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TMC-NCPI Merger: क्या आज टीएमसी के बागी सांसदों का NCPI में विलय? लोकसभा स्पीकर बिरला की घोषणा पर टिकी नजरें
Mon, 20 Jul 2026 07:33 AM IST
अमन तिवारी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: अमन तिवारी
Updated Mon, 20 Jul 2026 07:33 AM IST
सार
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सोमवार सुबह यानी आज टीएमसी के 20 बागी सांसदों के एनसीपीआई में विलय पर फैसला ले सकते हैं। इन सांसदों ने पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के बाद बगावत की थी। ये सभी सांसद अब भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए में शामिल होना चाहते हैं।
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TMC और NCPI के विलय पर फैसला आज
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सोमवार सुबह तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 20 बागी सांसदों के राष्ट्रवादी सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय के प्रस्ताव पर फैसला ले सकते हैं। सरकारी सूत्रों ने यह जानकारी दी है। संसद का मानसून सत्र आज सुबह 11 बजे शुरू होगा। इससे पहले ही अध्यक्ष अपना फैसला सुना सकते हैं।
शनिवार को लिया था शिवसेना पर फैसला
इससे पहले शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ने शिवसेना (यूबीटी) के छह बागी सांसदों के एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में विलय को मंजूरी दी थी। लेकिन उन्होंने टीएमसी के बागी सांसदों पर फैसला टाल दिया था। हालांकि, उन्होंने बागी टीएमसी सांसदों को मूल पार्टी के सांसदों से अलग बैठने के लिए सीटें देने की मंजूरी दे दी है।
रविवार को सौंपे गए जरूरी दस्तावेज
सूत्रों के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष ने बागी सांसदों से कुछ दस्तावेज मांगे थे। इनमें चुनाव आयोग में एनसीपीआई के रजिस्ट्रेशन का सबूत भी शामिल था। वरिष्ठ नेता काकोली घोष दस्तीदार ने रविवार शाम को ये दस्तावेज अध्यक्ष के दफ्तर को सौंप दिए। सूत्रों के अनुसार, अध्यक्ष का दफ्तर इन दस्तावेजों की जांच कर चुका है और उसने अपनी राय दे दी है। उम्मीद है कि बिड़ला सोमवार सुबह 11 बजे मानसून सत्र शुरू होने से पहले TMC के बागी सांसदों के बारे में अपना फैसला सार्वजनिक करेंगे।
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क्यों हुई टीएमसी में बगावत?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार हुई थी। इसके बाद पार्टी के 28 में से 20 सांसदों ने बगावत कर दी थी। ये सभी सांसद एनसीपीआई में शामिल हो गए। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को एक याचिका देकर एनसीपीआई को राजनीतिक दल के रूप में मान्यता देने की मांग की है। ये बागी सांसद भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए में शामिल होना चाहते हैं।
ये भी पढ़ें: आज से संसद का मानसून सत्र: विपक्ष को झटका, परिसीमन बिल पर सरकार-DMK एक साथ! क्या NDA दो-तिहाई बहुमत के करीब?
सर्वदलीय बैठक में हंगामा
इस बीच, रविवार को सरकार के बुलावे पर काकोली घोष दस्तीदार और सुदीप बंद्योपाध्याय ने एनसीपीआई के प्रतिनिधियों के रूप में सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लिया। उनके बैठक में आने से पूरा विपक्ष नाराज हो गया। विरोध में विपक्ष ने कुछ देर के लिए बैठक से वॉकआउट किया, लेकिन बाद में वे चर्चा में शामिल होने के लिए वापस आ गए।
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शनिवार को लिया था शिवसेना पर फैसला
इससे पहले शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ने शिवसेना (यूबीटी) के छह बागी सांसदों के एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में विलय को मंजूरी दी थी। लेकिन उन्होंने टीएमसी के बागी सांसदों पर फैसला टाल दिया था। हालांकि, उन्होंने बागी टीएमसी सांसदों को मूल पार्टी के सांसदों से अलग बैठने के लिए सीटें देने की मंजूरी दे दी है।
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रविवार को सौंपे गए जरूरी दस्तावेज
सूत्रों के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष ने बागी सांसदों से कुछ दस्तावेज मांगे थे। इनमें चुनाव आयोग में एनसीपीआई के रजिस्ट्रेशन का सबूत भी शामिल था। वरिष्ठ नेता काकोली घोष दस्तीदार ने रविवार शाम को ये दस्तावेज अध्यक्ष के दफ्तर को सौंप दिए। सूत्रों के अनुसार, अध्यक्ष का दफ्तर इन दस्तावेजों की जांच कर चुका है और उसने अपनी राय दे दी है। उम्मीद है कि बिड़ला सोमवार सुबह 11 बजे मानसून सत्र शुरू होने से पहले TMC के बागी सांसदों के बारे में अपना फैसला सार्वजनिक करेंगे।
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क्यों हुई टीएमसी में बगावत?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार हुई थी। इसके बाद पार्टी के 28 में से 20 सांसदों ने बगावत कर दी थी। ये सभी सांसद एनसीपीआई में शामिल हो गए। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को एक याचिका देकर एनसीपीआई को राजनीतिक दल के रूप में मान्यता देने की मांग की है। ये बागी सांसद भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए में शामिल होना चाहते हैं।
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सर्वदलीय बैठक में हंगामा
इस बीच, रविवार को सरकार के बुलावे पर काकोली घोष दस्तीदार और सुदीप बंद्योपाध्याय ने एनसीपीआई के प्रतिनिधियों के रूप में सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लिया। उनके बैठक में आने से पूरा विपक्ष नाराज हो गया। विरोध में विपक्ष ने कुछ देर के लिए बैठक से वॉकआउट किया, लेकिन बाद में वे चर्चा में शामिल होने के लिए वापस आ गए।