Karnataka Clashes: भगवान गणेश की प्रतिमा के विसर्जन के दौरान झड़प, सभी आरोपी गिरफ्तार; भाजपा ने सरकार को घेरा
झड़प तब शुरू हुई, जब लोग राम रहीम नगर में गणेश विसर्जन जुलूस में हिस्सा ले रहे थे। दोनों समुदायों के युवकों के बीच झड़पें हुईं, जिसके बाद पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा। घटना के विरोध में हिंदू समर्थक संगठनों ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया।
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विस्तार
कर्नाटक के मांड्या में भगवान गणेश की प्रतिमा के विसर्जन के दौरान झड़प की खबर है। पुलिस ने बताया कि विसर्जन के दौरान सांप्रदायिक झड़पों के बाद मांड्या जिले के मद्दुर कस्बे में तनाव फैल गया। दूसरे समुदाय के उपद्रवियों की ओर से कथित तौर पर पथराव किए जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इससे इलाके में व्यापक अशांति फैल गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह झड़प तब शुरू हुई, जब लोग राम रहीम नगर में गणेश विसर्जन जुलूस में हिस्सा ले रहे थे। दोनों समुदायों के युवकों के बीच झड़पें हुईं, जिसके बाद पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा। पुलिस अधीक्षक मल्लिकार्जुन बालादंडी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
कर्नाटक सरकार ने क्या कहा?
कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि 7 सितंबर को गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान हुई सांप्रदायिक झड़पों के बाद मद्दुर कस्बे में स्थिति नियंत्रण में है। शहर में तनाव बढ़ने पर निषेधाज्ञा लागू कर दी गई और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। दरअसल, रविवार को राम रहीम नगर में गणेश विसर्जन जुलूस पर पथराव के बाद झड़पें शुरू हो गईं।
भाजपा ने क्या कहा?
- मामले में भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, '...यह कहीं न कहीं वोट बैंक की राजनीति से जुड़ा है। वोट बैंक की राजनीति से प्रभावित होकर असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती। इस तरह की घटनाएं यूपी और एमपी में क्यों नहीं होतीं?'
- भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में हिंदू त्योहार और जुलूस अब सुरक्षित नहीं रहे। विजयेंद्र ने कहा, 'गणेश विसर्जन जुलूसों के दौरान कट्टरपंथी उपद्रवी गिरोह बनाकर पथराव कर रहे हैं। राज्य के कई हिस्सों से ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें मांड्या, धारवाड़, बागलकोट और हुबली शामिल हैं। कल मद्दुर में उपद्रवियों ने लगातार पथराव करके तनावपूर्ण माहौल बना दिया। इस पथराव में महिलाएं और पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए, जो बेहद चिंताजनक है और भाजपा इसकी कड़ी निंदा करती है।'
- शिवमोग्गा जिले के सागर से भी गणपति की मूर्ति को अपवित्र किए जाने की खबरें आई हैं। शिकारपुरा के विधायक विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यकों के नाम पर इस तरह की घिनौनी हरकतों ने खासकर हिंदू महिलाओं में डर पैदा कर दिया है।
पुलिस ने क्या बताया?
एक मस्जिद से लगभग 500 मीटर की दूरी पर शुरू हुए पथराव के बाद जुलूस में शामिल लोगों ने जवाबी कार्रवाई की। पुलिस ने आपस में भिड़ रहे दो समूहों को तितर-बितर करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया। बाद में हिंदू कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। मांड्या के पुलिस अधीक्षक मल्लिकार्जुन बालादंडी ने कहा कि दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। एक प्राथमिकी अपने आप दर्ज की गई है और दूसरी एक घायल व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज की गई है। 21 लोगों को हिरासत में लिया गया है और आगे और गिरफ्तारियां होंगी। एसपी ने आगे कहा, 'सभी को छुट्टी दे दी गई है। एक व्यक्ति को चार टांके लगे हैं, बाकी सभी को मामूली चोटें आई हैं। आगे की हिंसा को रोकने के लिए इलाके में धारा 144 लगा दी गई है।'
क्या है मामला?
- शनिवार रात गणेश जुलूस के दौरान कथित तौर पर उपद्रवियों की ओर से पथराव किए जाने के बाद हुबली में भी तनाव फैल गया, जिससे अशांति और बढ़ गई। पुलिस ने स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए हस्तक्षेप किया, जबकि शहर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। मद्दुर में केएसआरपी की टुकड़ियां तैनात की गई हैं और शांति सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारी इलाके में डेरा डाले हुए हैं। मद्दुर, हुबली और शिवमोग्गा में हुई घटनाओं के मद्देनजर सभी जिलों की पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है।
- परमेश्वर ने बंगलूरू में संवाददाताओं को बताया कि मद्दुर घटना के सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा, 'मद्दुर की स्थिति के बारे में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब कोई समस्या नहीं है। गणेश विसर्जन उसके बाद हुआ। छोटी-मोटी घटनाएं हुई हैं। एक जगह झंडा लाने पर चाकू मारने की कोशिश की गई। दूसरी जगह गणपति जुलूस के दौरान लोगों ने छत से तीन और चार साल के छोटे बच्चों पर थूका। अब सब कुछ नियंत्रण में है।'