{"_id":"5ca5eb87bdec224b9d4f7080","slug":"lok-sabha-election-2019-kamal-nath-son-nakul-nath-gets-congress-ticket-from-chhindwara","type":"story","status":"publish","title_hn":"छिंदवाड़ा से कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ मैदान में, 1996 में सीखा राजनीति का पहला सबक","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
छिंदवाड़ा से कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ मैदान में, 1996 में सीखा राजनीति का पहला सबक
Thu, 04 Apr 2019 05:24 PM IST
Prabudhh Jain
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Prabudhh Jain
Updated Thu, 04 Apr 2019 05:24 PM IST
विज्ञापन
छिंदवाड़ा से नकुल नाथ को टिकट
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस ने गुरुवार को 12 उम्मीदवारों की एक सूची जारी की है जिसमें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ का भी नाम शामिल है। नकुलनाथ अपने पिता की परंपरागत संसदीय सीट छिंदवाड़ा से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद से ही नकुल लगातार छिंदवाड़ा के लोगों से मिल रहे थे और कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम रहे थे।
विज्ञापन
टिकट से पहले प्रचार
44 साल के नकुल को टिकट का एलान औपचारिक तौर पर भले आज हुआ हो लेकिन वो करीब 20 दिन से छिंदवाड़ा के तमाम इलाकों में प्रचार में जुटे हैं। कभी उनकी ढोल बजाते हुए तस्वीरें सामने आती हैं तो कभी जनसभाओं को संबोधित करते हुए। नकुल के साथ उनकी मां अलका नाथ बेटे का साथ निभा रही हैं। वो छिंदवाड़ा के लोगों से ये भी कह रही हैं कि नकुल आपके बेटे जैसा है, वह जब पांच साल के थे तब से यहां आ रहा है। जाहिर है, एक अदद टिकट से पहले ही कमलनाथ का पूरा परिवार जानता था कि चुनाव उन्हीं को लड़ना है।
विज्ञापन
शिक्षा
अपने पिता कमलनाथ की तरह ही नकुल की पढ़ाई भी दून स्कूल से हुई है। उन्होंने अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से एमबीए की पढ़ाई की है।
राजनीति और छिंदवाड़ा सीट
छिंदवाड़ा लोकसभा सीट कांग्रेस के लिए सबसे सुरक्षित सीट मानी जाती है। नकुल के पिता कमलनाथ इस सीट से 1980 से लड़ रहे हैं। नकुल बचपन से ही छिंदवाड़ा आते रहे हैं। जवानी के दिनों में नकुल, पिता कमलनाथ के साथ जनसभाओं में शिरकत भी करते रहे हैं। 1996 वो पहला साल था जब नकुल ने मां अलका नाथ के लिए यहां छिटपुट प्रचार किया और शायद राजनीति के कुछ जरूरी सबक भी सीखे। पिता की समृद्ध राजनीतिक छत्रछाया में नकुल के लिए लोकसभा चुनाव का ये महासंग्राम आसान रह सकता है।
विज्ञापन
कमलनाथ का छिंदवाड़ा से रिश्ता चार दशक पुराना है। वो नौ बार इस सीट से सांसद बनकर लोकसभा पहुंचे हैं। 2014 की मोदी लहर में भी वो अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे। बीते चार दशक में सिर्फ 1997 वो साल था जब उन्हें एक उपचुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा।