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गडकरी बोले- भाजपा को मिलेगा पूर्ण बहुमत, मोदी फिर बनेंगे प्रधानमंत्री
Tue, 09 Apr 2019 07:55 PM IST
Trainee Trainee
भाषा, नागपुर
भाषा, नागपुर
Published by: Trainee Trainee
Updated Tue, 09 Apr 2019 07:55 PM IST
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nitin gadkari
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केंद्रीय मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी ने कहा है कि उनकी पार्टी 11 अप्रैल से शुरू हो रहे लोकसभा चुनाव में बहुमत प्राप्त करेगी और नरेन्द्र मोदी दोबारा प्रधानमंत्री बनेंगे। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने पीटीआई भाषा को दिए साक्षात्कार में कहा कि लोकतंत्र में विभाग प्रधानमंत्री आवंटित करता है। गडकरी ने कहा कि किसी मंत्री को विभाग देना प्रधानमंत्री का अधिकार और विशेषाधिकार है। मुझे विश्वास है कि प्रधानमंत्री को बहुमत मिलेगा और मोदीजी दोबारा प्रधानमंत्री बनेंगे।
लोकसभा चुनावों से पहले राजनीतिक गलियारों में इन अटकलों का बाजार गर्म है कि अगर विखंडित जनादेश आया तो गडकरी भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हो सकते हैं। इन अटकलों की शुरुआत पिछले साल दिसंबर से तब हुई थी जब किसान नेता व वसंतराव नाइक शेति स्वावलम्बन मिशन के अध्यक्ष किशोर तिवारी ने मांग की थी कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अगर चुनाव जीतना चाहता है तो उसे मोदी की जगह गडकरी को लाना चाहिए।
इस धारणा को तब और बल मिला जब संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में कांग्रेस के सदस्यों ने देश की आधारभूत संरचान की बेहतरी के लिए किए गए शानदार काम को लेकर गडकरी की सराहना की थी। माना जाता है कि गडकरी को आरएसएस का समर्थन प्राप्त है। लेकिन गडकरी ने इस प्रकार की किसी महत्वकांक्षा से इंकार किया था।
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यह पूछे जाने पर कि सरकार की कल्याणकारी नीतियों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए क्या पार्टी के कुछ बड़बोले नेता जिम्मेदार हैं, उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक भाजपा ने भाषा के संयमित प्रयोग के लिए हमेशा कदम उठाए हैं। गडकरी ने कहा कि आधिकारिक प्रवक्ता जिम्मेदार हैं (पार्टी का रुख रखने के लिए)। कई बार मीडिया का कुछ वर्ग अधिक विवाद उत्पन्न करने में रुचि रखता है।
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लोकसभा चुनावों से पहले राजनीतिक गलियारों में इन अटकलों का बाजार गर्म है कि अगर विखंडित जनादेश आया तो गडकरी भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हो सकते हैं। इन अटकलों की शुरुआत पिछले साल दिसंबर से तब हुई थी जब किसान नेता व वसंतराव नाइक शेति स्वावलम्बन मिशन के अध्यक्ष किशोर तिवारी ने मांग की थी कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अगर चुनाव जीतना चाहता है तो उसे मोदी की जगह गडकरी को लाना चाहिए।
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इस धारणा को तब और बल मिला जब संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में कांग्रेस के सदस्यों ने देश की आधारभूत संरचान की बेहतरी के लिए किए गए शानदार काम को लेकर गडकरी की सराहना की थी। माना जाता है कि गडकरी को आरएसएस का समर्थन प्राप्त है। लेकिन गडकरी ने इस प्रकार की किसी महत्वकांक्षा से इंकार किया था।
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यह पूछे जाने पर कि सरकार की कल्याणकारी नीतियों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए क्या पार्टी के कुछ बड़बोले नेता जिम्मेदार हैं, उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक भाजपा ने भाषा के संयमित प्रयोग के लिए हमेशा कदम उठाए हैं। गडकरी ने कहा कि आधिकारिक प्रवक्ता जिम्मेदार हैं (पार्टी का रुख रखने के लिए)। कई बार मीडिया का कुछ वर्ग अधिक विवाद उत्पन्न करने में रुचि रखता है।
नागपुर से भाजपा के उम्मीदवार गडकरी ने कहा कि विवाद पैदा करने के बजाय व्यक्ति को राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। अब समय आ गया है कि राजनीतिक दलों व मीडिया को आर्थिक नीतियों और विकास संबंधित मुद्दों पर बोलना चाहिए। हमें चर्चा के स्तर को ऊपर उठाना चाहिए। यह लोकतंत्र में सभी पक्षों का दायित्व है।