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बजट 2022: चुनाव कराने और ईवीएम खरीदने के लिए कानून मंत्रालय को मिले 1525 करोड़ रुपये
Tue, 01 Feb 2022 04:21 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Tue, 01 Feb 2022 04:21 PM IST
सार
बजट में लोकसभा चुनाव के लिए 180 करोड़ रुपये और चुनावी फोटो पहचान पत्र के लिए 18 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
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ईवीएम
- फोटो : Social Media
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विस्तार
नई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की खरीद और पुरानी वोटिंग मशीनों को नष्ट करने के लिए चुनाव आयोग को धन उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय बजट 2022-23 में कानून मंत्रालय को 1,525 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मंत्रालय को लोकसभा चुनाव और मतदाता फोटो पहचान पत्र के लिए भी धन आवंटित किया गया है। केंद्रीय कानून मंत्रालय चुनाव आयोग और चुनावी कानूनों से संबंधित मुद्दों के लिए नोडल एजेंसी है।
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एक ईवीएम की औसत उम्र 15 साल
बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रायल यूनिट (वीवीपीआईटी) की खरीद और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों से जुड़ा खर्च और पुरानी वोटिंग मशीनों को नष्ट करने के लिए चुनाव आयोग को धन उपलब्ध कराने के लिए 1525 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। एक ईवीएम के लिए एक कंट्रोल यूनिट और कम से कम एक बैलेट यूनिट बनती है। कड़े प्रोटोकॉल का पालन करते हुए विशेषज्ञ पैनल की निगरानी में पुरानी ईवीएम को नष्ट कर दिया जाता है। एक ईवीएम की औसत उम्र 15 साल होती है।
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चुनाव कराने के लिए कुल 292 करोड़ रुपये
चुनाव कराने के लिए कुल 292 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसमें लोकसभा चुनाव के लिए 180 करोड़ रुपये और चुनावी फोटो पहचान पत्र के लिए 18 करोड़ रुपये शामिल हैं। पिछला लोकसभा चुनाव 2019 में हुआ था। मतदाताओं के लिए पहचान पत्र का प्रावधान मतदाताओं को फोटो-पहचान पत्र जारी करने पर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को केंद्र सरकार की ओर से भरपाई के रूप में दिया जाता है।
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