Role Model: संघ प्रमुख भागवत बोले- भगवान हनुमान पौराणिक काल, शिवाजी महाराज ऐतिहासिक काल से हमारे आदर्श
Chhatrapati Shivaji Role Model: नागपुर में स्वामी विवेकानंद की 160वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि पौराणिक काल से हमारे आदर्श राम भक्त भगवान हनुमान हैं और छत्रपति शिवाजी महाराज ऐतिहासिक काल से हमारे आदर्श हैं।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा कि भगवान हनुमान पौराणिक काल से और मराठा योद्धा राजा छत्रपति शिवाजी ऐतिहासिक काल से लोगों के लिए रोल मॉडल हैं। नागपुर में स्वामी विवेकानंद की 160वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि आरएसएस के संस्थापक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार और इसके शीर्ष नेताओं माधव सदाशिव गोलवलकर और बालासाहेब देवरस ने स्पष्ट रूप से कहा है कि भगवा ध्वज किसी एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे संघ परिवार के लिए आदर्श है। यह हमारे सिद्धांतों का प्रतीक है।
उन्होंने आगे कहा कि अगर आप किसी व्यक्ति को अपना आदर्श मानते हैं, तो तीनों (आरएसएस प्रमुखों) ने कहा है कि पौराणिक काल से हमारे आदर्श राम भक्त भगवान हनुमान हैं और छत्रपति शिवाजी महाराज ऐतिहासिक काल से हमारे आदर्श हैं।
शिवाजी महाराज को लेकर राज्यपाल की टिप्पणी पर मचा था घमासान
गौरतलब है कि बीते साल नवंबर में महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने एक कार्यक्रम में कहा था कि छत्रपति शिवाजी महाराज पुराने जमाने के आदर्श थे। महाराष्ट्र में अब बीआर अंबेडकर से लेकर नितिन गडकरी तक नए जमाने के आदर्श बन सकते हैं। उनके इस बयान को लेकर काफी विवाद हुआ। महाराष्ट्र के विपक्षी दलों समेत मराठा संगठनों ने राज्यपाल कोश्यारी की टिप्पणी को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया और उन्हें पद से हटाने की मांग की थी।
इससे पहले, मोहन भागवत ने आरएसएस के मुखपत्र ऑर्गनाइजर और पांचजन्य को दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि हिंदू समाज में बढ़ी आक्रामकता पर भागवत ने कहा, हिंदू समाज विदेशी आक्रमण, प्रभाव और साजिशों के खिलाफ सदियों से लड़ रहा है। यह बाहर के नहीं, बल्कि भीतर के दुश्मन के खिलाफ है। यह युद्ध हिंदू धर्म और हिंदू संस्कृति की रक्षा के लिए हो रहा है। विदेशी आक्रांता तो नहीं रहे, पर विदेशी प्रभाव और साजिशों के चलते यह समाज जागृत हुआ है। ऐसे में लोगों का अतिउत्साही व आक्रामक होना जायज और स्वाभाविक है।