..जब प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा था- ''वाराणसी को किसी बाहरी नेता की जरूरत नहीं है''
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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय गढ़ में उनकी घेराबंदी के लिए तैयार है। प्रियंका वाराणसी दौरे पर हैं और सबकी नजर उन पर टिकी हुई है कि कैसे वह यहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ दहाड़ती हैं? दरअसल, प्रियंका को पार्टी के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार करने के लिए जाना जाता है। इससे पहले भी वह लगातार रायबरेली और अमेठी में अपने भाषणों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खरी-खरी सुना चुकी हैं। वह हंसते-मुस्कराते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी विकास को लेकर चुटकी ले चुकी हैं। और अमेठी के विकास से वाराणसी के विकास की तुलना कर चुकी हैं। साल 2014 में जब से भारतीय जनता पार्टी केंद्र में आई है तब से ही प्रियंका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आक्रमक बोली के जरिए घेरने के लिए मशहूर हैं। वह भी तब जब कांग्रेस पार्टी के भीतर उनके पास किसी राजनीतिक प्रभार की जिम्मेदारी नहीं थी।
करीब दो साल पहले रायबरेली के अपने एक भाषण में प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बाहरी तक कह डाला था। इस वक्त प्रियंका गांधी पर पूर्वी उत्तर प्रदेश के 41 निर्वाचन क्षेत्रों का प्रभार है। पिछले पांच सालों में कांग्रेस ने पहली बार इस साल प्रियंका गांधी को पार्टी की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। इससे पहले तक प्रियंका पार्टी के चुनावी रैलियों में सक्रिय तौर पर भाग तो लेती थीं, लेकिन पार्टी के भीतर किसी भी तरह की जिम्मेदारी से उन्मुक्त थीं। कांग्रेस प्रियंका गांधी के जरिए पांच साल पहले हुई अपनी करारी हार को साल 2019 के लोकसभा चुनाव में संभावित जीत में तब्दील करने के लिए उत्सुक है।
जब प्रधानमंत्री ने कहा था- मैं यूपी का गोद लिया बेटा हूं तब प्रियंका ने दिया था ये जवाब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2017 में उत्तर प्रदेश में एक चुनावी जनसभा में कहा था कि
''मैं गुजरात में पैदा हुआ, उत्तर प्रदेश ने मुझे गोद ले लिया और मैं ऐसा बेटा नहीं हूं जो माई- बाप को छोड़ दे। यह गोद लिया बेटा भी उत्तर प्रदेश की चिंता करेगा।''