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लॉकडाउन खत्म होने के बाद कैसी होगी हमारी जिंदगी?

Tue, 21 Apr 2020 05:43 PM IST
pradeep pandey प्रदीप पाण्डेय
Updated Tue, 21 Apr 2020 05:43 PM IST
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Life after coronavirus and lockdown end, what you can expect from people of the world
Life after coronavirus and lockdown - फोटो : social media

कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया में 24 लाख से अधिक लोग संक्रमित हैं और 1.5 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए अधिकतर देशों में लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का तरीका अपनाया गया है, क्योंकि जब तक कोई वैक्सीन नहीं आ जाती है तब तक कोरोना के संक्रमण को रोकने का एक ही रास्ता है और वह है सोशल डिस्टेंसिंग।


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लॉकडाउन की वजह से लोग अपने ही घरों में कैद हैं। जो लोग कल तक चाय का कप धोने के लिए भी कामवाली बाई पर निर्भर रहते थे वे आज झाड़ू-पोंछा लगाने से लेकर खाना बना रहे हैं और बर्तन भी साफ कर रहे हैं। इस बात में कोई संदेह नहीं है कि कोरोना वायरस ने लोगों को आत्मनिर्भर बना दिया है। अब सवाल कोरोना वायरस और लॉकडाउन के बाद की जिंदगी का है। आइए समझते हैं कि कोरोना के बाद लोगों की जिंदगी कैसी होगी?

  1. शॉपिंग में कटौती- कोरोना महामारी ने यह बात साबित कर दिया है कि इंसान फिजूलखर्जी बहुत ज्यादा करता है। ऐसा नहीं है कि लॉकडाउन में लोगों के खर्चे नहीं हो रहे हैं लेकिन कोरोना ने अनावश्यक खरीदारी पर लगाम जरूर लगा दी है। इसे सीधे शब्दों में कहें तो पिछले दो महीने में शायद ही किसी ने नए कपड़े खरीदे होंगे। एक बात और ध्यान देने वाली है कि जब हम किसी शॉपिंग मॉल में जाते हैं तो हम उन चीजों को भी खरीद लेते हैं जिनकी हमें कुछ खास जरूरत नहीं होती है। ऐसे में हमारा महीने का खर्च बढ़ जाता है लेकिन लॉकडाउन में इस पर लगाम लगी है।
  2. साफ-सफाई- कोरोना महामारी फैलने के बाद हमें साफ-सफाई की अहमियत समझ में आई है। मेट्रो की सीढ़ियों के हैंडल पर हाथ रखकर चलना, बालकनी की रेलिंग को छूना, लिफ्ट में एक कोने में जाकर टेक लेना, नाखून चबाना, नाक में उंगली करना जैसी आदतें हमारी दिनचर्या में शामिल थीं जो अब धीरे-धीरे खत्म हो रही हैं। बैचलर्स को लेकर कहा जाता है कि वे साफ-सफाई से नहीं रहते, लेकिन कोरोना महामारी ने उन्हें भी बदल दिया है।
  3. आत्म निर्भरता- बचपन से ही हमें मां-बाप से सीख मिलती है कि बेटा आत्म निर्भर बनो। लड़का हो या लड़की उसे घर-गृहस्थी का काम तो आना ही चाहिए, हालांकि कई लोग इन सब बातों को नहीं मानते। ऐसे लोग फिर होटल, टिफिन या फिर ऑनलाइन खाना डिलिवर करने वाली कंपनियों पर निर्भर रहते हैं, लेकिन लॉकडाउन ने यह बता दिया कि गृहस्थी का काम सीखना कितना जरूरी है। लॉकडाउन में सबसे अधिक परेशानी ऐसे लोगों को ही हो रही है।
  4. मेल-मिलाप का तरीका- आमतौर पर हम जब किसी से मिलते हैं तो हाथ मिलाते हैं या फिर कोई ज्यादा करीबी होता है तो उसे लगे से लगाते हैं, लेकिन कोरोना फैलने के बाद मेल-मिलाप का तरीका बदल गया है और उम्मीद है कि कोरोना खत्म होने के बाद भी यह जारी रहेगा। कोरोना खत्म होने के बाद भी लोग एक-दूसरे से हाथ मिलाने से कतराएंगे। ऐसे में मिलने का तरीका शुरुआत में नमस्ते ही होगा। 
  5. जंक फूड से तौबा- सोशल मीडिया पर आपको तमाम ऐसे पोस्ट मिल जाएंगे जिनमें लिखा हुआ मिल जाएगा कि आपुन को समोसा मांगता है, आपुन को मोमोज मांगता है और आपुन को गोलगप्पे मांगता है। डॉक्टर्स ने हमेशा से जंक और फास्ट फूड खाने से मना किया है। यह बात लॉकडाउन में साबित भी हो गई कि जंक फूड नहीं खाने से कोई बीमार नहीं पड़ता, बल्कि खाने के बाद बीमार जरूर हो सकता है। उम्मीद यही है कि लॉकडाउन खुलने के बाद फास्ट फूड से लोगों को कुछ खास लगाव नहीं रहेगा।
  6. नशा- लॉकडाउन में सबसे ज्यादा परेशानी जिन लोगों को हो रही है उनमें नियमित रूप से शराब सेवन करने वाले भी शामिल हैं। जो लोग रोज शराब पीते थे वे भी आज आराम से घरों में बिना शराब पीए रह रहे हैं और 21 दिन किसी आदत को छुड़ाने के लिए काफी होता है। संभव है कि लॉकडाउन खुलने के बाद कुछ लोग शराब पीना छोड़ दें। सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि लॉकडाउन के कारण घर ही नशामुक्ति केंद्र बन गया है।
  7. परिवार से लगाव- लॉकडाउन और कोरोना ने लोगों के पारिवारिक रिश्ते को मजबूत किया है। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है। जो लोग कल तक परिवार से दूर भाग रहे थे उन्हें भी आज परिवार की याद आ रही है। लॉकडाउन की वजह से लोगों को अपने बच्चों और परिवार के साथ वक्त बिताने का मौका मिला है जिसका सुखद परिणाम भविष्य में देखने को मिलेगा। कोरोना खत्म होने के बाद लोगों के पारिवारिक रिश्तों में मजबूती देखने को मिलेगी।
  8. मांसाहार में कमी- लॉकडाउन और कोरोना वायरस खत्म होने के बाद चिकन, मटन खाने वालों की संख्या में कमी देखने को मिल सकती है, क्योंकि लोगों की जेहन में यह बात धीरे-धीरे घर कर रही है कि मांसाहार से बीमारियां हो सकती हैं। कोरोना का संक्रमण फैलने के शुरुआती दौर में ही लोगों ने चिकन खाना बंद कर दिया था जिसकी वजह से महाराष्ट्र में पॉल्ट्री किसानों को लाखों का नुकसान हुआ, जबकि स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि चिकन से कोरोना फैलने की अभी तक कोई पुष्टि नहीं है।
  9. वर्क फ्रॉम होम- कुछ दिन पहले एक रिपोर्ट आई थी जिसमें अनुमान लगाया गया था कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी कई कंपनियां वर्क फ्रॉम होम के लिए राजी हैं। लॉकडाउन खत्म होने के बाद वर्क फ्रॉम होम (घर से ऑफिस का काम) एक ट्रेंड बन सकता है, क्योंकि वर्क फ्रॉम होम की स्थिति में कर्मचारी के लिए ऑफिस में कोई सेटअप की जरूरत नहीं है। इसके अलावा बिजली-पानी जैसे अन्य खर्च भी नहीं हैं| कई ऐसी कंपनियां पहले से ही वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दे रही हैं।
  10. भीड़-भाड़ से दूरी- लॉकडाउन के बाद इसकी पूरी संभावना है कि लोग भीड़-भाड़ वाले इलाके में जाने से ठीक उसी तरह परहेज करेंगे जिस तरह लॉकडाउन में कर रहे हैं। बाजार, मॉल और मेले में भी लोग जाएंगे लेकिन एक-दूसरे से एक तय दूरी का जरूर ख्याल रखेंगे और वैसे भी भीड़-भाड़ वाले इलाके से दूर रहना कोई बुरी बात नहीं है।

आप हमें कॉमेंट में बताएं कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद सबसे पहले क्या करने वाले हैं

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