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राबड़ी देवी बोलीं- जदयू से गठबंधन के लिए पांच बार लालूजी से मिलने आए थे प्रशांत किशोर

Sat, 13 Apr 2019 11:19 AM IST
Abhishek Singh चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhishek Singh Updated Sat, 13 Apr 2019 11:19 AM IST
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Lok Sabha Chunav 2019: Rabri Devi said Prashant Kishore came to Laluji for RJD-JDU alliance
राबड़ी देवी

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राजद नेता राबड़ी देवी ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि प्रशांत किशोर पांच बार लालू जी से मिलने आए थे। उन्हें नीतीश कुमार ने बोल के भेजा था कि फिर से दोनों दल एक हो जाएं और प्रधानमंत्री की घोषणा कर दी जाए। इस पर राबड़ी देवी ने किशोर से कहा कि आप यहां से चले जाइए। हमें नीतीश पर विश्वास नहीं है, वह एक बार पलट चुके हैं। बता दें कि राबड़ी ने ये सब एक टीवी को चैनल को इंटरव्यू देते हुए कहा है।

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उन्होंने अपने बेटे तेजप्रताप को लेकर भी चिंता जताई और कहा,

तेज प्रताप से भावुक अपील करती हूं कि वह अब घर लौट आएं। कुछ बाहरी लोग हैं जो उन्हें बरगला रहे हैं। लालूजी के बिना सूना-सूना लगता है। सिर्फ मैं ही नहीं पूरे बिहार की जनता आज उदास है। लालूजी की बीमारी को लेकर चिंता होती है, सप्ताह में केवल तीन दिन ही मिलने दिया जाता है। लालूजी के खिलाफ साजिश रची गई है, जिसका जवाब बिहार की जनता देगी। 

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नीतीश कुमार के दावे पर कि राजद सुप्रीमो जेल से ही किशोर से बात करते रहे हैं, पर नाराजगी जाहिर करते राबड़ी ने कहा, कि यहां तक कि हम (परिवार के सदस्य) लोगों को भी उनसे (लालू प्रसाद) फोन पर बात करने का मौका नहीं मिलता है और अनंत सिंह के दावे का क्या जो कहते हैं कि उनके जेल में रहने के दौरान ललन सिंह (मंत्री) नीतीश से टेलीफोन पर बातचीत करवाते थे।

प्रशांत किशोर को बताया नीतीश कुमार का 'कबूतर'

राबड़ी ने इस बाबत एक ट्वीट भी किया और प्रशांत किशोर को नीतीश का 'कबूतर' बता दिया। उन्होंने लिखा, "नीतीश कुमार माफी और अनेकों प्रकार की लुभावनी डील के साथ महागठबंधन में आने को गिड़गिड़ा रहे थे। बार-बार उनके कबूतर चिट्ठी लेकर आ रहे थे। एक बार उनके दूत को इस विषय पर बात करने पर मैंने उसे घर से निकाल दिया था। जनता के विश्वास और वोटों का सौदा करने वाले पलटू किसी के भी सगे नहीं है।"



गौरतलब है कि लालू ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी उम्र और गिरते स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जमानत की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि वह मधुमेह, रक्तचाप और कई अन्य बीमारियों से जूझ रहे हैं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत की अर्जी को खारिज दिया।

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