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मौजूदा सत्र में 20 वर्षों में सबसे अधिक कामकाज, आम बजट पर 17 तो रेलवे के लिए 13 घंटे चर्चा
Fri, 19 Jul 2019 04:28 AM IST
Nilesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nilesh Kumar
Updated Fri, 19 Jul 2019 04:28 AM IST
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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला(File Photo)
- फोटो : PTI
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17वीं लोकसभा के मौजूदा सत्र के दौरान पिछले 20 साल में सबसे अधिक कामकाज हुआ है। पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के अनुसार, निचले सदन में मंगलवार तक कामकाज का स्तर 128 प्रतिशत रहा है।
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को सदन को बताया कि सदस्यों ने 17 घंटे आम बजट, 13 घंटे रेलवे के लिये अनुदान मांगों और 7.44 घंटे सड़क एवं परिवहन के लिये अनुदान मांगों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सदस्यों ने ग्रामीण विकास और कृषि मंत्रालयों के लिये अनुदान मांगों पर 10.36 घंटे तथा खेल एवं युवा मामलों के मंत्रालय से संबंधित मुद्दों पर 4.14 घंटे चर्चा की।
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पिछले कुछ दिनों से लोकसभा में शून्यकाल नहीं होने के चलते बिरला ने सदस्यों को विशेष महत्व के मुद्दे शाम करीब छह बजे उठाने की अनुमति दी। गुरुवार को विस्तारित शून्यकाल हुआ जिसमें बहुत से सदस्यों ने अपने तात्कालिक लोक महत्व के मुद्दे उठाए।
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पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के अनुसार लोकसभा अपने तय समय से अधिक काम कर रही है और उसने विधायी कार्यों को पूरा करने के लिये दो बार मध्यरात्रि तक काम किया है। रिसर्च के अनुसार, इस सत्र में लोकसभा अपने तय समय से अधिक काम कर रही है। 16 जुलाई 2019 तक लोकसभा के कामकाज का स्तर 128 प्रतिशत रहा, जो पिछले 20 वर्षों में किसी भी सत्र में सबसे अधिक है।
इसी प्रकार राज्यसभा में भी अपेक्षाकृत अधिक कामकाज हुआ है, जहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन लोकसभा की तरह बहुमत में नहीं है। पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के अनुसार उच्च सदन के कामकाज का स्तर मंगलवार तक 98 प्रतिशत रहा। संसद का सत्र 17 जून से शुरू हुआ था और यह 26 जुलाई को समाप्त होगा।