{"_id":"5ced07e5bdec22077a428e65","slug":"lieutenant-governor-of-puducherry-kiran-bedi-to-attend-swearing-in-ceremony-of-pm-narendra-modi","type":"story","status":"publish","title_hn":"नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगी पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगी पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी
Tue, 28 May 2019 03:40 PM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुडुचेरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुडुचेरी
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 28 May 2019 03:40 PM IST
विज्ञापन
किरण बेदी
पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथग्रहण समारोह में शामिल होंगी। मोदी बतौर प्रधानमंत्री दूसरे कार्यकाल के लिए 30 मई को शपथ लेंगे। एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि बेदी मंगलवार को दिल्ली के लिए रवाना हो गईं।
इस बीच बेदी बुधवार को उपराज्यपाल के पद पर अपने तीन साल पूरे कर लेंगी लेकिन दिल्ली में शपथग्रहण समारोह में हिस्सा लेने की वजह से वह केंद्र शासित प्रदेश में मौजूद नहीं रहेंगी।
बेदी के 29 मई 2016 को पद संभालने के बाद से ही उनकी तथा मुख्यमंत्री वी नारायणसामी एवं उनकी सरकार के बीच कई प्रशासनिक मुद्दों को लेकर ठनी रहती है।
बेदी ने बाद में केंद्र शासित प्रदेश के लोगों को एक व्हाट्सएप संदेश में कहा कि वह केंद्र सरकार के समक्ष केंद्र शासित प्रदेश के मुद्दों को प्राथमिकता से उठाएंगी।
विज्ञापन
उन्होंने लोगों को लिखे एक 'खुले पत्र' में कहा कि वह पुडुचेरी की सेवा के लिए प्रधानमंत्री का उन पर विश्वास जताने के लिए आभारी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री और सरकारी अधिकारियों को बिना किसी समर्थन के धन्यवाद दिया।
उपराज्यपाल ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश के पास समृद्धि के लिए जरूरी सब कुछ मौजूद है, "बशर्ते समाज के सभी वर्ग अपने कर्तव्यों को पूरा करने की जिम्मेदारी लें।"
30 अप्रैल को मद्रास उच्च न्यायालय ने कहा था कि बेदी केंद्र शासित प्रदेश की चुनी हुई सरकार के दिन-प्रतिदिन के मामलों में "हस्तक्षेप नहीं कर सकती हैं।" मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने अदालत के इस फैसले को लोकतंत्र की "जीत" कहा था।
अदालत ने कांग्रेस के एक विधायक की याचिका पर यह फैसला सुनाया था। याचिका में गृह मंत्रालय द्वारा जनवरी और जून 2017 में जारी दो संचारों को चुनौती दी गई थी जिसके तहत प्रशासक की शक्ति को "बढ़ाया" गया था।
विज्ञापन
इस बीच बेदी बुधवार को उपराज्यपाल के पद पर अपने तीन साल पूरे कर लेंगी लेकिन दिल्ली में शपथग्रहण समारोह में हिस्सा लेने की वजह से वह केंद्र शासित प्रदेश में मौजूद नहीं रहेंगी।
विज्ञापन
बेदी के 29 मई 2016 को पद संभालने के बाद से ही उनकी तथा मुख्यमंत्री वी नारायणसामी एवं उनकी सरकार के बीच कई प्रशासनिक मुद्दों को लेकर ठनी रहती है।
बेदी ने बाद में केंद्र शासित प्रदेश के लोगों को एक व्हाट्सएप संदेश में कहा कि वह केंद्र सरकार के समक्ष केंद्र शासित प्रदेश के मुद्दों को प्राथमिकता से उठाएंगी।
विज्ञापन
उन्होंने लोगों को लिखे एक 'खुले पत्र' में कहा कि वह पुडुचेरी की सेवा के लिए प्रधानमंत्री का उन पर विश्वास जताने के लिए आभारी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री और सरकारी अधिकारियों को बिना किसी समर्थन के धन्यवाद दिया।
उपराज्यपाल ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश के पास समृद्धि के लिए जरूरी सब कुछ मौजूद है, "बशर्ते समाज के सभी वर्ग अपने कर्तव्यों को पूरा करने की जिम्मेदारी लें।"
30 अप्रैल को मद्रास उच्च न्यायालय ने कहा था कि बेदी केंद्र शासित प्रदेश की चुनी हुई सरकार के दिन-प्रतिदिन के मामलों में "हस्तक्षेप नहीं कर सकती हैं।" मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने अदालत के इस फैसले को लोकतंत्र की "जीत" कहा था।
अदालत ने कांग्रेस के एक विधायक की याचिका पर यह फैसला सुनाया था। याचिका में गृह मंत्रालय द्वारा जनवरी और जून 2017 में जारी दो संचारों को चुनौती दी गई थी जिसके तहत प्रशासक की शक्ति को "बढ़ाया" गया था।