बेगूसराय की जनता ने कन्हैया को नकार इन कारणों से गिरिराज सिंह को चुना अपना नेता
बेगूसराय लोकसभा सीट पर पहले रुझान से लेकर आखिरी नतीजों तक लगातार बढ़त बनाए रखने के बाद आखिरकार भाजपा के दिग्गज नेता गिरिराज सिंह ने भारी मतों के साथ जीत हासिल कर ली। इस मुकाबले में उनके सामने खड़े सीपीआई उम्मीदवार कन्हैया कुमार को मुंह की खानी पड़ी।
बेगूसराय लोकसभा सीट पर दावा करने वाले उम्मीदवार ही ऐसे थे कि पूरे देश को यहां के नतीजों का इंतजार था। बेगूसराय से एक तरफ भाजपा को खुली चुनौती देने वाले युवा नेता कन्हैया कुमार सीपीआई के टिकट पर ताल ठोक रहे थे, तो दूसरी तरफ सांप्रदायिक छवि वाले भाजपा के दिग्गज नेता गिरिराज सिंह मैदान में खड़े थे। मुकाबला इसलिए भी दिलचस्प था क्योंकि दोनों उम्मीदवार एक दूसरे से बिल्कुल विपरीत विचारधारा के हैं और हमेशा से एक दूसरे को आंख दिखाते आए हैं।
गिरिराज सिंह को इन कारणों से मिला बेगूसराय की जनता का समर्थन-
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जेएनयू कांड के बाद देश भर में कन्हैया कुमार की छवि एक देशद्रोही नेता की बन गई थी। जिसे पूरी तरह साफ करने में वो कामयाब नहीं रह पाए। गिरिराज सिंह को इसका लाभ मिलना स्वाभाविक था।
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बेगूसराय भूमिहार बहुल क्षेत्र है और गिरिराज सिंह भूमिहारों के बड़े नेता माने जाते हैं। जातीय समीकरण के हिसाब से कन्हैया गिरिराज के आगे कहीं नहीं टिकते, इसलिए जातिगत वोट भी गिरिराज के खाते में ही गए।