लोकसभा अध्यक्ष की विदेश यात्रा: ओम बिरला बोले- भारत और कंबोडिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार को और अधिक बढ़ाने की जरूरत
लोकसभा अध्यक्ष बोले- कंबोडिया को खमेररौज के पश्चात मान्यता देने वाला भारत पहला लोकतांत्रिक देश था, जो यह दर्शाता है कि हमारे संबंध कितने प्रगाढ़ हैं। उन्होंने संतोष जताया कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में कंबोडिया हमारी ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और आसियान के साथ और अधिक आर्थिक सहयोग के संदर्भ में एक अहम साझेदार है...
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नेतृत्व में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को नोम पेन्ह (कंबोडिया) पहुंचा। जहां कंबोडिया यात्रा के पहले दिन लोकसभा अधयक्ष ने सम्राट महामहिम नोरोडोम सिहामौनी से मुलाक़ात की। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत और कंबोडिया के बीच आर्थिक एवं व्यापारिक सहयोग भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति, भारत-आसियान सहयोग ढ़ांच और मेकांग-गंगा सहयोग पर आधारित है। उन्होंने सम्राट को बताया कि इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच संसदीय सहयोग को और अधिक बढ़ाना है। इस प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को ही वियतनाम की अपनी तीन दिवसीय यात्रा का समापन किया है।
इस दौरान लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि 2022 दोनों देशों के लिए विशेष है क्योंकि वर्ष 1952 में हमारे राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद सात दशक पूरे हो चुके हैं। इस दौरान भारत ने कंबोडिया की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हमेशा अपना समर्थन एवं सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि कंबोडिया को खमेररौज के पश्चात मान्यता देने वाला भारत पहला लोकतांत्रिक देश था, जो यह दर्शाता है कि हमारे संबंध कितने प्रगाढ़ हैं। उन्होंने संतोष जताया कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में कंबोडिया हमारी ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और आसियान के साथ और अधिक आर्थिक सहयोग के संदर्भ में एक अहम साझेदार है।
स्पीकर ओम बिरला ने कंबोडिया का धन्यवाद करते हुए कहा कि उसने सदैव संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न निकायों और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में भारत का समर्थन किया है, जिसमें आसियान के भीतर समर्थन और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् की स्थायी सदस्यता के लिए हमारी उम्मीदवारी का समर्थन भी शामिल है। उन्होंने कंबोडिया को आसियान की अध्यक्षता मिलने पर बधाई दी और आश्वासन दिया कि भारत वर्ष 2022 में कंबोडिया की आसियान की अध्यक्षता को सफल बनाने में पूर्ण समर्थन और सहायता देगा।
कंबोडिया किंगडम सीनेट के प्रेसीडेंट सई छुम से मुलाक़ात के दौरान बिरला ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि नेशनल असेंबली और सीनेट में भारत-कंबोडिया संसदीय मैत्री समूह का गठन हो चुका है। भारत की संसद भी मैत्री समूहों का गठन कर रही है ताकि हमें एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने, द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने और सहयोग के नए क्षेत्रों को खोलने में मदद मिल सके।
उनके साथ गए इस प्रतिनिधिमंडल में लोकसभा सांसद रवनीत सिंह, लॉकेट चटर्जी, शर्मिष्ठा सेठी के अलावा राज्यसभा सांसद सरोज पांडे, डा. सांतनु सेन और लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह गए हुए हैं। इससे पहले, लोकसभा अध्यक्ष ने स्वर्गीय राजा फादर नोरोडोम सिहानोक को श्रद्धांजलि अर्पित की और कंबोडिया को मुक्त करने में उनकी उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने स्वतंत्रता स्मारक पर भी माल्यार्पण किया और कंबोडिया के स्वतंत्रता सेनानियों और युद्ध नायकों को श्रद्धांजलि दी।