पिछली बार 906 दागियों और 1525 करोड़पतियों को बांटे गए टिकट
पांच राज्यों में विधानसभा का चुनावी बिगुल बज चुका है। इस बार देखना दिलचस्प होगा कि चुनावी सुधार के माहौल में कौन सी पार्टी कितने दागियों को टिकट देने से कतराती है। क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव में सभी बड़ी पार्टियों ने जमकर दागियों और रसूखदारों को टिकट दिए थे। एडीआर की 2012 की रिपोर्ट के मुताबिक इन राज्यों में 906 दागी उम्मीदवार खड़े हुए थे। इसके अलावा 1525 उम्मीदवार ऐसे थे करोड़पति थे।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) चुनावी सुधार पर काम करने वाली एक गैर सरकारी संस्था है। इसने वर्ष 2012 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव में खड़े हुए उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण किया था। इस हलफनामे में चुनाव में खड़े उम्मीदवार को जरूरी जानकारी दर्ज करा कर चुनाव आयोग को सौंपना होता है।
एडीआर 2012 में उत्तर प्रदेश के 6850 प्रत्याशियों में से 2195 उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण किया। इनमें 35 प्रतिशत (759) उम्मीदवारों के विरुद्ध आपराधिक मामले दर्ज थे। इसमें समाजवादी पार्टी के 199, भाजपा के 147, बसपा के 131 और कांग्रेस के 120 उम्मीदवार दागी थे। इसके अलावा 1046 उम्मीदवार ऐसे थे जिनकी संपत्ति एक करोड़ या इससे अधिक थी।
महज छह फीसदी महिलाओं ने लड़ा था चुनाव
एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक 2012 में उत्तराखंड में 35 प्रतिशत (19) उम्मीदवार आपराधिक पृष्ठभूमि के थे। कुल 32 प्रतिशत (88) उम्मीदवार ऐसे थे जो करोड़पति थे। इसके अलावा 99 उम्मीदवारों ने हलफनामे जानकारी दी कि उन्होंने कभी भी आयकर रिटर्न नहीं भरा।
वहीं 2012 में पंजाब में विधानसभा चुनाव लड़ने वाले 408 उम्मीदवारों की भी रिपोर्ट एडीआर ने तैयार की थी। इसके मुताबिक 91 उम्मीदवार दागी थे, जिनमें से 22 उम्मीदवारों के खिलाफ गंभीर मामलों के केस चल रहे थे। उधर, 266 करोड़पति उम्मीदवार चुनाव में उतरे थे। 92 उम्मीदवारों ने कभी भी आयकर रिटर्न नहीं भरा था।
उधर, गोवा में 30 उम्मीदवारों पर आपराधिक केस दर्ज थे। जबकि 92 उम्मीदवार ऐसे थे, जिनकी संपत्ति एक करोड़ या उससे ज्यादा थी। वहीं मणिपुर में 2012 में 258 उम्मीदवार विधानसभा चुनाव में उतरे थे। इसमें सिर्फ तीन उम्मीदवारों पर क्रिमिनल केस दर्ज थे, और 33 उम्मीदवारों करोड़पति थे।
छह फीसदी महिलाओं ने लड़ा था चुनाव
पांच राज्यों के वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में महिलाओं की भागीदारी सिर्फ 4-9 प्रतिशत ही रही थी। इन राज्यों में कुल 706 महिलाओं ने ही चुनाव लड़ा। जो कुल उम्मीदवारों में छह प्रतिशत था। उत्तर प्रदेश में 9 प्रतिशत (594), उत्तराखंड में 8 प्रतिशत (62), पंजाब में 7 प्रतिशत (29), गोवा में 8 प्रतिशत (10) और मणिपुर में 5 प्रतिशत (12) महिला उम्मीदवारों ने वर्ष 2012 का चुनाव लड़ा था।