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Hindi News ›   India News ›   Lok Sabha passes New Delhi International Arbitration Centre Bill 2019

लोकसभा ने अंतरराष्ट्रीय माध्यस्थम केंद्र विधेयक 2019 को मंजूरी दी

Wed, 10 Jul 2019 10:09 PM IST
अमर शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Wed, 10 Jul 2019 10:09 PM IST
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Lok Sabha passes New Delhi International Arbitration Centre Bill 2019
रविशंकर प्रसाद - फोटो : Twitter
लोकसभा ने बुधवार को नयी दिल्ली अंतरराष्ट्रीय माध्यस्थम केंद्र को संस्थागत मध्यस्थता का केंद्र बनाने और उसे राष्ट्रीय महत्व की संस्था घोषित करने के प्रावधान वाले नयी दिल्ली अंतरराष्ट्रीय माध्यस्थम केंद्र विधेयक 2019 को मंजूरी दे दी ।
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विधेयक पर हुयी चर्चा का जवाब देते हुए विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह विधेयक भारत को वैश्विक और घरेलू मध्यस्थता का बड़ा केंद्र बनाने के लिए लाया गया है।
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उन्होंने कहा, ‘‘सरकार की सोच है कि देश में अच्छे युवा वकील होने चाहिए जो मध्यस्थों का काम करें, देश में अच्छे शिक्षक हों जो मध्यस्थता की शिक्षा दें।’ प्रसाद ने कहा कि अगर हम इस केंद्र को सफल बनाना चाहते हैं तो हमें ईमानदार होना पड़ेगा।
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उन्होंने केंद्र की स्वायत्तता की चिंता पर कहा कि यह केंद्र स्वायत्त होगा। मध्यस्थता केंद्र में जानेमाने न्यायाधीशों, तकनीक के जानकारों, बड़ी कंपनी के सीईओ आदि विभिन्न वर्गों के विशेषज्ञों को मध्यस्थ नियुक्त करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए।

कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आईयूएमएल, तेदेपा और आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन समेत लगभग सभी सदस्यों ने विधेयक का समर्थन जताया।

प्रसाद ने कहा कि खुशी की बात है कि इस विधेयक को सर्वसम्मति से सभी ने समर्थन दिया है।

एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी की कुछ आपत्तियों पर प्रसाद ने कहा कि हम मानते हैं कि ओवैसी हमारी सरकार के कामों से इत्तेफाक नहीं रखते लेकिन उन्हें कभी तो अच्छाई देख लेनी चाहिए।


मंत्री के जवाब के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के पीपी चौधरी, इसी पार्टी की मीनाक्षी लेखी ने कुछ स्पष्टीकरण मांगे।

प्रसाद के जवाब के बाद सदन ने विपक्ष के सभी संशोधनों एवं सांविधिक संकल्प को अस्वीकार करते हुए ध्वनिमत से विधेयक को मंजूरी दे दी।

सदन में कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी, एन के प्रेमचंद्रन, डा. शशि थरूर, प्रो. सौगत राय ने इस विषय पर एक सांविधिक संकल्प पेश किया था जिसमें कहा गया कि यह सभा राष्ट्रपति द्वारा 2 मार्च 2019 को प्रख्यापित नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय माध्यस्थम केंद्र अध्यादेश 2019 का निरनुमोदन करती है।
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