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उत्तर प्रदेश को भरपूर समय दे रहे हैं प्रधानमंत्री मोदी
Mon, 04 Mar 2019 11:20 PM IST
Trainee Trainee
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Mon, 04 Mar 2019 11:20 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तर प्रदेश को भरपूर समय दे रहे हैं। रविवार को प्रधानमंत्री अमेठी में थे। इसके पहले वह फरवरी के आखिरी सप्ताह में गोरखपुर और प्रयागराज में संगम के तट पर थे। आठ फरवरी को प्रधानमंत्री फिर कानपुर में उत्तर प्रदेश को बड़ी सौगात दे रहे हैं। आगरा-कानपुर मेट्रो का उद्घाटन, मेरठ-दिल्ली रैपिड रेल सेवा और कानपुर में पनकी बिजली परियोजना की नए सिरे से आधार रखेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री जनसभा को भी संबोधित करेंगे। घूम-फिरकर प्रधानमंत्री के उत्तर प्रदेश में बने रहने को इस तरह से समझा जा सकता है कि वह पद संभालने के बाद से करीब 18 बार अपने संसदीय क्षेत्र बनारस जा चुके हैं।
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आठ फरवरी को ही प्रधानमंत्री का त्रिपुरा में भी कार्यक्रम प्रस्तावित है। वहां वह जनसभा को संबोधित करेंगे। सूत्र बताते हैं कि बनारस में बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर का काम तेजी से चल रहा है। प्रधानमंत्री आठ मार्च को वहां भी जा सकते हैं। दरअसल केन्द्र में सत्ता का रास्ता उत्तर प्रदेश से आता है। देश में हुए पहले आम चुनाव में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में कांग्रेस को 86 में से 81 सीटें मिली थी। तब से लेकर उत्तर प्रदेश ने केन्द्र में सबसे अधिक प्रधानमंत्री दिए हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा और उसके सहयोगी दल कुल मिलाकर को उत्तर प्रदेश की 80 में से 73 सीटें मिली थी।
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2004 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को 40 सीटे मिली थी और इतनी सीटें पाने के बाद सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने खुद को किंग मेकर की श्रेणी में मानना शुरू कर दिया था। इतना ही कांग्रेस के रणनीतिकारों को भी उत्तर प्रदेश में पार्टी की सबसे खराब हालत काफी खलती है। लंबे समय बाद 2009 के आम चुनाव में कांग्रेस ने दो दहाई सीटों के आंकड़े को पार कर लिया था।
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उत्तर प्रदेश भाजपा के लिए चुनौती
इस बार भाजपा के लिए उत्तर प्रदेश चुनौती भरा है। समाजवादी पार्टी और बसपा के साथ आने से 2019 में भाजपा की राह कुछ मुश्किल मानी जा रही है। समझा जा रहा है कि इसे केन्द्र में रखकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने उत्तर प्रदेश पर विशेष ध्यान देने की रणनीति बनाई है। राज्य में इस बार 80 लोकसभा सीटों पर भाजपा और सपा-बसपा गठबंधन के बीच में कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। कांग्रेस पार्टी ने राज्य में छोटे-छोटे दलों के साथ गठबंधन करके अपनी साख बचाने के लिए पूरा जोर लगाया है।