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गुरदासपुर से सनी देओल को टिकट मिलने से कविता खन्ना निराश, कहा- छला हुआ महसूस कर रही हूं  

Wed, 24 Apr 2019 07:53 PM IST
अमित मंडल भाषा, गुरदासपुर
भाषा, गुरदासपुर Published by: अमित मंडल Updated Wed, 24 Apr 2019 07:53 PM IST
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Lok Sabha chunav 2019: Sunny Deol to contest from Gurdaspur, Kavita Khanna unhappy
विनोद खन्ना-कविता खन्ना - फोटो : Social Media

चार बार के सांसद व प्रसिद्ध अभिनेता दिवंगत विनोद खन्ना की पत्नी और भाजपा से टिकट पाने की प्रतीक्षा कर रहीं कविता खन्ना ने कहा है कि वह अभिनेता सनी देओल को गुरदासपुर लोकसभा सीट से टिकट मिलने से छला हुआ महसूस कर रही हैं और निर्दलीय चुनाव लड़ने सहित दूसरे विकल्पों पर विचार कर रहीं हैं। भाजपा ने मंगलवार शाम गुरदासपुर से देओल को पार्टी प्रत्याशी बनाने की घोषणा की थी। इस फैसले से कविता की उम्मीदें टूट गईं क्योंकि वह खुद यहां से पार्टी का टिकट पाना चाहती थीं। 

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उन्होंने बुधवार को कहा, ‘मैं छला हुआ महसूस कर रही हूं। मैं यह भी महसूस करती हूं कि जो लोग मुझे सांसद बनना देखना चाहते थे, उनकी उम्मीदों को अनदेखा किया गया है।‘ 
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जब उनसे पूछा गया कि क्या वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर गुरदासपुर संसदीय सीट पर उतरेंगी, तो उन्होंने कहा, ‘मैं सारे विकल्पों पर विचार कर रही हूं। मैंने (अभी तक) कोई फैसला नहीं किया है। मैंने किसी मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं किया है।’  
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उन्होंने बताया कि दिवंगत विनोद खन्ना के साथ उन्होंने गुरदासपुर के लोगों की 20 साल सेवा की है। मुझे ईश्वर में विश्वास है। जीवन एक यात्रा है। मैंने यहां 20 साल कार्य किया है। जब विनोद जी अस्वस्थ थे, तो मैं लोगों से मिलती थी। लोग मुझे सांसद बनते देखना चाहते हैं। 

टिकट पाने की आशा से ही कविता गुरदासपुर के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं से पिछले कई सप्ताहों से बैठक कर रही थीं। 

विनोद खन्ना के निधन के बाद अप्रैल 2017 में यहां हुये उपचुनाव में कांग्रेस के सुनील जाखड़ ने विजय हासिल की थी। तब जाखड़ ने भाजपा के स्वर्ण सालारिया को 1,93,219 वोटों के अंतर से पराजित किया था। उस समय भी कविता टिकट पाने के लिए प्रयत्नरत थीं लेकिन तब भी उनका पत्ता कट गया था। 


विनोद खन्ना ने यहां से 1998, 1999, 2004 और 2014 में जीत हासिल की थी। उन्हें यहां लोग प्यार से ‘पुलों का सरदार’ कहते हैं। उन्होंने दूरदराज के कई गांवों को आपस में जोड़ने का अनोखा कार्य किया था। 

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