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मानसून सत्र: किसी एक सरकारी साधारण बीमा कंपनी की हिस्सेदारी बेचने को लोकसभा की हरी झंडी

Tue, 03 Aug 2021 02:54 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Tue, 03 Aug 2021 02:54 AM IST
सार

  • हंगामे के बीच साधारण बीमा व्यवसाय (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक 2021 पारित
  • वित्तमंत्री ने कहा, पॉलिसीधारकों के हितों व सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह संशोधन जरूरी हैं।

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Lok Sabha passes general Insurance Business Nationalisation Amendment Bill
संसद भवन (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्र को देश की चार सरकारी साधारण बीमा कंपनियों में से किसी एक की हिस्सेदारी निजी क्षेत्र को बेचने के लिए लोकसभा की हरी झंडी मिल गई।

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पेगासस जासूसी मामले में चर्चा की मांग पर अड़े विपक्ष के शोर शराबे के बीच लोकसभा ने साधारण बीमा व्यवसाय (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक 2021 को ध्वनिमत से पारित कर दिया।
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इसके अलावा अध्यादेश से जुड़ा एक बिल भी पेश हुआ। मानसून सत्र के तीसरे हफ्ते की शुरुआत भी हंगामे के साथ हुई और तीन बार के व्यवधान के बाद लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
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वित्तमंत्री ने आम बजट में सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंक और एक साधारण बीमा कंपनी में कम से कम 51 फीसदी हिस्सेदारी के प्रावधान को खत्म करने का बड़ा एलान किया था। लोकसभा से पास बिल में इसके प्रावधान हैं।

सीतारमण  ने सदन को बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र के साधारण बीमा कंपनियों को भारतीय बाजार से संसाधन उपलब्ध कराने के इरादे से यह बिल पेश किया जा रहा है। निजी भागीदारी बढ़ने से कंपनियां नई योजनाएं लेकर आएंगी। वित्तमंत्री ने कहा, पॉलिसीधारकों के हितों व सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह संशोधन जरूरी हैं।

किस कंपनी की हिस्सेदारी बिकेगी यह अभी तय नहीं
वर्तमान में देश की चार सरकारी साधारण बीमा कंपनियां हैं, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और दि यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड। नए बिल के तहत किस कंपनी की हिस्सेदारी बेची जाएगी सरकार ने यह अब तक तय नहीं।

कई अपीलीय न्यायाधिकरणों को खत्म करने वाला बिल पेश
प्रश्नकाल के बाद दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अध्यादेश से जुड़ा अधिकरण सुधार (सुव्यवस्थीकरण और सेवा शर्तें) विधेयक पेश किया। उन्होंने कहा, जरूरी सुधार के लिए इस विधेयक में कई अपीलीय प्राधिकरणों को खत्म कर उनकी जिम्मेदारियां न्यायिक संस्थाओं को देने का प्रावधान है।

इसमें सिनेमेटोग्राफी अधिनियम 1952, सीमा शुल्क अधिनियम 1962, भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण अधिनियम 1994, ट्रेड मार्क अधिनियम 1999, पौधों की किस्मों एवं किसानों के अधिकारों के संरक्षण संबंधी अधिनियम 2013 आदि के कुछ प्रावधानों में संशोधन करने का उपबंध किया गया है। इससे एक सरल और व्यावहारिक रास्ता तैयार होगा।

अध्यादेश के दो विधेयकों पर आज लग सकती है मुहर

 इस बिल पर मंगलवार को मुहर लग सकती है। इसके अलावा सत्ता पक्ष की राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एवं आसपास में वायु गुणवत्ता प्रबंध के लिए आयोग विधेयक को पास कराने की भी कोशिश रहेगी।

सरकार को छह अध्यादेशों से जुड़े विधेयकों पर संसद की मंजूरी लेनी है। लोकसभा में अब तक इससे जुड़े दो आवश्यक रक्षा सेवा और दिवालियापन शोधन अक्षमता कानून संशोधन विधेयक ही पारित हुए हैं।

हंगामे के बीच 38 मिनट चला प्रश्नकाल
विपक्ष के शोर शराबे के बीच सोमवार को लोकसभा में प्रश्नकाल 38 मिनट तक चला। इसके बाद कार्यवाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित किया गया। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर अधिकरण सुधार विधेयक पेश होने के बाद सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

बिरला ने फिर दिलाई कर्तव्य की याद
स्पीकर ने सदन में हंगामे पर फिर से नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, मानसून सत्र में बीते दो हफ्ते की कार्यवाही बाधित रही है। इसके कारण करोड़ों रुपये बर्बाद हुए हैं। सदन चर्चा, संवाद और लोगों के अभावों को सामने लाने का अहम माध्यम है। सांसदों का व्यवहार देश और समाज को दिशा देता है। नारेबाजी और तख्तियां लहराए जाना संसदीय मर्यादा और मूल्यों का अपमान है।

अंतर्देशीय जलमार्ग विधेयक राज्यसभा में पास
अंतर्देशीय जलमार्ग एवं नेविगेशन के नियमों में एकरूपता लाने के लिए कानून बनाने पर संसद की मुहर लग गई। राज्यसभा ने विपक्ष के हंगामे के बीच  सोमवार को अंतर्देशीय जलमार्ग विधेयक 2021 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। लोकसभा पहले ही इस बिल को मंजूरी दे चुकी है।

बिल पास होने के तुरंत बाद हंगामे को देखते हुए उच्च सदन की कार्यवाही मंगलवार तक स्थगित कर दी गई। उपसभापति हरिवंश दोपहर बाद कार्यवाही शुरू करते हुए दो विधेयक पेश करने की अनुमति दी।

इसके बाद केंद्रीय आदिवासी मामलों की मंत्री रेणुका सिंह ने संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (संशोधन) विधेयक 2021 पेश किया।  वहीं बंदरगाह, नौवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने अंतर्देशीय जलमार्ग विधेयक पेश किया।

विपक्षी सदस्यों ने वेल में जाकर कागज फाड़कर हवा में उड़ाए
बिल पर चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए और कागज फाड़कर हवा में उड़ाए। इससे पहले दिन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस व टीएमसी सदस्यों ने जासूसी मामले में चर्चा की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया।

सभापति वेंकैया नायडू ने कहा, वह किसान आंदोलन के मुद्दे पर चर्चा कराना चाहते हैं लेकिन इसके लिए विपक्ष को हंगामा बंद कर सदन चलने देना होगा। हालांकि विपक्षी सांसद नहीं माने तो नायडू ने सदन 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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