2019 के लोकसभा चुनाव में ये हैं 5 बड़े चुनावी मुद्दे जिनके इर्द-गिर्द घूम रही है राजनीति
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चुनाव आयोग आज शाम पांच बजे लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा करेगा। माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के साथ ही चुनाव आयोग पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों की भी घोषणा कर सकता है। ये राज्य आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम और जम्मू-कश्मीर हैं। इनमें विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले तक चुनाव आयोग मार्च के पहले हफ्ते में ही लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर देता था लेकिन इस बार थोड़ा देरी हुई है। अगर 2004, 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो उस वक्त 5 मार्च तक लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी गई थी। 2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाई थी, ऐसे में इस बाद देखना यह है कि किस पार्टी के खाते में कितनी सीटें आती हैं और केंद्र की कुर्सी पर कौन-सी पार्टी बैठती है।
इस बार के लोकसभा चुनाव में चुनावी मुद्दे भी बड़े दिलचस्प हैं। ये सिर्फ राष्ट्रवाद तक ही सीमित नहीं हैं बल्कि राम मंदिर से लेकर पाकिस्तान, किसान और जवान के इर्द-गिर्द घूम रहे हैं। कांग्रेस जहां राफेल पर भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मुखर है वहीं भाजपा राष्ट्रवाद और सर्जिकल स्ट्राइक 2 को लेकर कांग्रेस को घेर रही है। आइए जानते हैं इस बार के पांच बड़े चुनावी मुद्दे
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राष्ट्रवाद
राष्ट्रवाद हमेशा से ही भारतीय राजनीति में चुनावी मुद्दा रहा है। भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को लेकर हर बार कांग्रेस और दूसरी पार्टियों को घेरती है। पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे को प्रमुख चुनावी मुद्दा बना लिया है। पार्टी का हर नेता विपक्ष को राष्ट्रवाद के मुद्दे पर घेरता दिख रहा है।
राफेल
राफेल को लेकर कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ शुरू से ही आक्रमक रही है। कांग्रेस ने राफेल को प्रमुख मुद्दा बनाया है और हर स्तर पर भारतीय जनता पार्टी को इसी मुद्दे पर घेर रही है चाहे वह संसद हो या फिर सड़क। पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी हर रैलियों और भाषणों में राफेल के मुद्दे को उठा रहे हैं। ऐसे में राफेल कांग्रेस ही नहीं बल्कि दूसरी पार्टियों के लिए भी भाजपा को घेरने वाला चुनावी मुद्दा है। राहुल गांधी ने 'चौकीदार ही चोर' के जरिए राफेल को इस वक्त का सबसे अहम मुद्दा बना दिया है।
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पाकिस्तान
सबसे खास बात यह है कि भारतीय वायुसेना के पाकिस्तान में घुसकर बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकाने को तबाह करने के बाद पिछले कुछ दिनों से 'पाकिस्तान' भी भारत में चुनावी मुद्दा बन गया है। बालाकोट में मरे आतंकियों को लेकर विपक्ष के सवाल पूछने पर भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं ने विपक्षी नेताओं को पाकिस्तान भेजने, 'पाकिस्तान समर्थक', 'पाकिस्तान का पोस्टर ब्वॉय' कहकर घेरने की कोशिश की है। भारतीय जनता पार्टी ने भी राष्ट्रवाद, देशभक्ति और राजनीतिक इच्छाशक्ति और सर्जिकल स्ट्राइक 2 के जरिए पाकिस्तान को चुनावी मुद्दा बनाया है।
किसान
भारतीय राजनीति में किसान वैसे तो हमेशा से ही राजनीतिक मुद्दा रहा है। लेकिन, केंद्र सरकार ने अंतरिम बजट में छोटे किसानों के खाते में हर साल 6000 रुपए डालने के एलान से इसे प्रमुख चुनावी मुद्दा बना दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने कई चुनावी भाषणों और रैलियों में इसे अपनी सरकार का बड़ा और किसान हितेषी कदम बता चुके हैं। भाजपा के अलावा कांग्रेस भी अलग-अलग राज्यों में किसानों के लिए राहत पैकेज की घोषणा करके इस प्रमुख चुनावी मुद्दा बना रही है। चाहे वह मध्यप्रदेश हो या फिर छत्तीसगढ़ यहां विधानसभा चुनावी जीतते ही कांग्रेस ने 'किसान' को प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बना लिया है।
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राम मंदिर
राम मंदिर वैसे तो बहुत लंबे वक्त से ही चुनावी मुद्दा बना हुआ है। लेकिन इस बार के लोकसभा चुनाव के लिए भी यह भारतीय जनता पार्टी और विपक्ष दोनों के लिए प्रमुख चुनावी मुद्दा बना हुआ है। भाजपा जहां इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस को घेरती है वहीं कांग्रेस भाजपा पर राम मंदिर मुद्दे का चुनावी लाभ लेने का आरोप लगाती आई है। इसके अलावा जवान भी इस वक्त भारतीय राजनीति में चुनावी मुद्दे के तौर पर उभरा है।