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LCA Tejas: लगातार बढ़ रहे हैं स्वदेशी फाइटर जेट तेजस के चाहने वाले, अब इस देश का आया दिल, बनाया खरीदने का मन
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LCA Tejas
- फोटो :
AMar Ujala
विस्तार
वायु सेना को स्वदेशी तेजस फाइटर जेट की डिलीवरी में हो रही देरी के बावजूद इसके चाहने वालों की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है। गुरुवार को दूसरे चरण में तरंग शक्ति हवाई अभ्यास के आखिरी दिन जोधपुर के आसमान में जब तेजस में अपने हवाई करतब दिखाए, तो वहां बैठी विदेशी सेनाओं के अध्यक्ष भी उसकी क्षमताओं को देख कर आश्चर्य चकित रह गए। इसी बीच ब्राजील ने भी तेजस को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। तरंग शक्ति हवाई अभ्यास के दूसरे चरण में ब्राजील बतौर ऑब्जर्वर शामिल हुआ था। दरअसल ब्राजील अपने पुराने पड़ चुके नॉर्थरॉप F-5 बेड़े को रिटायर करने की सोच रहा है।
पुराने F-5 बेड़े को रिटायर करना चाहता है ब्राजील
जोधपुर में तरंग शक्ति में आए ब्राजील के एक रिप्रेजेंटेटिव से जब अमर उजाला ने बात की, तो उन्होंने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि ब्राजील ने तेजस में दिलचस्पी दिखाई है और वह अपने पुराने पड़ चुके F-5 बेड़े को रिटायर करना चाहता है। उन्होंने बताया कि 2030 से नॉर्थरॉप F-5 को रिटायर करने की शुरुआत हो जाएगी। उन्होंने ब्राजील के मौजूदा ग्रिपेन-ई जेट के अलावा एक अन्य फाइटर जेट को भी ब्राजील की जरूरत बताया और कहा कि तेजस उनके लिए विकल्प बन सकता है। उन्होंने बताया कि हाल ही में ब्राजीलियाई वायु सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट ब्रिगेडियर मार्सेलो कानिट्ज़ डेमासेनो ने भारतीय वायुसेना के चीफ एयर मार्शल वीआर चौधरी से भी मुलाकात की थी। डेमासेनो जल्द ही बेंगलुरु में एचएएल फैसिलिटी का दौरा करने वाले हैं, जहां वे एलसीए में भी उड़ान भरेंगे।
दूसरा या तीसरा विकल्प बन सकता है तेजस
ब्राजील के रिप्रेजेंटेटिव ने बताया कि उनके देश के नियमों के मुताबिक, उनके पास कम से कम दो और अधिकतम तीन तरह के फाइटर जेट होने चाहिए। लेकिन 2030 के बाद, जब F-5 के रिटायरमेंट की शुरुआत होगी, तो हमें शायद दो और तरह के जेट्स की जरूरत होगी। इसलिए, ग्रिपेन के अलावा तेजस हमारे दूसरे या तीसरे फाइटर जेट का विकल्प बन सकता है। वहीं अगली पीढ़ी के फाइटर जेट तेजस एमके2 के प्रोडक्शन की भी शुरुआत होने वाली है औऱ जब तक ब्राजील का नॉर्थरॉप F-5 रिटायर होगा, तब तक यानी 2030 तक तेजस एमके2 का प्रोडक्शन भी पूरी तरह से शुरू हो जाएगा। तेजस एमके II को लगभग 17.5 टन के अधिकतम टेकऑफ वजन (एमटीओडब्ल्यू) के साथ डिजाइन किया गया है, और यह पुराने तेजस एमके-1ए की तुलना में ज्यादा ताकतवर और कैपेबल होगा।
ग्रिपेन-ई से बेहतर है तेजस MkII
ब्राजील का नॉर्थरॉप F-5 ब्राजीलियाई वायु सेना में 1970 में शामिल हुआ था और इसका मैक्सिमम टेकऑफ वेट (MTOW) लगभग 11 टन है। 13.5 टन के MTOW के साथ तेजस MK1A, पेलोड कैपेसिटी और जबरदस्त परफॉरमेंस के मामले में F-5 से ज्यादा बेहतर है। वहीं, ब्राजीलियाई वायु सेना के पास साब ग्रिपेन-ई भी है, जो उनका सबसे एडवांस फाइटरजेट है। इसका MTOW 16.5 टन है, जो तेजस Mk1A और तेजस MkII के बीच का है। वहीं, ब्राजील की नजर भारत के मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (MTA) प्रोग्राम पर भी है और ब्राजील की कंपनी एम्ब्रेयर C-390 की बिक्री के लिए भारतीय वायुसेना के एमटीए टेंडर में शामिल हुई है। बता दें कि ब्राज़ील बार्टर सिस्टम (वस्तु विनिमय सौदे) के तहत भारतीय हथियार खरीदने का इच्छुक है। ब्राजील ने 36 साब ग्रिपेन-ई एयरक्राफ्ट खरीदे हैं, जिन्होंने ब्राजील के पुराने लगभग एक दर्जन पुराने मिराज 2000 की जगह ली है। वहीं ब्राजील अमेरिका से पुराने F-16 फाइटर एयरक्राफ्ट खरीदने की भी सोच रहा है, हालांकि इस पर अभी बातचीत आगे नहीं बढ़ी है।
यूरोफाइटर टाइफून को तेजस ने किया था एंगेज
गुरुवार को तरंग शक्ति अभ्यास के आखिरी दिन भारतीय वायुसेना ने अपने स्वदेशी फाइटर जेट तेजस, हेलीकॉप्टर प्रचंड, सारंग हेलीकॉप्टर और ट्रेनर एयरक्राफ्ट सूर्यकिरण एरोबेटिक्स की टीम ने जोधपुर के आसमान में अपने जलवे बिखेरे थे। यह शो इतना शानदार था कि वहां बैठे विदेशी सेनाओं के रिप्रेंजेटेटिव्स भी खूब तालियां बजा रहे थे। मल्टीनेशनल एयर एक्सरसाइज तरंग शक्ति में तेजस ने खूब तालियां बटोरी हैं। तमिलनाडू के सुलूर में तरंग शक्ति अभ्यास के पहले चरण में वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ (VCAS) एयर मार्शल एपी सिंह ने एलसीए तेजस उड़ाया था, और वे जर्मन एयर फोर्स के यूरोफाइटर को रोकने में कामयाब हुए थे। इतनी बड़ी एक्सरसाइज में, जहां अन्य देशों के मॉर्डन फाइटर एयरक्राफ्ट जैसे यूरोफाइटर टाइफून भी अपने हवाई करतब दिखा रहे थे, तो तेजस ने न केवल टाइफून को इंगेज किया, बल्कि अपनी क्षमता से दूसरे देशों के पायलटों और उनके एयर चीफ को भी हैरान कर दिया।
पहली बार सेना, नौसेना और वायु सेना के उप-प्रमुखों ने भरी तेजस में उड़ान
वहीं, तरंग शक्ति का दूसरे चरण बड़ा एतिहासिक रहा है। इस दौरान भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के उप प्रमुखों ने देश में ही बने लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस में उड़ान भरकर इतिहास रचा। वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ (VCAS) एयर मार्शल एपी सिंह ने सिंगल सीटर फाइटर जेट में उड़ान भरी। जबकि वाइस चीफ आर्मी स्टाफ के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के साथ-साथ नौसेना स्टाफ के उप प्रमुख वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने तेजस के ट्विन सीटर ट्रेनर वर्जन में उड़ान भरी थी।
फ्रांसीसी वायुसेना के पायलट का जीता दिल
फ्रांसीसी वायुसेना के राफेल पायलट 38 साल के मेजर एलेक्सिस गैलोजो ने तरंग शक्ति अभ्यास के पहले चरण में अमर उजाला से खास बातचीत में बताया था कि उन्होंने एलसीए एमके-1 के साथ और उसके खिलाफ कई मिशनों में हिस्सा लिया। लेकिन मैं तेजस फाइटर जेट की क्षमताओं से बेहद प्रभावित हूं। उन्होंने कहा, "इसकी रफ्तार और परफॉरमेंस शानदार है और यह कई तरह के मिशनों को अंजाम दे सकता है।