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लालू को नहीं मिलेगी राहत? जमानत याचिका का सीबीआई ने किया विरोध
Tue, 09 Apr 2019 12:08 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Tue, 09 Apr 2019 12:08 PM IST
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लालू प्रसाद यादव (फाइल फोटो)
चारा घोटाला मामले में सजा काट रहे राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने जमानत के लिए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उनकी जमानत याचिका का विरोध करते हुए उनके जवाब में हलफनामा दाखिल किया है। सीबीआई ने अपने जवाबी हलफनामे में कहा है कि चुनाव के दौरान राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए लालू ने जमानत मांगी है जिसे मंजूर नहीं किया जाना चाहिए।
मामले की पिछली सुनवाई पांच अप्रैल को हुई थी। जिसमें प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की पीठ ने सीबीआई से इस संबंध में नौ अप्रैल तक जवाब देने के लिए कहा था। अदालत ने कहा था कि यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई बुधवार दस अप्रैल को होगी।
राजद सुप्रीमो की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने जमानत याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए कहा था कि मामले में नोटिस जारी किया गया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि मामले में एजेंसी को जवाब दायर करने की आवश्यकता है।
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पीठ ने कहा था, ‘आप (सीबीआई) नौ अप्रैल तक जवाब दायर करें। हम 10 अप्रैल को मामले (यादव के जमानत याचिका) पर सुनवाई करेंगे।’ इस समय रांची के बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में बंद राजद प्रमुख ने झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा 10 जनवरी को अपनी जमानत याचिका खारिज किए जाने को चुनौती दी है।
900 करोड़ रुपये से अधिक के चारा घोटाले से संबंधित तीन मामलों में प्रसाद को दोषी ठहराया गया है। यह मामले 1990 के दशक की शुरुआत में पशुपालन विभाग के कोषागार से पैसे की धोखाधड़ी करने से संबंधित थे। उस समय झारखंड बिहार का हिस्सा था।
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मामले की पिछली सुनवाई पांच अप्रैल को हुई थी। जिसमें प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की पीठ ने सीबीआई से इस संबंध में नौ अप्रैल तक जवाब देने के लिए कहा था। अदालत ने कहा था कि यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई बुधवार दस अप्रैल को होगी।
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राजद सुप्रीमो की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने जमानत याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए कहा था कि मामले में नोटिस जारी किया गया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि मामले में एजेंसी को जवाब दायर करने की आवश्यकता है।
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पीठ ने कहा था, ‘आप (सीबीआई) नौ अप्रैल तक जवाब दायर करें। हम 10 अप्रैल को मामले (यादव के जमानत याचिका) पर सुनवाई करेंगे।’ इस समय रांची के बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में बंद राजद प्रमुख ने झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा 10 जनवरी को अपनी जमानत याचिका खारिज किए जाने को चुनौती दी है।
900 करोड़ रुपये से अधिक के चारा घोटाले से संबंधित तीन मामलों में प्रसाद को दोषी ठहराया गया है। यह मामले 1990 के दशक की शुरुआत में पशुपालन विभाग के कोषागार से पैसे की धोखाधड़ी करने से संबंधित थे। उस समय झारखंड बिहार का हिस्सा था।
Lalu Prasad's bail application before SC in fodder scam case: CBI has filed a counter affidavit opposing the bail. CBI, in its counter affidavit, stated that in the garb of political activities during the elections, Lalu sought for bail, which should not be granted. (file pic) pic.twitter.com/287jb44LYV
— ANI (@ANI) April 9, 2019