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टिकटॉक पर अमेरिका से नहीं मिला था कोई अलर्ट, सीमा पर नापाक हरकत न करता तो चीनी एप पर नहीं लगता बैन!

Fri, 24 Jul 2020 08:41 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 24 Jul 2020 08:41 PM IST
सार

इस साल 17 मार्च को संसद सत्र के दौरान लोकसभा में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा था कि टिकटॉक पर बैन लगाने जैसी कोई सूचना सरकार की जानकारी में नहीं है...

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Loksabha questions answers revealed that US has not given any security alert on Banned Tiktok App
Tiktok - फोटो : For Refernce Only

विस्तार

चीनी फौज ने लद्दाख क्षेत्र में जब नापाक हरकत की तो भारत सरकार ने एक साथ कई मोर्चों पर जवाब देना शुरू कर दिया। भारत में खासे लोकप्रिय हो चुके टिकटॉक सहित 59 चीनी एप पर बैन लगा दिया गया। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने कई दूसरे फैसले भी ले लिए। चीनी कंपनियां अब सरकारी खरीद में हिस्सा नहीं ले पाएंगी, ये मोदी सरकार का अहम फैसला रहा है।
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सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों से कहा गया कि वे अपने मोबाइल फोन से चीनी एप तुरंत डिलीट कर दें। इससे सुरक्षा में सेंध लग सकती है। खास बात है कि इसी साल 17 मार्च को संसद सत्र के दौरान लोकसभा में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा था कि टिकटॉक पर बैन लगाने जैसी कोई सूचना सरकार की जानकारी में नहीं है। साथ ही अमेरिका से इस बारे में कोई अलर्ट नहीं मिला है।

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लोकसभा सदस्य डॉ. सुभाष सरकार ने यह सवाल पूछा था कि क्या टिकटॉक एप से देश के लिए इंटेलिजेंस संबंधी कोई खतरा है। यदि हां तो क्या सरकार को भारत में टिकटॉक के नकारात्मक प्रभाव के संबंध में संयुक्त राज्य अमेरिका से कोई खुफिया जानकारी मिली है। यदि हां, तो उसका तत्संबंधी ब्यौरा क्या है। सांसद डॉ. सुभाष ने अपने सवाल में यह भी पूछा कि क्या सरकार टिकटॉक एप पर प्रतिबंध लगाने का विचार कर रही है।
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यदि यह सही है तो उसका ब्यौरा दिया जाए। इसके जवाब में गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी ने जवाब देते कहा कि ऐसी कोई सूचना सरकार की जानकारी में नहीं है। प्रतिबंध लगाने की बात पर उन्होंने कहा, कि ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के पास नहीं है।

चीनी कंपनियों के लिए सख्त हुए नियम

इसके बाद जब चीन ने लद्दाख की गलवां घाटी में नापाक हरकत की तो भारत सरकार को कठोर कदम उठाने पड़े। विदेशी निवेश या कंपनियों के टेंडर आदि के नियम सख्त बना दिए गए। वित्त मंत्रालय के अंतर्गत व्यय विभाग ने भारत की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सरकारी खरीद पर एक विस्तृत आदेश जारी दिया।

केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को भी लिखा है कि सुरक्षा उपकरणों की खरीद में भारत के संविधान के अनुच्छेद 257 (1) के प्रावधानों को लागू किया जाए। इस तरह के मामलों के लिए राज्यों में सक्षम प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। इसके बावजूद उन्हें केंद्र सरकार से राजनीतिक और सुरक्षा अनुमति अनिवार्य तौर पर लेनी होगी।

इसका मतलब यह है कि विदेश जैसे चीन आदि देशों से भी कोई कंपनी किसी खरीद में बोली लगा सकती है, लेकिन इसके लिए उसे सक्षम प्राधिकारी के साथ रजिस्टर्ड होना पड़ेगा। किन कंपनियों का रजिस्ट्रेशन होगा, इसके लिए सक्षम प्राधिकरण उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग की तरफ से एक रजिस्ट्रेशन कमेटी गठित की जाएगी।

बोली लगाने के लिए कंपनियों को विदेश और गृह मंत्रालय से राजनीतिक व सुरक्षा मंजूरी अनिवार्य तौर पर लेनी होगी।

 

अमेरिकी सांसदों ने टिकटॉक को लेकर ट्रंप को लिखा था पत्र

चीनी कंपनी बाइट डांस की एप टिकटॉक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर प्रतिबंध लगाने की कोशिशों का समर्थन करते हुए अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप को पत्र लिखा था। इसमें कहा गया कि भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरे के मद्देनजर टिकटॉक समेत चीनी एप्स पर प्रतिबंध लगाकर एक निर्णायक पहल की है।

ऐसे लोकप्रिय एप्स की डाटा एकत्रित करने की प्रक्रिया चीन के सख्त साइबर सुरक्षा कानूनों से जुड़ी है। इसमें चीन में काम करने वाली सभी कंपनियां, जिनमें टिकटॉक की मूल कंपनी बाइट डांस भी शामिल है, उसे सीसीपी अधिकारियों के साथ यूजर्स का डाटा साझा करना पड़ता है।

यह अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ मार्क मीडोज ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिमों की निगरानी करने वाले प्रशासन के कई अधिकारी ऐसे हैं, जो टिकटॉक, वीचैट और अन्य चीनी एप्स को राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम की संभावना के रूप में देखते हैं। इन अधिकारियों का मानना है कि ये एप्स अमेरिकी नागिरकों की जानकारी को एकत्रित करते हैं।

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