क्या कर्नाटक में कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) के बीच हो पाएगा गठबंधन?
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कर्नाटक में कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) के बीच सीट शेयरिंग को लेकर मतभेद जगहाजिर हैं। अभी यह भी तय नहीं है कि आने वाले लोकसभा चुनाव में दोनों पार्टियों के बीच सीट शेयरिंग को लेकर क्या बात बन पाएगी या नहीं? हालांकि, आज दोनों पार्टियों ने इसे लेकर बेंगलुरु में एक बैठक बुलाई थी जिसमें कुछ खास संकेत नहीं दिए गए। कांग्रेस और जेडी (एस) समन्वय समिति की बैठक में सीट शेयरिंग को लेकर चर्चा तो हुई है, लेकिन इसमें क्या फैसला हुआ दोनों ही पार्टियों ने इसका खुलासा नहीं किया।
बैठक के बाद कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने न्यूज एजेंसी 'एएनआई' से बातचीत करते हुए कहा कि दोनों पार्टियों के बीच सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत अच्छी रही है। हम सही दिशा में जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों के बीच सीट शेयरिंग को लेकर क्या स्थित रहेगी यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
Congress leader Siddaramaiah on Congress -JD(S) Coordination Committee meeting for seat sharing in LS polls, in Bengaluru: We have had a good discussion, we are going in the right direction. In a few days, we will give the final picture. pic.twitter.com/LQ6EQmAgaf
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) March 4, 2019
कांग्रेस और जेडी(एस) के बीच सूबे के दक्षिणी मैसूर क्षेत्र के सीट को लेकर अनबन चल रही है। यहां मैदान में दोनों ही दलों के प्रत्यक्ष प्रतिद्वंद्वी मौजूद हैं। कांग्रेस इस क्षेत्र की मांड्या और हसन सीट को जनता दल (सेक्युलर) को देना चाहती है, क्योंकि साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में यहां कांग्रेस ने एक भी सीट नहीं जीती थी। लेकिन, मांड्या क्षेत्र की सीट की मांग पूर्व केंद्रीय मंत्री एमएच अंबरीश की पत्नी सुमलाथा अंबरीश भी कर रही हैं।जबकि कांग्रेस उन्हें बेंगलुरु दक्षिण क्षेत्र की सीट ऑफर कर रही है। इसी तरह कई और सीटें भी हैं जिनको लेकर दोनों पार्टियों के बीच बातचीत नहीं बन पा रही है। इनमें से एक चित्रदुर्ग सीट है जिस पर दोनों ही पार्टियों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है।