राहुल गांधी की मोगा रैली की थीम कैसे 'किसान' से 'जवान' में तब्दील हो गई?
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 7 मार्च को पंजाब के मोगा में रैली कर रहे हैं। यह रैली कई मायनों में अहम है। राहुल गांधी इस चुनावी रैली के जरिए सूबे के भूमिहीन किसानों और मजदूरों के लिए उन राहत योजनाओं की घोषणा कर सकते हैं जिन्हें पंजाब कैबिनेट ने शनिवार को स्वीकृत किया है। राहुल की इस रैली पर न ही सिर्फ मोगा के लोगों की नजरें टिकी हुई हैं बल्कि विपक्ष भी नजरें बनाए हुए है। राहुल गांधी अभी तक अपनी हर रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अटैकिंग मोड में नजर आए हैं। ऐसे में देखना यह भी है कि वह मोगा की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किस तरह की चुनौती देते हैं?
रैली की थीम 'किसान' से 'जवान' में बदली
पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने पर भारतीय वायुसेना के हवाई हमले के बाद कांग्रेस के इस रैली की थीम में भी बदलाव देखने को मिलेगा। इससे पहले इस रैली की थीम किसानों पर आधारित होने की संभावना जताई जा रही थी लेकिन अब रैली में किसान की जगह जवान थीम दिखेगी। दरअसल, भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के बाद से न सिर्फ सीमा पर हालात बदले हैं बल्कि पूरी भारतीय राजनीति का मौजूदा परिदृश्य ही बदल गया है। हर पार्टी जवानों के मुद्दे को कैश करना चाहती है और ऐसे में किसान मुद्दा गौण हो गया है। राजनीतिक पार्टियां जवानों की शहादत से लेकर भारत-पाक तनाव को अपने पक्ष में भुनाना चाहती हैं। शायद यही वजह है कि कांग्रेस को इस रैली की थीम से किसान से जवान में तब्दील करना पड़ा।
फिलहाल, कांग्रेस राहुल गांधी की इस रैली को सफल बनाने में जुटी है। रैली के तमाम इंतजाम मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के राजनीतिक सलाहकार कैप्टन संदीप संधू के जिम्मे है। वह इसके लिए जिले में जगह-जगह बैठकें कर रहे हैं और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर रैली को सफल बनाने में जुटे हैं। माना जा रहा है कि मौजूदा परिदृश्य में हर राजनीतिक पार्टियां मौके का भरपूर लाभ उठाना चाहती हैं।
पहली बार मोगा आएंगे मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह
मोगावासियों के लिए यह रैली इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि 2017 में सूबे के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद पहली बार अमरिंदर सिंह यहां आ रहे हैं। इस रैली में मुख्यमंत्री के अलावा पंजाब के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ और दूसरे पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में कहा है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारे जवानों की शहादत को अपनी सरकार की असफलता छिपाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान पाकिस्तान के कब्जे में थे तो प्रधानमंत्री बयान दे रहे थे कि एक पायलट प्रोजेक्ट पूरा हो गया है, असली अभी बाकी है। क्या राष्ट्र के प्रधानमंत्री की जुबान से यह बात शोभा देती है?
शहीद सीआरपीएफ जवान के नाम पर होगा मुख्य पंडाल का नाम
कांग्रेस, पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए राहुल गांधी की रैली के मुख्य पंडाल का नाम सीआरपीएफ के हेड कॉन्सटेबल जयमल सिंह के नाम पर रख रही है। जयमल सिंह मोगा के ही धरमकोट के गलोटी खुर्द गांव के रहने वाले थे और 14 फरवरी को जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमले में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में शहीद हो गए थे। पुलवामा हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था। इसके बाद 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर जैश-ए-मोहम्मद के मुख्य ठिकाने को तबाह कर दिया। जवाबी हमले से बौखलाए पाकिस्तान ने 27 फरवरी को भारतीय वायुक्षेत्र में घुसपैठ की जिसमें जवाबी कार्रवाई में भारत ने पाकिस्तान के एक लड़ाकू विमान एफ-16 को मार गिराया। लेकिन, जवाबी कार्रवाई में विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान पाकिस्तान की गिरफ्त में आ गए जिन्हें पाकिस्तान ने एक मार्च को भारत के सुपुर्द किया।