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सियासी संरक्षण में ताकतवर होता गया रामवृक्ष, मंत्रियों और अधिकारियों से थे उसके ताल्लुकात

Sun, 05 Jun 2016 02:00 AM IST
पुनीत शर्मा/ अमर उजाला, मथुरा
पुनीत शर्मा/ अमर उजाला, मथुरा Updated Sun, 05 Jun 2016 02:00 AM IST
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life story of  Ramvriksh yadav who in main in jawahar bagh issue mathura
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, मथुरा-बरेली
इकहरा बदन, उम्र पैंसठ साल, रुआबदार चेहरा। गाजीपुर का यह शख्स इतना ताकतवर हो जाएगा कोई नहीं जानता था। गाजीपुर के मरदह थाने के रायपुर बागपुर गांव का रहने वाला रामवृक्ष चंद दिनों में ही एक बड़ा माफिया बन गया। उसने मथुरा के जवाहर बाग पर ढाई साल से कब्जा जमा रखा था, लेकिन न तो सरकार की हिम्मत हुई कि उसे हटा दे और न ही प्रशासन कुछ कर सका।
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रामवृक्ष ने स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रह संगठन का गठन करके नौजवानों की एक पूरी फौज तैयार कर ली थी। मध्य प्रदेश, झारखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार में उसने अपने संगठन से हजारों लोगों को जोड़ रखा था। इस संगठन के जरिए वह इतना ताकतवर हो गया कि सरकारों को चुनौती देने लगा। रामवृक्ष उस वक्त चर्चा में आया जब उसने जनवरी 2014 को मध्य प्रदेश के सागर से एक यात्रा शुरू की। इस यात्रा में करीब एक हजार लोग थे। उसने एलान किया कि वह विभिन्न मांगों के लिए दिल्ली घेरेगा, लेकिन उसने अपना रास्ता बदल दिया और मथुरा पहुंच गया। यहां जवाहर बाग पर अपना कब्जा जमा लिया। 14 मार्च 2014 को वह हजारों लोगों के साथ मथुरा पहुंच गया और बाग पर कब्जा जमा लिया। तब से बाग पर उसका कब्जा चला आ रहा था। रामवृक्ष का उत्तर प्रदेश के साथ ही दूसरे राज्यों के मंत्रियों से भी संबंध बताया जाता है।
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जवाहर बाग में चलाए ट्रेनिंग कैंप
रामवृक्ष जवाहर बाग में पिछले दो साल से ट्रेनिंग कैंप चला रहा था। नौजवानों को शस्त्र प्रशिक्षण दिया जाता था। महिलाओं की भी फौज तैयार कर ली थी। पुलिस ने जवाहर बाग से तमाम शस्त्र भी बरामद किए हैं। लग्जरी गाड़ियां भी उसके पास थीं। उसकी मंशा प्रदेश के कई आश्रमों पर कब्जा करने की थी।
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नौजवानों की भर्ती को निकाला था विज्ञापन
रामवृक्ष ने नौजवानों की भर्ती करने के लिए इश्तियार तक निकाले थे। पांच हजार से ज्यादा लोगों की भर्ती भी कर ली थी। उसका कहना था कि वह हर नौजवान को पांच हजार रुपये और रहने के लिए मकान देगा। एक बार को तो जवाहर बाग में भर्ती के लिए नौजवानों का कैंप लग गया था।

जवाहर बाग में बंधक था पूरा परिवार

life story of  Ramvriksh yadav who in main in jawahar bagh issue mathura
समानांतर सत्ता चलाने वाला रामवृक्ष यादव जवाहर बाग में रहने वाले अपने समर्थक और मजदूरों का शोषण भी करता था। एक बार मथुरा के जवाहर बाग में जो प्रवेश कर गया, वह अपनी मर्जी से वहां से छोड़कर नहीं आ सकता था। जवाहर बाग में मजदूरी करने गए जिले के शमशेरगंज निवासी अजीत ने यह कहानी बयां की। पीड़ित ने बताया कि रामवृक्ष ने पूरे परिवार को बंधक बना लिया था। वह पूरे परिवार को वह एक साथ गांव नहीं आने देता था। यदि कभी गांव आने के लिए कहा जाए तो वह परिवार के एक या दो सदस्यों को जमानत के तौर पर जबरन रोक लेता था।

अजीत ने बताया कि उसके बाबा रामचंद्र कश्यप मथुरा मजदूरी करने गए थे। उन्हें जवाहर बाग में 2500 रुपये प्रतिमाह मजदूरी मिलती थी। जब छह माह बाद उन्होंने घर आने के लिए कहा तो रामवृक्ष यादव ने मना कर दिया। रामवृक्ष ने बाबा से कहा कि वह अपने परिवार को फोन से बुला लें तब जाने देंगे। इस पर बाबा ने हमारे पापा व मां और भाई बहन को बुला लिया। वहां से हम लोगों को कभी एक साथ घर नहीं आने दिया जाता था। जमानत के रूप में परिवार के कुछ लोगों को वह जवाहर बाग में ही रोक लेता था। हम लोगों से भंडारे काम कराया जाता था। पूरे परिवार को दस हजार रुपया प्रतिमाह दिया जाता था।

रामवृक्ष यादव माह में एक बार बैठक जरूर करता था। इसमें रणनीति बनाई जाती थी। जवाहर बाग में रहने वाले बच्चों के लिए पढ़ने की भी व्यवस्था की गई थी, जहां पर वहां काम करने वाले लोगों के करीब 260 बच्चे पढ़ते थे। रामवृक्ष यादव को लोग नेताजी के नाम से बुलाते थे। अजित ने यह भी बताया कि पिछले कुछ दिनों से जवाहर बाग में रहने वाला व्यक्ति बाहर जाने की कहता था तो डराया जाता था कि पुलिस पकड़ लेगी। बवाल की शाम को वह बड़ी मुश्किल से जवाहर बाग से बाहर निकले। मथुरा से आगरा के लिए ट्रेन पकड़ी, वहां से रात ढाई बजे इटावा पहुंचे।

सोशल मीडिया पर चल रहे फोटो देख पहचाना मां को
शनिवार को सोशल मीडिया पर एक घायल महिला की फोटो वायरल हुई थी। उक्त फोटो को दिखाने पर उसके आंसू छलक आए। अजीत ने बताया कि यही महिला उसकी मां सुमन है। वह कहां भर्ती है, यह पूछने पर उसने कहा कि शमशेरगंज से दादा, पापा और कई लोग उन्हें तलाशने गए हैं लेकिन उन्हें भी इसकी जानकारी नहीं है कि मां कहां पर भर्ती हैं। (अमर उजाला ब्यूरो,किशनी (मैनपुरी) से रिपोर्ट)
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