Lok Sabha Election: अमेठी और रायबरेली से लोकसभा चुनाव में फिर ताकत दिखाने को तैयार राहुल और प्रियंका
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विस्तार
सोनिया गांधी स्वास्थ्य कारणों और बढ़ती उम्र के कारण राय बरेली से लोकसभा नहीं लड़ेंगी। वहां से प्रियंका गांधी वाड्रा के चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है। प्रियंका अकेले रायबरेली से उतरने की तमाम संभावनाएं तलाश रही हैं। प्रियंका चाहती हैं कि उनके साथ भाई राहुल गांधी भी अमेठी से लड़ें। इससे बड़ा संदेश जाएगा। राहुल गांधी ने अभी पूर्ण सहमति नहीं दी है। बताते हैं 2019 के चुनाव में हार से राहुल गांधी थोड़ा खिन्न हैं। वह अपने मन को अभी भी नहीं मना पा रहे हैं कि जिस अमेठी की जनता को उन्होंने सिर पर बिठाया, आखिर उसने उन्हें कैसे हार का मुंह दिखा दिया?
खबर उच्चस्थ सूत्र के हवाले से है कि प्रियंका और राहुल दोनों क्रमश: रायबरेली और अमेठी से लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी कांग्रेस की परंपरागत सीट से दावेदारी छोड़ने के पक्ष में नहीं हैं। रायबरेली और अमेठी में कांग्रेस के प्रचार अभियान के प्रमुख सूत्रधारों में रहे सूत्र का कहना है कि एक सप्ताह के भीतर सब ठीक हो जाएगा। चीजें तेजी से बदलेंगी। माना जा रहा है कि प्रियंका गांधी वाड्रा न केवल खुद रायबरेली से चुनाव में उतरने की तैयारी कर रही हैं, बल्कि भाई और सांसद राहुल गांधी को भी अमेठी से चुनाव लड़ने के लिए दम भर रही हैं।
2019 के बाद अमेठी का रास्ता भूल गए थे राहुल गांधी
यह सब जानते हैं कि जिस अमेठी में राहुल गांधी थोड़े-थोड़े अंतराल पर जाते रहते थे, 2019 में चुनाव हारने के बाद उस तरफ से मुंह मोड़ लिया। भारत जोड़ो न्याय यात्रा को लेकर राहुल अमेठी गए थे। उन्हें अमेठी की जनता का खूब प्यार मिला है। यहां से चीजें थोड़ी बदलने लगी हैं। राहुल गांधी के साथ अमेठी में साये की तरह रहने वाले एक स्थानीय नेता का कहना है कि जनता से उनका (राहुल) लगाव बहुत बेहतरीन रहा है। सूत्र का कहना है कि राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर थे। इसे बीच में छोड़कर वह अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड में हाथी के हमले में मारे गए व्यक्ति के परिजनों से मिलने चले गए थे। सूत्र का कहना है कि इसी तरह अमेठी और अमेठी की जनता से भी उनका (राहुल) का एक भावनात्मक नाता रहा है। हो सकता है 2019 की हार ने उन्हें कुछ भावनात्मक ठेस पहुंचाई हो। क्योंकि यह तो सही है कि वह 2019 के बाद इधर का रास्ता भूल गए थे।
राहुल और प्रियंका के सिवा कोई और नहीं दे सकता भाजपा को मजबूत चुनौती
संजय गांधी के जमाने के कांग्रेसी एडवोकेट प्रदीप पाठक कहते हैं कि अमेठी में कांग्रेस की जड़ है। राय बरेली में नेहरू-गांधी परिवार का आधार बहुत मजबूत है। अब सोनिया गांधी राय बरेली चुनाव नहीं लड़ेगी। वहां से प्रियंका गांधी चुनाव लड़ेंगी। अमेठी से राहुल गांधी। इन दो नेताओं के अलावा कोई दूसरा भाजपा को मजबूत चुनौती नहीं दे सकता। संघ के नेता ज्ञानेश्वर भी मानते हैं कि अमेठी से राहुल गांधी और रायबरेली से प्रियंका गांधी वाड्रा के चुनाव में उतरने के बाद दोनों सीटों पर मुकाबला बहुत कड़ा हो जाएगा। अमित शुक्ला का परिवार राजीव गांधी के समय से कांग्रेस के प्रचार अभियान से जुड़ा है। अमित के मुताबिक उन्हें भरोसा है कि राहुल गांधी अमेठी को नहीं छोड़ेंगे।