फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Tiddi Dal Attack India Latest News in Hindi: Locust Attack to Rajasthan Madhya Pradesh Uttar Pradesh Maharashtra and Odisha Tiddi Attack

राजस्थान, मध्यप्रदेश के बाद उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और उड़ीसा में टिड्डी दल का खतरा

Wed, 03 Jun 2020 07:12 PM IST
अनिल पांडेय अमर उजाला रिसर्च टीम नई दिल्ली
अमर उजाला रिसर्च टीम नई दिल्ली Published by: अनिल पांडेय Updated Wed, 03 Jun 2020 07:12 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Tiddi Dal Attack India Latest News in Hindi: Locust Attack to Rajasthan Madhya Pradesh Uttar Pradesh Maharashtra and Odisha Tiddi Attack
टिड्डी का हमला - फोटो : PTI

कोरोना महामारी के बीच पाकिस्तान से राजस्थान होते हुए मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश और उड़ीसा में टिड्डियों (लोकस्ट) के हमले से परेशानी बढ़ गई है। उड़ीसा में ड्रोन से कीटनाशक का छिड़काव कर इन्हें मारने की तैयारी चल रही है। वहीं सबसे अधिक प्रभावित राजस्थान में ड्रोन के बाद हेलीकॉप्टर से कीटनाशक का छिड़काव कर इनके खाद में पर मंथन हो रहा है।


loader

कोरोना महामारी के बीच पाकिस्तान से राजस्थान होते हुए मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश और उड़ीसा में टिड्डियों (लोकस्ट) के हमले से परेशानी बढ़ गई है। उड़ीसा में ड्रोन से कीटनाशक का छिड़काव कर इन्हें मारने की तैयारी चल रही है। वहीं सबसे अधिक प्रभावित राजस्थान में ड्रोन के बाद हेलीकॉप्टर से कीटनाशक का छिड़काव कर इनके खाद में पर मंथन हो रहा है।

देश भर में 89 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को कीटनाशक के छिड़काव के लिए लगाया गया है। इसके अलावा 120 सर्वे यंत्र और 810 ट्रैक्टरों से कीटनाशक का छिड़काव हो रहा है। राजस्थान के 33 में से 22 जिलों यानी 38,308 हेक्टेयर क्षेत्र को डीडीओ ने अपनी चपेट में ले लिया है। अभी जैसे हालात हैं उस तरह प्लेग की तरफ से लगेगा। जिसका सीधा असर खाद्य सुरक्षा और रोजी-रोटी पर पड़ेगा।


उड़ीसा के जिलों से जुड़ी आंध्र प्रदेश छत्तीसगढ़ और झारखंड में अलर्ट जारी कर दिया गया है। पड़ोसी राज्यों से भी नजर रखने को कहा गया है हमले को रोका नहीं गया, तो राजस्थान समेत मध्य प्रदेश, यूपी, गुजरात और महाराष्ट्र में बागवानी कृषि सबसे अधिक प्रभावित होगी। यह सभी राज्य भागों से पैदा होने वाले 312 मिलियन टन करीब 38 फ़ीसदी खाद्यान्न उपलब्ध कराते हैं। सब्जियां 59 फीसदी और करीब 31 फीसदी फलों के उत्पादन पर असर पड़ेगा।

प्लेग की तरह फैली टिड्डी तो खाद्य सुरक्षा और रोजी-रोटी पर असर

टिड्डी दल
टिड्डी दल - फोटो : PTI
जून-जुलाई तक संख्या कम करने की कोशिश
उड़ीसा यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी के कुलपति पवन कुमार अग्रवाल ने बताया है कि सरकार ड्रोन की मदद से कीड़े मारने की दवाई का छिड़काव कर वीडियो का खात्मा करेगी। इसके लिए 9 प्रभावित जिलों की पहचान कर ली गई है। जैसलमेर जिले में ठंडी दलों का आगमन जारी है। लोकस्ट कंट्रोल अफसर राकेश कुमार ने बताया कि हर संभव कोशिश की जा रही है। ताकि जून और जुलाई में इनकी संख्या कम कर सकें। अभी ड्रोन से कीटनाशक का छिड़काव किया जा रहा है।

हरी-भरी फसलों को होगा नुकसान
दिल्ली में स्थित साउथ एशिया बायोटेक्नोलॉजी सेंटर के शोधकर्ता गोविंद गुजर का कहना है कि यह खतरनाक है कि टिड्डे मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश पहुंच गए हैं। जहां यह हरी-भरी फसलों को नुकसान पहुंचाएगी। जून के मध्य तक बारिश हुई, तो स्थिति और खराब हो सकती है। केंद्र ने ब्रिटेन से 15 छिड़काव मशीनें मंगाई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed