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ये पुराना कार्यालय बना भाजपा का वॉर रूम, बन रही लोकसभा चुनाव की रणनीति

Wed, 23 Jan 2019 04:39 AM IST
संदीप भट्ट शरद गुप्ता, अमर उजाला, नई दिल्ली
शरद गुप्ता, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संदीप भट्ट Updated Wed, 23 Jan 2019 04:39 AM IST
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Loksabha Election 2019: The old office of Ashok Road become BJP War Room
दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित भारतीय जनता पार्टी का नया केंद्रीय कार्यालय भले ही भव्य हो और अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हो लेकिन 11, अशोक मार्ग स्थित पुराना कार्यालय भी उजाड़ और सुनसान नहीं है। वहां सुरक्षा का पहरा पहले से ज्यादा कड़ा है और कुछ ख़ास लोगों को ही उसमें प्रवेश करने की अनुमति है। आखिर दो महीने बाद शुरू होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी का वॉर रूम जो यहां बनाया गया है।
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चुनाव के लिए न सिर्फ भाजपा की रणनीति यहां बन रही है बल्कि उसे अमली जामा भी यहीं पहनाया जा रहा है। अखबार, टीवी और समाचार पोर्टल से लेकर सोशल मीडिया तक पर निगाह रखी जा रही है। प्रतिदिन नए मुद्दे तलाश किए जा रहे हैं। उन मुद्दों पर अपने पक्ष के समर्थन में तथ्य जुटाए जा रहे हैं। साथ ही विपक्षी दलों के संभावित तर्क और उनकी काट भी यहीं तैयार हो रही है।
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यहीं तय होता है कि किस टीवी चैनल पर भाजपा का पक्ष कौन रखेगा और उनके तर्क क्या होंगे। वहां यह भी तय किया जाता है कि प्रेस कांफ्रेंस कौन संबोधित करेगा और उसका विषय किया होगा। नेताओं और प्रवक्ताओं के प्रदर्शन का फ़ीडबैक के आधार पर मूल्याँकन भी यहीं किया जा रहा है। यही वह वजह है कि सभी टीवी चैनलों पर छाए रहने वाले भाजपा प्रवक्ता डा संबित पात्रा अब दिखाई नहीं पड़ रहे हैं।
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यही नहीं वरिष्ठ नेताओं के दौरे और कार्यक्त्रस्म भी वॉर रूम में ही तय होंगे। चूंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की जनसभाओं की ज्यादा मांग होगी इसलिए कार्यक्त्रस्म ऐसे तय किए जाएंगे जिससे कि वे कम से कम समय में ज्यादा सभाएं संबोधित कर लें।

कैप्टन शाह

वॉर रूम का संचालन पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में किया जा रहा है और आईटी सेल के प्रभारी अनिल मालवीय और मीडिया सेल के प्रभारी अनिल बलूनी की इनमें प्रमुख भूमिका है। कई केंद्रीय मंत्रियों और पदाधिकारियों को अलग अलग ज़िम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

यह है वजह

पार्टी के नए मुख्यालय में प्रवेश के बाद ही कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी होने के बाद भी बीजेपी सरकार नहीं बना पाई और मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ और राजस्थान में बहुत कम अंतर से चूक गई। उसके बाद ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का निधन हो गया जबकि सुषमा स्वराज, अरुण जेटली और मनोहर परिक्कर को गंभीर बीमारियों से जूझना पड़ा। इसीलिए पार्टी ने अशोक रोड स्थित कार्यालय को खाली करने की जगह उसमें वॉर रूम बनाने का फैसला किया।

पहले यहां था

पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा का वॉर रूम गोवा के वरिष्ठ नेता श्रीपद यस्सो नायक के लोदी एस्टेट स्थित आवास पर बनाया गया था जबकि उससे पहले वह अनंत कुमार के आवास पर हुआ करता था। कांग्रेस ने अपना वॉर रूम गुरुद्वारा रकाबगंज रोड पर स्थापित किया है। 

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