Lok Sabha: राहुल गांधी बोले- जो खुद को हिंदू कहते हैं, वही हिंसा-हिंसा करते हैं, लोकसभा में मचा हंगामा
18वीं लोकसभा के पहले सत्र के दूसरे सप्ताह की जोरदार शुरुआत हुई। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नीट अनियमितताओं जैसे प्रमुख मुद्दों पर एनडीए सरकार पर हमला बोला।
विस्तार
दो दिन के अवकाश के बाद आज फिर से लोकसभा और राज्यसभा का सत्र शुरू हुआ। केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग, नीट और अग्निपथ जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। इस दौरान दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि संविधान पर संगठित हमले हो रहे हैं।
लोकसभा में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे। विपक्ष के नेता राहुल गांधी बोलने के लिए खड़े हुए तो सत्तापक्ष के सदस्यों ने 'भारत माता की जय' के नारे लगाए। राहुल को अपना भाषण बीच में ही रोकना पड़ा। स्पीकर भी खामोश रहे। इसके बाद मोदी-मोदी के नारे गूंजने लगे। स्पीकर कभी बाएं देखते, कभी दाएं देखते। राहुल ने जय संविधान कहा और विपक्ष में हंसी की लहर दौड़ गई।. राहुल ने पीछे मुड़कर कहा- कॉपी है?
आपको बता दें कि राष्ट्रपति के अभिभाषण को लेकर लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में 21-21 घंटे की चर्चा होगी, इसके लिए भाजपा को आठ घंटे तक की समय सीमा दी गई है।
मेरे खिलाफ झूठे केस दर्ज किए गए
उन्होंने आगे कहा, सरकार के आदेश पर मुझे निशाना बनाया गया। मेरे खिलाफ झूठे केस दर्ज किए गए। मुझसे ईडी ने पूछताछ की। इससे अधिकारी तक हैरान थे। इतना ही नहीं इंडिया के नेताओं को जेल में रखा गया।'
उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में संविधान पर लगातार हमले हुए हैं। जिसने भी.. इसके बाद फिर शोर बढ़ गया। सत्तापक्ष के सदस्यों ने विरोध जताया तो विपक्ष के लोग भी खड़े हो गए। राहुल ने कहा- अभी वॉर्मअप हो रहा है। हममें से कई पर निजी हमले हुए। हम में से कई नेता अब भी जेल हैं। न केवल विपक्ष बल्कि कोई भी जो सत्ता के केंद्रीकरण, पैसे के केंद्रीकरण, दलित-अल्पसंख्यक पर दमन का विरोध करने वाले को कुचला गया। मुझ भी हमले हुए, सरकार के निर्देश पर, जाहिर है पीएम के द्वारा. 20 से ज्यादा केस, 2 साल जेल की सजा, घर लिया गया, कोई समस्या नहीं। जानबूझकर गाली दी गई और अटैक किए गए। 55 घंटे ईडी ने पूछताछ की गई।
भगवान शिव की तस्वीर पर हंगामा
इसके बाद राहुल ने शंकर भगवान की तस्वीर दिखाई। स्पीकर ने रोका और एक मिनट रुकने के लिए कहा। स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि आपने सवाल उठाया। आपके माननीय सदस्यगण 352 का नियम बता रहे थे। आपने कहा कि नियम प्रक्रिया से सदन चलना चाहिए। नियम में कोई भी प्लेकार्ड या तस्वीर नहीं दिखाया जा सकता।
राहुल ने सवाल किया, 'क्या इस सदन में शिवजी की फोटो दिखाना मना है? आप बस ये बता दीजिए। शिव जी का चित्र इस सदन में मना है। अगर मैं कह रहा हूं कि मुझे इनसे प्रोटेक्शन मिली लेकिन आप मुझे रोक रहे हैं. इसके बाद मेरे पास और चित्र हैं, मैं सब दिखाना चाहता था। पूरा हिंदुस्तान इस चित्र को जानता समझता है। मैं इस तस्वीर को क्यों लाया क्योंकि इस तस्वीर में आइडिया टू डिफेंड है। शिवजी के गले में सांप हैं, इसके पीछे का मकसद है किसी ने डरना नहीं चाहिए।'
आइडिया ऑफ इंडिया को बचा रहे
राहुल ने आगे कहा पूरा विपक्ष आइडिया ऑफ इंडिया को बचा रहा है। हमने देश के संविधान की रक्षा की है। इस बीच राहुल ने भगवान शिव का एक फोटो दिखाया, जिस पर सदन में हंगामा होने लगा। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने फोटो दिखाने से मना कर दिया। नेता प्रतिपक्ष गांधी ने कहा कि शिव के बाएं हाथ में त्रिशूल का मतलब अहिंसा है। हम बिना हिंसा सच की रक्षा करते हैं।
इसके बाद राहुल ने गुरु नानक की तस्वीर दिखाई. फिर शोर होने लगा। उन्होंने कहा कि गुरु नानक कहते हैं कि डरो मत डराओ मत। वह कई देशों की यात्रा पर गए। उन्होंने कभी हिंसा नहीं की। वैसे ही आप ईसा मसीह को देखिए उन्होंने भी यही कहा कि डरो मत डराओ मत। अंत में महावीर ने भी यही कहा है। सारे धर्म कहते हैं कि डरो मत डराओ मत।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, 'पीएम कहते हैं कि (महात्मा) गांधी मर चुके हैं और गांधी को एक फिल्म द्वारा पुनर्जीवित किया गया था। क्या आप अज्ञानता को समझ सकते हैं?... एक और बात जो मैंने देखी वह यह है कि सिर्फ एक धर्म नहीं है जो साहस की बात करता है. सभी धर्म साहस की बात करते हैं।'
राहुल ने आगे कहा, खुद को हिंदू कहने वाले हिंसा-हिंसा कहते हैं। इस पर सदन में हंगामा होने लगा। तो गांधी ने आगे कहा कि यह इसलिए शोर कर रहे है क्योंकि तीर सही जगह पर लगा है।
राहुल ने कहा, 'हिंदुस्तान के इतिहास में तीन विचारों से काम होता है। मोदी ने एक दिन अपने इंटरव्यू में कहा कि हिंदुस्तान ने किसी पर कोई आक्रमण नहीं किया। उसका कारण यह है कि हिंदुस्तान अंहिसा का देश है। यह देश डर का देश नहीं है। हमारे सारे महापुरुषों ने अहिंसा और भय खत्म करने की बात कही है। शिवजी कहते हैं कि डरो मत, डराओ मत। अभय मुद्रा दिखाते हैं। मगर, जो लोग खुद को हिंदू कहते हैं, वे केवल हिंसा, घृणा, असत्य की बात करते हैं।'
#WATCH | Leader of Opposition in Lok Sabha, Rahul Gandhi says, "All our great men have spoken about non-violence and finishing fear...But, those who call themselves Hindu only talk about violence, hatred, untruth…Aap Hindu ho hi nahi…"
— ANI (@ANI) July 1, 2024
PM Modi is present in the House. pic.twitter.com/mdHtPI9TvL
स्पीकर ने बीच में रोका
इस पर स्पीकर बिरला ने कहा कि आप ऐसी बातें नहीं कर सकते हैं। राहुल गांधी की स्पीच के बीच में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खड़े हुए और बोले- 'पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहना एक गंभीर विषय है।' इसपर राहुल गांधी ने कहा कि हमने भाजपा को बोला है। भाजपा पूरा हिंदू समुदाय नहीं है। यहां सब हिंदू हैं। हंगामे के बीच उन्होंने आगे कहा, हिंदू हिंसा और नफरत नहीं फैला सकता। भाजपा 24 घंटे नफरत हिंसा, नफरत हिंसा फैलाता रहता है। इन्होंने कहां-कहां तक हिंसा फैला दी है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एलओपी राहुल गांधी को जवाब देते हुए कहा, 'विपक्ष के नेता ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जो लोग खुद को हिंदू कहते हैं वे हिंसा की बात करते हैं और हिंसा करते हैंय़ उन्हें नहीं पता कि करोड़ों लोग गर्व से खुद को हिंदू कहते हैं। हिंसा को किसी भी धर्म से जोड़ना गलत है।'
राहुल गांधी ने आगे कहा, 'अभयमुद्रा कांग्रेस का प्रतीक है। अभयमुद्रा निर्भयता का संकेत है, आश्वासन और सुरक्षा का संकेत है, जो भय को दूर करता है और हिंदू धर्म, इस्लाम में दैवीय सुरक्षा और आनंद प्रदान करता है. सिख धर्म, बौद्ध धर्म और अन्य भारतीय धर्म. हमारे सभी महापुरुषों ने अहिंसा और भय खत्म करने की बात की है, लेकिन, जो लोग खुद को हिंदू कहते हैं वे केवल हिंसा, नफरत, असत्य की बात करते हैं।'
राहुल ने एक बार फिर माइक पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यह माइक किसके हाथों में है। स्पीकर ने कहा कि आप बार-बार यह सवाल उठाते हैं।
मैंने अयोध्या शब्द बोला और माइक बंद हो गया
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा, 'मैंने अयोध्या शब्द बोला और माइक बंद हो गया।' उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या के लोगों ने भाजपा को जवाब दिया है। आजतक वहां के पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिला है। वहां की जनता के दिल में मोदी का भय है। उनकी जमीन ले ली और घर तोड़ दिए और यहां तक कि उन्हें मंदिर के बाहर तक नहीं जाने दिया। यहां तक कि नरेंद्र मोदी वाराणसी के लोगों को तक डराते हैं।
उन्होंने कहा कि मोदी अयोध्या के लोगों से लड़ना चाहते हैं।
पीएम मोदी ने बीच में बोलते हुए कहा, संविधान से मैंने सीखा कि मुझे विपक्ष के नेता को गंभीरता से लेना चाहिए। इस बीच, श्री राम, श्री राम के नारे लगे।
अग्निवीर पर यह कही बात
सशस्त्र बलों में प्रवेश के लिए अग्निवीर योजना पर बोलते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, 'एक अग्निवीर ने बारूदी सुरंग विस्फोट में अपनी जान गंवा दी, लेकिन उसे 'शहीद' नहीं कहा जाता है। अग्निवीर एक यूज एंड थ्रो मजदूर है। अग्निवीर को शहीद का दर्जा नहीं दिया जाता है। मैं उन्हें शहीद मानता हूं, लेकिन पीएम मोदी उन्हें शहीद नहीं मानते हैं। अग्निवीर को छह महीने की ट्रेनिंग देते हैं, जबकि चीन के जवान को पांच साल की ट्रेनिंग मिलती है। उसके दिल में भय डालते हैं। एक जवान को दूसरे जवान के सामने खड़ा करते हो। एक को पेंशन मिलेगी एक नहीं फिर ये अपने आपको देशभक्त कहते हैं।'
इस पर राजनाथ ने कहा कि सदन झूठ बोलने की जगह नहीं है। गलत बयानबाजी मत करिए। अगर ड्यूटी के दौरान किसी अग्निवीर की जान जाती है तो एक करोड़ का मुआवजा दिया जाता है।
नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि वह जानते हैं कि सच कौन बोल रहा है। हम अग्निवीर की योजना को हटा देंगे। अग्निवीर की सच्चाई सेना को पता है।
मणिपुर पर भी बोले कांग्रेस सांसद
मणिपुर हिंसा के बारे में सांसद राहुल ने कहा, 'ऐसा लगता है कि मणिपुर देश का हिस्सा ही नहीं। हमने कई बार कहा कि पीएम आप एक संदेश ही दे दीजिए। आप जाकर देखिए, लेकिन वह नहीं गए। इन लोगों के लिए मणिपुर है ही नहीं। न पीएम गए और न ही अमित शाह गए।'
उन्होंने कहा, 'मैं एक रिलीफ कैंप पर गया वहां एक महिला ने कहा कि मेरे आंखों के सामने मेरे बच्चे को मार डाला।' उन्होंने आगे कहा, पीएम मोदी ने एक दिन बोला कि उनका भगवान से सीधा कनेक्शन है। यह मैंने नहीं बोला पीएम मोदी ने बोला है। इस पर सदन में फिर हंगामा होने लगा।
स्पीकर ने कहा कि आपको पीएम मोदी का सम्मान करना चाहिए। राहुल ने कहा, 'मैं तो सम्मान कर ही रहा हूं। उन्होंने खुद ही बोला है कि उनका भगवान से संबंध है। शायद भगवान ही उन्हें लगातार संदेश देते हैं।' इस बीच उन्होंने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि देख लेना अबकी बार आपको गुजरात में हराएंगे।
नीट पेपर लीक पर राहुल का वार
राहुल गांधी ने कहा, 'नीट के छात्र अपनी परीक्षा की तैयारी में सालों-साल लगा देते हैं। उनका परिवार आर्थिक और भावनात्मक रूप से उनका समर्थन करता है और सच्चाई यह है कि नीट छात्र आज परीक्षा में विश्वास नहीं करते हैं क्योंकि वे आश्वस्त हैं कि परीक्षा अमीर लोगों के लिए बनाई गई है, मेधावी लोगों के लिए नहीं। मैं कई एनईईटी छात्रों से मिला हूं। उनमें से हर एक मुझे बताता है कि परीक्षा अमीर लोगों के लिए कोटा बनाने और सिस्टम में उनके लिए एक मार्ग बनाने के लिए डिजाइन की गई है और गरीब छात्रों की मदद करने के लिए नहीं बनाई गई है।'
#WATCH | Leader of Opposition in Lok Sabha, Rahul Gandhi says, "NEET students spend years and years preparing for their exam. Their family supports them financially, and emotionally and the truth is that NEET students today do not believe in the exam because they are convinced… pic.twitter.com/j6VcLq3i99
— ANI (@ANI) July 1, 2024
राहुल ने आगे कहा कि विपक्ष को अपना दुश्मन नहीं समझें। विपक्ष के हर दल का नेता मैं हूं। बड़े को झुककर नमस्कार करना मेरा कर्तव्य है। सदन में स्पीकर को झुकना नहीं चाहिए। अध्यक्ष को निष्पक्ष व्यवहार करना चाहिए।