फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   lateral entry: more than six thousand priavte sector specialists apply for bureaucracy post

यूपीएससी पास किए बिना बनेंगे अफसर, 6 हजार निजी कंपनियों के कर्मचारियों ने किया आवेदन

Mon, 20 Aug 2018 12:44 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 20 Aug 2018 12:44 AM IST
विज्ञापन
lateral entry: more than six thousand priavte sector specialists apply for bureaucracy post
फाइल फोटो

केंद्र सरकार ने बिना संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा दिए सीधी नियुक्ति (लैटरल एंट्री) योजना के तहत संयुक्त सचिव के 10 पदों के लिए निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों के आवेदन मांगे थे। आवेदन करने की अंतिम तारीख 30 जुलाई, 2018 तक सरकार को 6,077 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए हैं। चुने जाने वाले निजी क्षेत्र के लोग अनुबंध के तहत सरकार से जुड़ेंगे। 

विज्ञापन


संयुक्त सचिव के ये पद राजस्व, वित्तीय सेवाओं, आर्थिक मामले, कृषि, किसान हित, सड़क व परिवहन, जहाजरानी, पर्यावरण, वन, जलवायु परिवर्तन, अक्षय ऊर्जा, विमानन और वाणिज्य विभाग में हैं। कार्मिक विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार ने आवेदकों को छांटने का काम शुरू कर दिया है।
विज्ञापन


आमतौर पर इन पदों पर यूपीएससी के जरिये चुनकर आने वाले आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और आईआरएस अधिकारियों की नियुक्ति होती है। मनमोहन सिंह सरकार में योजना आयोग के उपाध्यक्ष रहे मोंटेक सिंह अहलूवालिया भी लैटरल एंट्री से ही नियुक्त हुए थे। पिछले महीने सरकार ने संसद में कहा कि इस तरह की नियुक्तियों से प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर कोई गलत प्रभाव नहीं पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


पहले भी हुई हैं लैटरल एंट्री से नियुक्तियां

लोकसभा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लिखित जवाब में बताया था कि नई प्रतिभाओं को मौका देने और लोगों का सही इस्तेमाल करने के लिए लैटरल एंट्री के तहत नियुक्तियां की जा रही हैं। पहले भी ऐसा किया जा चुका है। मनमोहन सिंह, मोंटेक सिंह अहलूवालिया, विजय केलकर, बिमल जालान, शंकर आचार्य, राकेश मोहन, अरविंद वीरमणि, अरविंद पनगढ़िया, अरविंद सुब्रमण्यन और वैद्य राजेश कटोच की नियुक्ति भी इसी तरह हुई थी। 


नहीं पड़ेगा कोई गलत असर

जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस तरह की नियुक्तियों से कोई गलत असर नहीं पड़ेगा। इसी तरह नियुक्त हुए केलकर वित्त सचिव रह चुके हैं। विमल जालान आरबीआई गवर्नर थे। राकेश मोहन आरबीआई के डिपटी गवर्नर थे और आचार्य, वीरमणि, सुब्रमण्यन आर्थिक सलाहकार रह चुके हैं। अरविंद पनगढ़िया नीति आयोग के उपाध्यक्ष रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed