंच के पास जाती तो उनको धक्के मार कर बाहर कर दिया जाता था। गांव की रहने वाली ज्वाला देवी कहती हैं कि महंगाई तो जरूर है लेकिन लोगों की आमदनी भी तो बढ़ रही है। उनका कहना है कि मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट मांगे जा रहे हैं। वह कहती है कि इस इलाके में राज्य सरकार और केंद्र सरकार की योजनाएं तो खूब आई हैं। जिनके कच्चे घर थे वह सब पक्के घरों में तब्दील हो गए। महिलाओं को लाडली बहना योजना के चलते एक सम्मान राशि भी तो मिल रही है।
लाडली बहना योजना का जिक्र सुनते इसी गांव की महिला जानकी तो नाराज हो गईं। वह कहती हैं कि इस योजना में जो पैसा उनको मिल रहा है वह है तो उनका ही। हमारा पैसा ही हमको वापस देकर नेता सिर्फ राजनीति करना जानते हैं। जानकी कहती हैं कि महंगाई इतनी है कि उसमें पैसा देकर सरकार हमसे ही हमारी जेब ढीली कराती है। इलाके के वर्तमान विधायक पर नाराज होते हुए गांव की महिलाओं ने कहा कि पांच साल पहले ही विधायक जी इलाके में चुनाव के दौरान वोट मांगने आए थे। अब दोबारा फिर चुनाव हो रहा है लेकिन विधायक अभी तक यहां पहुंचे नहीं है। गांव की महिलाओं का कहना है कि अगर विधायक इस बार यहां आते हैं तो उनको उल्टे पांव वापस भेज दिया जाएगा।
इसी गांव की रहने वाली पूनम प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं। कहती है कि उनके पिताजी को प्रधानमंत्री आवास योजना से घर मिल गया है। फिलहाल वह प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ-साथ मुख्यमंत्री शिवराज चौहान की सरकार की ओर से शुरू की गई योजनाओं से खुश तो नजर आ रही हैं लेकिन उनका कहना है कि अगर इस योजना को समय रहते या सरकार बनने के साथ ही शुरू कर दिया गया होता तो सरकार की मंशा पर सवाल नहीं उठते। पूनम कहती हैं कि जिस तरीके से वर्तमान सरकार लोगों को तमाम तरह की योजनाओं से लाभान्वित कर रही है इस तरह कांग्रेस ने भी अपने वचन पत्र को तैयार किया है। पूनम का कहना है कि 17 नवंबर को होने वाले मतदान में लोगों को ज्यादा से ज्यादा हिस्सेदारी करनी होगी ताकि राजनीतिक दलों की ओर से जारी किए गए घोषणा पत्र का लाभ लोगों को भरपूर तरीके से मिल सके। पूनम का कहना है कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि गरीब आदमी के लिए महंगाई ने हालत खराब कर दी है।