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अरुणाचल: मुक्तो सीट पर कांटे की टक्कर, बौध संन्यासी लामा भरेंगे हुंकार
Sat, 23 Mar 2019 09:45 PM IST
Trainee Trainee
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Sat, 23 Mar 2019 09:45 PM IST
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लोबसांग ग्यात्सो
- फोटो : social Media
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20 साल बाद पहली बार मुक्तो विधानसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलने वाला है। इस सीट से अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू पिछली बार निर्विरोध चुनाव जीते थे। इस बार कांग्रेस के साथ जेडीएस भी मुक्तो विधानसभा सीट पर हुंकार भरने के लिए तैयार है।
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भारत-चीन सीमा से लगी इस सीट पर 1999 के बाद चुनाव नहीं हुए हैं। लेकिन मुक्तो सीट पर मुकाबला कड़ा होने वाला है। कांग्रेस ने थुपटेन कुन्फेन जबकि जनता दल (सेकुलर) ने 39 साल के बौध संन्यासी लामा लोबसांग ग्यात्सो को अपना उम्मीदवार बनाया है।
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भष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे के आंदोलन से जुड़े ग्यात्सो ने कहा, "मैं 2014 में चुनाव लड़ना चाहता था लेकिन लड़ नहीं पाया। इस बार मैंने चुनाव लड़ने का निर्णय किया है जिससे जनता को एक विकल्प उपलब्ध किया जा सके।" बता दें कि ग्यात्सो मेगा डैम परियोजना आंदोलन का नेतृत्व कर चुके हैं।
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2016 में उन्हें मेगा बांध परियोजना के विरोध करने के कारण गिरफ्तार कर लिया गया था। उनके रिहाई के लिए प्रदर्शनकारियों पर तब पुलिस ने गोलियां चला दी थी जिसमें दो संन्यासियों की मौत हो गई थी।
गौरतलब है कि अरुणाचल प्रदेश के 60 विधानसभा और दो लोकसभा सीटों के लिए 11 अप्रैल को मतदान होगा।