{"_id":"5cc19cc8bdec22145d385a40","slug":"lok-sabha-chunav-2019-tmc-leader-moon-moon-sen-says-imran-khan-is-my-good-friend","type":"story","status":"publish","title_hn":"इमरान खान मेरे अच्छे दोस्त, जरूरत पड़ी तो उनसे बात करूंगी: मुन मुन सेन","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
इमरान खान मेरे अच्छे दोस्त, जरूरत पड़ी तो उनसे बात करूंगी: मुन मुन सेन
Thu, 25 Apr 2019 07:16 PM IST
Abhishek Singh
भाषा, आसनसोल
भाषा, आसनसोल
Published by: Abhishek Singh
Updated Thu, 25 Apr 2019 07:16 PM IST
विज्ञापन
मुन मुन सेन
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा चुनाव में आसनसोल से तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार और अपने समय की जानी मानी अभिनेत्री मुन मुन सेन ने चुनाव प्रचार मुहिम में राष्ट्रवाद और पाकिस्तान को मुद्दा बनाकर वोट बटोरने की कोशिश पर हताशा जताते हुए कहा कि अगर आवश्यकता पड़ती है, तो वह पुराने मित्र और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से फिर से बात करेंगी।
विज्ञापन
सेन ने एक साक्षात्कार में कहा कि इमरान मेरे दोस्त हैं, लेकिन इस समय (पाकिस्तान के संदर्भ में राष्ट्रवाद को लेकर) जिस प्रकार की विभाजनकरी राजनीति चल रही है, वह बहुत खतरनाक है। यह पूछे जाने पर कि दोनों देशों के बीच शत्रुतापूर्ण माहौल को देखते हुए भी क्या वह दोबारा उनसे बात करेंगी, सेन ने कहा, क्यों नहीं? आखिरकार, वह मित्र हैं।
विज्ञापन
80 और 90 के दशक में जब खान पाकिस्तान की क्रिकेट टीम का हिस्सा थे, उस समय मुन मुन सेन को उनका अच्छा दोस्त समझा जाता था।
यह पूछे जाने पर कि अगर सरकार उनसे दूत की भूमिका निभाने को कहती हैं, तो क्या वह ऐसा करेंगी। उन्होंने कहा, नहीं, मैं स्वयं उनसे बात करने कभी नहीं जाऊंगी। कई अन्य योग्य नेता हैं। ममता बनर्जी योग्य नेता हैं और वह इमरान के साथ मेरी मित्रता का कभी गलत फायदा नहीं उठाएंगी। इमरान के कोलकाता में कई मित्र हैं, मेरे पति भी उनके दोस्त हैं। मैं उनकी अकेली दोस्त नहीं हूं।
विज्ञापन
खान ने बयान दिया था कि उनका मानना है कि अगर भाजपा आम चुनाव जीतती है तो भारत के साथ शांति वार्ता करना और कश्मीर मामले का समाधान निकालना अधिक आसान होगा। जब सेन से इस बयान के संबंध में टिप्पणी करने को कहा गया तो उन्होंने कहा कि मैं इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं करूंगी। यह पूरी तरह से राजनीतिक बयान है और वे हर रोज बयान बदल रहे हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में कहा, मुझे लगता है कि सांसद के तौर पर वह बहुत नियमित नहीं रहे। मैंने उन्हें अधिक नहीं देखा। सेन ने कहा कि मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री के तौर पर उन्होंने विदेश में हमारी छवि को बेहतर बनाया है लेकिन वह अपने देश के मुद्दों को भूल गए हैं। उन्होंने कहा कि नौकरियां कहां हैं? कई शिक्षित युवक देश में बेरोजगार हैं, रोजगार सृजन के वादे का क्या हुआ?