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अहमद पटेल की मुश्किलें बढ़ीं, गहलोत बोले- हमारे 8 विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग

Tue, 08 Aug 2017 06:48 PM IST
amarujala.com- presented by: मनीष कुमार
amarujala.com- presented by: मनीष कुमार Updated Tue, 08 Aug 2017 06:48 PM IST
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live updates  voting by congress and bjp MLAs for rajya sabha member in gujarat (NCP) 

राज्यसभा चुनाव के लिए गुजरात में कांग्रेस और बीजेपी के बीच छिड़ी जंग का घटनाक्रम आज थम जाएगा। बेंगलुरू से गुजरात लौटे कांग्रेस के सभी विधायक वोटिंग के लिए विधानसभा पहुंचे हैं। सभी विधायक आणंद के रिजॉर्ट से गांधीनगर के लिए रवाना हुए थे। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस की ओर से राज्यसभा सांसद के लिए उम्मीदवार बने अहमद पटेल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। 

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कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने बयान दिया है कि जिन-जिन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है उन सभी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गहलोत ने ये भी जाहिर किया कि जेडीयू और एनसीपी के एक-एक विधायकों ने उन्हें वोट दिया है।
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बताया जा रहा है कि कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि साणंद के एक कांग्रेसी विधायक करमसी पटेल ने बीेजपी के पक्ष में वोट डाल दिया है। हालांकि,  जेडीयू के विधायक छोटू वसावा ने कांग्रेस के समर्थन में वोट दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि उनके अहमद पटेल से अच्छे रिश्ते हैं।
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वहीं एनसीपी के दो हिस्सों में बंट जाने के बाद पार्टी की ओर वोट देने वाले विधायकों ने खुले तौर कहा कि उन्होंने किसे वोट दिया। विधायक कांधल जडेजा ने मीडिया से कहा कि उन्होंने पहले ही अपनी स्थिति जाहिर कर दी थी, कि वे कांग्रेस को वोट नहीं देंगे।
 
इस बीच वोटिंग के बाद कांग्रेस छोड़ चुके शंकर सिंह वाघेला ने कहा कि उन्होंने अहमद पटेल को वोट नहीं दिया। बता दें कि गुजरात में करीब दो दशक बाद हो रहे चुनाव के लिए बीजेपी की ओर से उम्मीदवार बने अमित शाह और स्मृति ईरानी गुजरात विधानसभा पहुंचे।   
कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार बने अहमद पटेल अपनी जीत के लिए हर कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी ये राह आसान नहीं लग रही है। दरअसल, यहां से बड़े दलों के अधिकृत प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो जाते थे लेकिन इस बार भाजपा ने पांचवें कार्यकाल के लिए किस्मत आजमा रहे पटेल के सामने अपने उम्मीदवार को उतार दिया है। सत्तारूढ़ भाजपा ने यहां तीन राज्यसभा सीटों के लिए पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और बलवंत सिंह राजपूत को उतारा है। राजपूत हाल तक सदन में कांग्रेस के मुख्य सचेतक थे।

शाह और ईरानी का उच्च सदन में पहुंचना तय माना जा रहा है लेकिन राजपूत को जिताने और पटेल को हराने के लिए भाजपा को अतिरिक्त वोट हासिल करने होंगे। पटेल ने आज बेंगलूरू प्रवास से लौटे कांग्रेस विधायकों से मुलाकात की। उन्होंने अपनी जीत का भरोसा जताया।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा  कि यह चुनाव किसी की प्रतिष्ठा से नहीं जुड़ा। मुझे अपने विधायकों पर पूरा भरोसा है। कांग्रेस के इन 44 विधायकों के अलावा राकांपा के दो और जदयू के एक विधायक मेरे लिए वोट देंगे। इन विधायकों को अब आणंद जिले के एक रिसार्ट में रखा गया है। पटेल ने दावा किया कि राकांपा के दो विधायक उन्हें वोट देंगे, लेकिन शरद पवार की पार्टी के एक विधायक ने दावा किया कि दोनों विधायकों को भाजपा के प्रत्याशी बलवंतसिंह राजपूत का समर्थन करने का निर्देश दिया गया है।

वोटिंग को लेकर NCP दो हिस्सों में बंटी

इस मुद्दे पर राकांपा बंटी हुई दिखी। पवार की बेटी और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि पार्टी कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देगी। राकांपा विधायक कंधाल जडेजा ने गांधीनगर में संवाददाताओं से कहा कि वह और एक और पार्टी विधायक जयंत पटेल से राजपूत के समर्थन में वोट देने को कहा गया है।

हालांकि, जब सुप्रिया सूले से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने टेक्स्ट मैसेज के जवाब में कहा, ‘‘मुझे जो जानकारी है वे कांग्रेस को वोट देंगे।’’ करीब डेढ़ दशक से अधिक समय से राज्य की सत्ता से बाहर चल रही कांग्रेस हाल ही में पार्टी के दिग्गज नेता शंकर सिंह वाघेला के पार्टी छोड़ने से स्तब्ध रह गयी थी।

इसके बाद राजपूत समेत छह विधायकों ने विधानसभा से इस्तीफा देकर कांग्रेस को और झटका दे दिया। इनमें से तीन विधायक बाद में भाजपा में शामिल हो गये। राजपूत, वाघेला के रिश्तेदार हैं। गुजरात में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राज्यसभा की चुनावी जंग ने सियासी सरगर्मियां काफी बढ़ा दी हैं।

अहमद पटेल को जीतने के लिए 45 मत चाहिए। उनकी पार्टी के पास वर्तमान में 44 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। इनमें से कोई भी अगर क्रॉस वोटिंग नहीं करता है या ‘उपयुक्त में से कोई नहीं’ (नोटा) विकल्प का प्रयोग नहीं करता है, उस स्थिति में भी कांग्रेस को पटेल की जीत सुनिश्चित करने के लिए एक अतिरिक्त मत की जरूरत होगी।

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