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क्यों कटा किरीट सोमैया का टिकट, कौन हैं मनोज कोटक जिन्हें भाजपा ने बनाया उम्मीदवार

Wed, 03 Apr 2019 06:40 PM IST
विवेक शुक्ला चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विवेक शुक्ला Updated Wed, 03 Apr 2019 06:40 PM IST
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Lok Sabha Election 2019: Kirit Somaiya loses to Manoj Kotak in race for Mumbai North East seat
दाएं से दूसरे किरीट सोमैया, दाएं से तीसरे मनोज कोटक - फोटो : Manoj Kotak Twitter
किरीट सोमैया को जिसका डर था, आखिर वही हुआ। शिव सेना से रिश्तों में खटास, उनकी टिकट भी ले गई। भाजपा ने उम्मीदवारों की जो 16वीं सूची जारी की है, उसमें सोमैया का नाम नहीं है। मुंबई उत्तर-पूर्व से वो मौजूदा सांसद हैं। लेकिन पार्टी ने उनका टिकट काटकर मनोज कोटक को उम्मीदवार बनाया है। चर्चा में तो महाराष्ट्र सरकार में राज्यमंत्री प्रकाश मेहता का भी नाम था। मेहता कई बार विधायक रहे हैं। लेकिन उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। कोटक को टिकट मिलने के बाद सोमैया ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वो कोटक को टिकट मिलने से काफी खुश हैं और जिताने के लिए उनका पूरा समर्थन करेंगे। पार्टी के भीतर जिम्मेदारियां बदलती रहती हैं। 
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कौन हैं मनोज कोटक?
मनोज किशोरभाई कोटक, भारतीय जनता पार्टी के पार्षद और बीएमसी के नगर सेवक दल के सदस्य हैं। वो आर्थिक रूप से संपन्न हैं और मुलुंड इलाके में रहते हैं। माना जा रहा है कि मनोज कोटक का दांव इस क्षेत्र के गुजराती मतदाताओं के बीच बेहतर प्रभाव पैदा करेगा।
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शिव सेना और सोमैया का झगड़ा क्या है?
किरीट सोमैया को फिर से टिकट दिए जाने पर सबसे ज्यादा ऐतराज अगर किसी को था तो वो थे शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे। ठाकरे ने भाजपा आलाकमान को सीधे शब्दों में बता दिया था कि मुंबई उत्तर-पूर्व सीट से वो किसी कीमत पर किरीट सोमैया को नहीं चाहते। दरअसल, सोमैया ने कहा था कि शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपनी पारिवारिक संपत्ति घोषित करें। यही बात उद्धव को चुभ गई। इसी के साथ शिव सेना और भाजपा के रिश्तों में खटास आ गई। उधर, ये भी कहा जा रहा है कि भाजपा का खुद का नेतृत्व सोमैया से बहुत खुश नहीं था। 

आंकड़े भी किरीट सोमैया के पक्ष में नहीं है। 1996 से अब तक इस सीट पर किसी ने लगातार दूसरी बार चुनाव नहीं जीता है। ऐसे में भाजपा किरीट सोमैया को टिकट देकर कोई रिस्क लेना नहीं चाहती थी। ये बात अलग है कि किरीट सोमैया ने खुद ही प्रचार शुरू कर दिया था। 
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