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कानों देखी: सभी को 23 मई का इंतजार, प्लान ए और बी के साथ अमित शाह तैयार
Mon, 13 May 2019 07:52 PM IST
शशिधर पाठक
शशिधर पाठक, अमर उजाला
शशिधर पाठक, अमर उजाला
Published by: शशिधर पाठक
Updated Mon, 13 May 2019 07:52 PM IST
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Narendra Modi- Amit Shah
- फोटो : Social media
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दिल्ली में चढ़ा रायसीना हिल का पारा
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दिल्ली में रायसीना हिल्स का पारा चढ़ गया है। छह चरणों के मतदान के बाद अब भाजपा के धुरंधर नेता भी मौका देख रहे हैं। आडवाणी, जोशी को भी सही समय की तलाश है। सबकी नजर ईवीएम देवता के नतीजे पर टिकी है। कांग्रेस पार्टी भी निगाह इसी पर टिकी है। तेलुगू देशम पार्टी के नेता चंद्रबाबू नायडू, तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी और एनसीपी के शरद पवार ने भी नई खिचड़ी बनानी शुरू कर दी है। बताते हैं 21 दलों के नेताओं ने सात चरण का मतदान होने के बाद 21 मई राष्ट्रपति का समय मांगा है। ये नेता चाहते हैं कि राष्ट्रपति सरकार बनाने के लिए किसी दल को या सबसे बड़ी संख्या वाले दल को बुलाने की जल्दी न करें। वहीं भाजपा के नेताओं और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की तैयारी पर पूरा भरोसा है। अमित शाह भी दिल्ली में कमल खिलाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। बताते हैं कि उनका प्लान ए और प्लान बी दोनों तैयार हैं।
रविकिशन बाबू और योगी जी की कृपा
योगी आदित्यनाथ उ.प्र. के मुख्यमंत्री हैं। साधु हैं, नाथ संप्रदाय के योगी हैं। गोरखनाथ मंदिर के लोग गोरखपुर सीट पर चुनाव मैदान में उतरे रविकिशन पर कुछ बोल नहीं रहे हैं। हर केवल इतना जरूर कह रहा है कि रविकिशन मंदिर के प्रत्याशी नहीं हैं। हर कोई यह भी चाहता है कि महंत दिग्विजय नाथ के जमाने से गोरखपुर से मंदिर का प्रत्याशी जीता है। यह परंपरा टूटनी नही चाहिए। बताते हैं यह अंदर की बात पांच सितारा होटल से प्रचार का शो कर रहे रविकिशन की टीम को भी परेशान कर रही है। हालांकि सबको लग रहा है कि राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। वह कृपा करेंगे तो सब ठीक हो जाएगा। अब देखिए योगिराज क्या करते हैं।
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प्रियंका आएंगी तो अजय राय की जमानत बच सकती है
प्रियंका गांधी कोई जादूगर तो है नहीं जो छड़ी घुमा देंगी? इसलिए 16 मई को उनके बनारस में रोड शो से कुछ नहीं बदलने वाला। बनारस के कांग्रेसी नेता भी मान रहे हैं कि प्रियंका के रोड शो से बस अजय राय की जमानत बच सकती है। बाकी हारना तय है। सपा-बसपा गठबंधन की प्रत्याशी शालिनी यादव भी हारेंगी और प्रधानमंत्री मोदी का रिकार्ड मतो से जीतना तय है। बताते हैं खुद अजय राय को भी कोई उम्मीद नहीं है। लेकिन पार्टी के प्रत्याशी है तो चुनाव तो लड़ना ही है, लेकिन हर किसी की जुबान पर एक बात है। लोगों का कहना है कि प्रियंका आज के बजाए कल की राजनीति करने आई हैं। वह 2022 की जमीन तैयार कर रही हैं और कांग्रेस उन्हें उप्र में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर सकती है। लोगों का कहना है कि इससे बसपा की नेता मायावती घबराई हैं। इसलिए चुनाव के बाद अभी राजनीतिक घमासान भी बढ़ेगा।
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दिलीप घोष कुछ नहीं कह पा रहे हैं?
पश्चिम बंगाल के भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष का गला रुंध गया है। वह असमंजस की स्थिति देखकर कुछ नहीं कह पा रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भले ही पश्चिम बंगाल में 25 सीटें जीत लेने का दावा कर रहे हों, लेकिन दिलीप घोष छह-सात के ऊपर नहीं बढ़ पाते। निजी बातचीत में वह कहते भी हैं कि वह तो गठबंधन के नेता हैं। उनके लिए ठीक से अंदाजा करना मुश्किल है कि कितनी सीटें आएंगी। वहीं भाजपा महासचिव कैलाश विजयावर्गीज को पश्चिम बंगाल में चौंकाने वाला नतीजा साफ आता दिख रहा है।