... तो आज नहीं आ पाएंगे लोकसभा चुनाव 2019 के फाइनल नतीजे
लोकसभा चुनाव के तहत देश भर में 542 संसदीय सीटों के लिए डाले गए मतों की गिनती गुरुवार सुबह आठ बजे शुरू होगी। पहली बार ईवीएम गणना के साथ मतदाता सत्यापित पेपर ऑडिट पर्चियों(वीवीपैट) का मिलान किए जाने के कारण परिणाम में काफी देर होने की संभावना है। यह विलंब थोड़ा भी लंबा हुआ तो ऐसी संभावना है कि गुरुवार देर रात सभी 542 सीटों पर मतगणना पूरी न हो सके। अगर नतीजों की पूरी तस्वीर साफ होते-होते रात 12 पार हो जाए तो परिणाम 23 मई को नहीं बल्कि 24 मई को आएंगे।
542 सीटों पर 8,000 से अधिक प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। सात चरणों में हुए मतदान में 90.99 करोड़ मतदाताओं में से करीब 67.11 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। भारतीय संसदीय चुनाव में यह सबसे अधिक मतदान है। लोकसभा चुनाव में पहली बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के परिणामों का मिलान पेपर ट्रेल मशीनों से निकलने वाली पर्चियों से किया जाएगा। यह मिलान प्रति विधानसभा क्षेत्र में पांच मतदान केंद्रों में होगा।
ऐसे समझें मतगणना में लगने वाले समय का गणित
एक विधानसभा में पांच बूथों पर वीवीपैट का पर्ची से मिलान किया जाना है। अमूमन एक लोकसभा सीट में पांच से छह विधानसभा सीट होते हैं। तो एक लोकसभा सीट पर कम से कम 30 से 35 बूथों के ईवीएम और वीवीपैट का मिलान कराया जाएगा। इस आधार पर देखा जाए तो 542 लोकसभा सीटों पर 16 से 19 हजार बूथों के ईवीएम और वीवीपैट का मिलान कराया जाएगा। हर विधानसभा क्षेत्र में पांच-पांच वीवीपैट की पर्चियों से आंकड़ों का मिलान होगा, इसमें चार घंटे से अधिक का समय लगेगा।
ऐसे में चुनाव परिणाम आने में देर होना निश्चित है। चुनाव आयोग की प्रक्रिया के अनुसार सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती की जाएगी। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि हाथों से डाक मतपत्रों को गिनने में कम से कम कुछ घंटे का समय लगेगा। पेपर ट्रेल मशीनों से निकलने वाली पर्चियों को अंत में गिना जाएगा।
अधिकारी के बयान और भोपाल-इंदौर के उदाहरण से समझें
मध्यप्रदेश की हॉट सीटों में भोपाल और इंदौर लोकसभा सीट के चुनाव परिणाम के लिए इंतजार थोड़ा ज्यादा करना पड़ सकता है। इन दोनों ही सीटों के परिणाम 23 मई की शाम तक नहीं, बल्कि 24 मई की सुबह तक आने के आसार हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान ऐसे संकेत दिए थे। केवल भोपाल और इंदौर ही नहीं, इन दोनों सीटों के समीकरणों वाली कई अन्य सीटों पर भी ऐसी ही संभावना है।
कांताराव ने मंगलवार को कहा था कि जिन लोकसभा क्षेत्रों में 20 से ज्यादा राउंड में गिनती होनी है और जहां 25 से ज्यादा प्रत्याशी हैं, वहां मतगणना रात भर चलने की संभावना है। इस बार ईवीएम की गिनती के बाद हर विधानसभा क्षेत्र में पांच-पांच वीवीपैट की पर्चियों से आंकड़ों का मिलान होगा, इसमें चार घंटे से अधिक का समय लगेगा। मतगणना के दौरान हर राउंड के बाद प्रत्याशियों को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। इसके बाद ही अगले राउंड की गिनती शुरू होगी। इसके बाद ही नतीजे घोषित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जिलावार काउंटिंग होगी और सबसे पहले कटनी जिले का परिणाम रात 10 बजे आने की संभावना है।
...और एक सीट का नतीजा फिर भी नहीं आ पाएगा
देश की कुल 543 लोकसभा सीटों में से 542 पर चुनाव हुए हैं। वेल्लोर लोकसभा सीट पर धन बल का अत्यधिक उपयोग किए जाने के आधार पर चुनाव आयोग ने चुनाव रद्द कर दिया था। इस सीट पर चुनाव के लिए नयी तारीख का एलान नहीं हुआ है। 542 सीटों पर परिणाम आ जाने के बाद यहां नए सिरे से चुनाव कराया जाएगा और उसके बाद अलग से यहां मतगणना होगी। इसके बाद ही वेल्लोर सीट का नतीजा सामने आएगा।