गुर्जन आंदोलन चलाने वाले किरोड़ी सिंह बैंसला ने बताई भाजपा से जुड़ने की वजह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
-आज आपने भाजपा जॉइन कर लिया। भाजपा की तरफ से आपको कोई विशेष वायदा किया गया है? चुनाव लड़ेंगे?
-बिल्कुल नहीं, पार्टी जॉइन करने के लिए न तो हमने कोई मांग रखी है और न ही हमें किसी तरह का आश्वासन मिला है। हम एक सामान्य कार्यकर्ता की तरह भाजपा से जुड़ रहे हैं। हमने चुनाव लड़ने की कोई बात नहीं की है।
-राजस्थान में कांग्रेस सत्ता में है। उससे जुड़ना आपके लिए, आपके उद्देश्य के लिए लाभकारी था। ऐसे में भाजपा से जुड़ने की कोई विशेष वजह रही?
-केवल राष्ट्रवाद। हम गुर्जर समाज से हैं जो अपनी राष्ट्रवादी सोच के लिए इतिहास में जाना जाता है। मोदी जी के राष्ट्रवाद ने हमें बीजेपी से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। दूसरी बात, इतने लंबे समय से हम आंदोलन में रहे, कांग्रेस और भाजपा दोनों को करीब से देखा। लेकिन भाजपा हमें अपने ज्यादा करीब लगी।
-ऐसा है तो आपने भाजपा छोड़ी क्यों थी? क्या अब आरक्षण का मुद्दा आपने छोड़ दिया?
-बिल्कुल नहीं। हमारा मुद्दा कल भी वही था और आज भी वही है। हमने ऐसी कोई मांग भाजपा के सामने नहीं रखी है लेकिन अगली जो भी सरकार आएगी उसे गुर्जर आरक्षण पर विचार करना पड़ेगा। राजस्थान सरकार इसे पहले ही पास कर चुकी है।
-आरक्षण पहले ही अपने अधिकतम स्तर पर है। आपको अलग से आरक्षण कैसे सम्भव होगा?
-अगर गरीब सवर्णों को दस फीसदी आरक्षण के लिए प्रावधान किया जा सकता है तो गुर्जरों के लिए क्यों नहीं। अगली सरकार को इस पर विचार करना पड़ेगा।
-अगर मोदी जी दोबारा सरकार बनाते हैं और गुर्जरों को आरक्षण नहीं मिलता है तो क्या आप एक बार फिर भाजपा का साथ छोड़ देंगे?
-काल्पनिक बात का कोई जवाब नहीं दूंगा। लेकिन मोदी जी जरूर जीतेंगे, और गुर्जरों को उनका हक मिलेगा, ऐसी हमारी उम्मीद है।
-अच्छा, आपके भाजपा में आने से बीजेपी को कितनी सीटों पर फायदा मिलने की उम्मीद है?
अकेले राजस्थान में हम एक दर्जन सीटों पर प्रभावशाली असर डालने की स्थिति में हैं। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, दक्षिण गुजरात और दिल्ली में हमारे समाज के लोग हमारे साथ हैं।