फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   like his own Brahmagani, Asaram is not considered to be a crime 

अपने जैसे ‘ब्रह्मज्ञानी’ का लड़की से दुष्कर्म करने को अपराध नहीं मानता आसाराम

Fri, 27 Apr 2018 02:58 AM IST
एजेंस्री, जोधपुर
एजेंस्री, जोधपुर Updated Fri, 27 Apr 2018 02:58 AM IST
विज्ञापन
like his own Brahmagani, Asaram is not considered to be a crime 
Asaram
नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने के आरोप में बुधवार को आजीवन जेल की सजा पाने वाले आसाराम की नजर में ये अपराध नहीं है। आसाराम का मानना है कि उसके जैसे ‘ब्रह्मज्ञानी’ या प्रबुद्ध आदमी का किसी लड़की का यौन शोषण करना अपराध नहीं है। ये सब बातें अभियोजन के गवाह राहुल के. सचान ने ट्रायल कोर्ट के सामने चली कार्रवाई के दौरान कही थी। 
विज्ञापन


सचान ने अपनी गवाही में ये भी बताया था कि आसाराम अपनी यौन शक्ति बढ़ाने के लिए दवाओं का सहारा लेता था। इसके लिए वह ‘पंचेद बूटी’ कोडवर्ड कहकर अपनी सहायिकाओं को इशारा करता था। आसाराम के आश्रम से जुड़े राहुल का ये बयान उस 453 पेज लंबे निर्णय का हिस्सा है, जो आसाराम और उसके दो साथियों को करीब 5 साल पहले एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोप में सजा सुनाने के लिए अदालत की तरफ से लिखा गया था।
विज्ञापन


सचान आसाराम का बेहद करीबी था और उसकी ‘कुटिया’ तक पहुंच रखता था। सचान ने गवाही दी थी कि उसने वर्ष 2003 में आसाराम को राजस्थान के पुष्कर, हरियाणा के भिवानी और गुजरात के अहमदाबाद में अपने आश्रमों में लड़कियों का यौन शोषण करते हुए देखा था। सचान ने अदालत को बताया था कि अहमदाबाद में एक शाम को वह आसाराम की कुटिया की दीवार फांदकर अंदर पहुंचा था तो उसे लड़की का यौन शोषण करते हुए पाया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सवाल पूछने पर कर दिया था बाहर

सचान का कहना था कि उसने पत्र लिखकर सवाल किया था कि वह (आसाराम) ऐसा क्यों कर रहा है और ये पत्र रसोइये को सौंपा था। सचान का कहना था कि आसाराम ने पत्र पढ़ने के बावजूद अनदेखा कर दिया था। इसके बाद उसने दूसरा पत्र लिखा, लेकिन इसका भी जवाब नहीं मिलने पर उसने सीधे आसाराम के पास पहुंचकर ये सवाल किया था। सचान ने गवाही में कहा था कि तब आसाराम ने कहा, ब्रह्मज्ञानी को ये सब करने से पाप नहीं लगता। जब उसने दोबारा पूछा कि ब्रह्मज्ञानी के मन में ऐसी इच्छा कैसे हो सकती है तो आसाराम ने उसे गार्ड से कहकर आश्रम से बाहर करा दिया था।

टार्च लाइट से देता था सिग्नल

सचान ने अदालत को बताया था कि आसाराम दुष्कर्म के लिए अपने साथ रहने वाली तीन खास महिला सहायकों को टॉर्च जलाकर सिग्नल देता था। इसके बाद ये तीनों पहले से तय की गई लड़की को आसाराम की कुटिया में उसके कमरे में पहुंचा देती थी। सचान ने बताया कि लड़की चुने जाने के दौरान वह भी तीनों महिलाओं के साथ आसाराम के करीब होता था। सचान ने ये भी बताया कि ये तीनों महिलाएं हीं आसाराम के यौन शोषण की शिकार लड़कियों का गर्भपात कराती थीं।


दो बार कराया सचान पर हमला

आश्रम से बाहर होने के बाद सचान पर वर्ष 2004 में हमला किया गया, जिसकी एफआईआर दर्ज कराने पर भी पुलिस ने सुनवाई नहीं की। बाद में 2013 के नाबालिग से यौन शोषण मामले में गवाही देने पर एक बार फिर उस पर हमला किया गया। बरेली से लखनऊ जाकर बस गए सचान इसके बाद से ही गायब चल रहे हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed