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Hindi News ›   India News ›   Lokmanthan-Bhagyanagar 2024 President Murmu will inaugurate the four-day cultural Maha Kumbh

लोकमंथन-भाग्यनगर 2024: चार दिवसीय संस्कृति महाकुंभ का राष्ट्रपति मुर्मू करेंगी उदघाटन, 21 नवंबर से शुरुआत

Wed, 13 Nov 2024 08:59 PM IST
ज्योति भास्कर डॉ. देवकुमार पुखराज
डॉ. देवकुमार पुखराज Published by: ज्योति भास्कर Updated Wed, 13 Nov 2024 08:59 PM IST
सार

लोकमंथन-भाग्यनगर 2024 शीर्षक से चार दिवसीय संस्कृति महाकुंभ का आयोजन हैदराबाद में किया जाना है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इसका उदघाटन करेंगी। 21 नवंबर से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में 10 देशों के मूलवासी सहभागी होंगे।

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Lokmanthan-Bhagyanagar 2024 President Murmu will inaugurate the four-day cultural Maha Kumbh
लोकमंथन- भाग्यनगर-2024 का राष्ट्रपति उद्घाटन करेंगी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भाग्यनगर के नाम से प्रसिद्ध हैदराबाद शहर एक वैश्विक सांस्कृतिक महोत्सव का साक्षी बनने जा रहा है। शहर के हाईटेक सिटी स्थित शिल्पकला वेदिका का विशाल प्रांगण लोकमंथन-भाग्यनगर-2024 के लिये सजने लगा है। इसी परिसर में 21 से 24 नवंबर के बीच लोकमंथन के नाम से ऐसा ग्लोबल सांस्कृतिक महोत्सव होने जा रहा है, जिसमें देश और दुनिया की सांस्कृतिक छटा के विविध रंग बिखरने वाले हैं। 22 नवंबर को महोत्सव का विधिवत उदघाटन भारत की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू जी करने वाली हैं।
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लोकमंथन है जे. नंदकुमार की संकल्पना
लोकमंथन जिस वैचारिक संस्था की उपज है, उसका नाम है- प्रज्ञा प्रवाह। उसी प्रज्ञा प्रवाह के राष्ट्रीय संयोजक हैं जे. नंदकुमार जी। लोकमंथन का विचार जे. नंदकुमार जी की बौद्धिक परिकल्पना का सार्थक परिणाम है। समाज जीवन के विविध क्षेत्रों में वर्षों तक पूर्णकालिक बनकर घूम रहे नंदकुमार के पास उम्र और अनुभव का खजाना है। वे भारतीय संस्कृति के विविध रुपों और आयामों से गहरे तौर पर जुड़े हैं। बातचीत के दौरान उनकी समझ से कोई भी प्रभावित हुए बिना नहीं रहता। उपर से सादगी मन मोह लेती है।
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पिछले कई दिनों से नंदकुमार जी अपनी उसी परिकल्पना को साकार स्वरुप प्रदान करने के लिए हैदराबाद में डेरा डाले हुए हैं। उनके साथ प्रतिबद्ध कार्यकर्ताओं की विशाल टोली दिन-रात महोत्सव को सफल बनाने में जुटी है।
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औपनिवेशिक मानसिकता अभी भी प्रभावी
राष्ट्रीय संयोजक जे नंदकुमार बताते हैं- “भारत को औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त कराना और उसकी प्राचीन कला- संस्कृति के उदात्त पक्षों से दुनिया को अवगत कराना ही लोकमंथन का मूल उद्देश्य है। अबतक भोपाल, रांची, गुवाहाटी में इसके आयोजन हो चुके हैं। हैदराबाद इस साल चौथे लोकमंथन के आयोजन का गवाह बन रहा है”।

राष्ट्रपति मुर्मू करेंगी उदघाटन
जे. नंदकुमार ने बताया कि 21 नवंबर को पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू के हाथों प्रदर्शनी का उदघाटन होगा। उसी दिन कई बड़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी। प्रज्ञा प्रवाह के इस वैश्विक आयोजन में दस देशों के मूलवासी अपनी लोक संस्कृति को प्रदर्शित करेंगे। प्रदर्शनी में उन देशों सहित भारत के अलग-अलग प्रदेशों के खान-पान के स्टॉल भी रहने वाले हैं।


दूसरे दिन यानि 22 नवंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी महोत्सव का विधिवत उदघाटन करेंगी। अंतिम दिन आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन राव जी भागवत मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित रहेंगे। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण, गजेन्द्र सिंह शेखावत, राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, राज्यपाल आचार्य देवव्रत जैसे अनेक नामचीन लोग सम्मेलन के दौरान उपस्थित रहने वाले हैं। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी आयोजन समिति के अध्यक्ष हैं।
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