बेटे वरुण की जीत के लिए मेनका गांधी का 'एबीसीडी' फॉर्मूला, कहा- वोट कम तो विकास कम
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उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से सांसद और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने बेटे वरुण गांधी की फतह के लिए नया फॉर्मूला तैयार किया है। अपनी रैली में वह मतदाताओं को सीधा संदेश देतीं दिख रही हैं कि जिस क्षेत्र से भाजपा को जितना ज्यादा वोट मिलेगा, उस क्षेत्र का उतना ज्यादा विकास किया जाएगा।
मेनका पीलीभीत से मौजूदा सांसद हैं, जबकि वरुण गांधी सुल्तानपुर से सांसद हैं। इस बार दोनों की सहमति से भाजपा ने सीटों की अदला-बदली की है। अब मेनका सुल्तानपुर से तो वरुण गांधी पीलीभीत से चुनावी मैदान में हैं।
पिछले दिनों मुस्लिमों पर विवादास्पद बयान देने वाली मेनका गांधी ने एक जनसभा के दौरान कहा कि हमलोग पीलीभीत से हमेशा से जीतते चले आए हैं, लेकिन पता है कि किसी गांव में अन्य गांवों की अपेक्षा ज्यादा विकास के मानदंड क्या हैं। इतना कह कर उन्होंने अपना एबीसीडी का फॉर्मूला बताया।
मेनका ने कहा कि अपने लोकसभा क्षेत्र के गांवों को उन्होंने चार कैटेगरी में बांटा है।
- 'ए' कैटेगरी- जिस गांव से भाजपा को 80 फीसदी वोट मिले
- 'बी' कैटेगरी- जिस गांव से भाजपा को 60 फीसदी वोट मिले
- 'सी' कैटेगरी- जिस गांव से भाजपा को 50 फीसदी वोट मिले
- 'डी' कैटेगरी- जिस गांव से भाजपा को 50 फीसदी से कम वोट मिले
उन्होंने आगे कहा कि
- विकास कार्य पहले ए कैटेगरी वाले गांवों से शुरू होते हैं। सबसे पहले यहां पूरा विकास किया जाता है।
- ए कैटेगरी के गांवों का विकास पूरा होने के बाद बी कैटेगरी के गांवों का विकास कार्य शुरू होता है।
- बी कैटेगरी के गांवों का विकास पूरा हो जाता है, तब सी कैटेगरी के गांवों में विकास कार्य शुरू होता है।
- ...और सबसे अंत में डी ग्रेड। डी तो कोई होना नहीं चाहेगा, क्योंकि सभी को बेहतर होना है।
उन्होंने लोगों से कहा कि यह आपलोगों पर निर्भर करता है कि आप ए, बी या सी किस कैटेगरी में शामिल होना चाहते हैं और कैसा विकास चाहते हैं!
मुस्लिमों पर बयान के बाद आयोग ने भेजा था नोटिस
पिछले दिनों मेनका गांधी तब विवादों में आई थीं, जब सुल्तानपुर लोकसभा क्षेत्र में उन्होंने यह कह डाला था कि वह मुस्लिमों के सपोर्ट के बिना भी उनकी जीत तय है और जब मुस्लिम अपना काम लेकर उनके पास आते हैं, तो काम करने की उनकी इच्छा नहीं होती।
उनके बयान के बाद चुनाव आयोग ने मेनका गांधी को नोटिस भी जारी किया था। मालूम हो कि पीलीभीत में तीसरे चरण में मतदान होने हैं। 23 अप्रैल को वहां वोटिंग होगी और इसके ठीक एक महीने बाद 23 मई को चुनाव परिणाम आना है।
(इनपुट: एएनआई)