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कोरोना: बच्चों के लिए गेमचेंजर साबित होगी स्वदेशी नेजल वैक्सीन, डब्ल्यूएचओ की प्रमुख वैज्ञानिक का दावा

Sun, 23 May 2021 11:04 AM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Tanuja Yadav Updated Sun, 23 May 2021 11:04 AM IST
सार

देश में तीसरी लहर की संभावना पहले ही जताई जा चुकी हैं। इस दौरान छोटे बच्चे तीसरी लहर के दौरान चपेट में आ सकते हैं। डब्ल्यूएचओ की वैज्ञानिक का मानना है कि भारत में बन रही नेजल वैक्सीन बच्चों के लिए गेमचेंजर साबित होगी।

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made in India Nasal vaccine will be game changer for kids in corona third wave says who chief scientist
सौम्या स्वामीनाथन - फोटो : social media

विस्तार

देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर अभी भी जारी है और जानकारों ने तीसरी लहर के आने के संकेत दे दिए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि जो लोग दूसरी लहर की चपेट से बच गए हैं, उन्हें तीसरी लहर के दौरान कोरोना हो सकता है। जानकार मानते हैं कि तीसरी लहर के दौरान बच्चों संक्रमित हो सकते हैं। 

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नेजल वैक्सीन बच्चों के लिए होगी गेमचेंजर- डब्ल्यूएचओ
देश में अभी 18 साल से कम उम्र वाले बच्चों के लिए कोई वैक्सीन नहीं है और कई राज्यों में वैक्सीन की कमी की वजह से 18+ को भी वैक्सीन नहीं लग रही है। इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन की प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि कोरोना की नेजल वैक्सीन बच्चों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है। 
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नेजल वैक्सीन नाक के जरिए दी जाती है और इंजेक्शन के जरिए दी जाने वाली वैक्सीन से ज्यादा असरदार होती है। नेजल वैक्सीन लगवाने में भी आसान है। डॉ. स्वामीनाथन का कहना है कि ज्यादा से ज्यादा स्कूल टीचर को वैक्सीन लगवाने की जरूरत है। स्वामीनाथन का मानना है कि भारत में बनी नेजल वैक्सीन बच्चों के लिए गेमचेंजर हो सकती है। 
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बच्चों में अभी कोरोना के लक्षण कम और ना के बराबर
बता दें कि सरकार ने शनिवार को कहा था कि बच्चे संक्रमण से सुरक्षित नहीं है लेकिन साथ सरकार ने माना था कि बच्चों में कोरोना वायरस संक्रमण का असर कम है। अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो मात्र तीन से चार फीसदी बच्चों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। नीति आयोग के सदस्य डॉ.वीके पॉल का कहना है कि अगर बच्चे कोरोना वायरस से संक्रमित होंगे तो उनमें लक्षण बहुत कम होंगे या बिल्कुल नहीं होंगे। उन्होंने आगे कहा कि हमें 10-12 साल के बच्चों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।




बताते चलें कि हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने इस नेजल वैक्सीन का ट्रायल करना शुरू कर दिया है। कंपनी की माने तो नेजल स्प्रे की सिर्फ चार बूंदे ही जरूरी होंगी। नाक के दोनों छेदों में दो-दो बूंदें डाली जाएंगी। क्लिनिकल ट्रायल के दौरान अभी तक 175 लोगों को नेजल वैक्सीन दी जा चुकी है। हालांकि ट्रायल के नतीजे अभी आना बाकी हैं।

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