{"_id":"664799a45bfe1f52cf09f90a","slug":"last-rites-of-former-army-officer-kale-killed-in-gaza-conducted-in-pune-2024-05-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharashtra: गाजा में मारे गए कर्नल काले का पुणे में अंतिम संस्कार, दो महीने पहले UN से जुड़े थे","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maharashtra: गाजा में मारे गए कर्नल काले का पुणे में अंतिम संस्कार, दो महीने पहले UN से जुड़े थे
Fri, 17 May 2024 11:23 PM IST
निर्मल कांत
एजेंसी, पुणे।
एजेंसी, पुणे।
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 17 May 2024 11:23 PM IST
सार
Maharashtra: गाजा के रफाह में मारे गए पूर्व भारतीय सेना अधिकारी कर्नल (सेवानिवृत्त) वैभव अनिल काले का अंतिम संस्कार शुक्रवार को पुणे में किया गया। कर्नल काले दो महीने पहले संयुक्त राष्ट्र में सुरक्षा सेवा समन्वयक के रूप में शामिल हुए थे।
विज्ञापन
कर्नल काले के पार्थिव शरीर को अंतिम सलामी देते सैन्य अधिकारी।
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
इस सप्ताह गाजा के रफाह में मारे गए पूर्व भारतीय सेना अधिकारी कर्नल (सेवानिवृत्त) वैभव अनिल काले का अंतिम संस्कार शुक्रवार को पुणे में किया गया। कर्नल काले दो महीने पहले संयुक्त राष्ट्र में सुरक्षा सेवा समन्वयक के रूप में शामिल हुए थे।
विज्ञापन
शुक्रवार को 46 वर्षीय पूर्व पैदल सेना अधिकारी के पार्थिव शरीर को पहले दिन में यहां लाया गया। पुणे छावनी में श्मशान ले जाने से पहले पार्थिव देह को कुछ समय के लिए कल्याणीनगर में उनके आवास पर रखा गया परिवार के सदस्यों के अलावा सेना में उनके सहयोगी, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के पाठ्यक्रम-साथी, दोस्त और सरकारी अधिकारी अंतिम संस्कार में मौजूद थे। भारतीय तिरंगे और संयुक्त राष्ट्र के झंडे में लपेटकर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। मूल रूप से नागपुर के रहने वाले काले 2022 में समय से पहले सेना से सेवानिवृत्त हो गए थे और संयुक्त राष्ट्र में शामिल होने से पहले पुणे में बस गए थे।
विज्ञापन
#WATCH | Pune, Maharashtra: Last rites of Colonel Waibhav Anil Kale (Retd.) were held at his residence.
विज्ञापन विज्ञापन
Colonel Waibhav Anil Kale (Retd.), Security Coordination Officer in the UN Department of Safety and Security (DSS) lost his life in Gaza on 13 May 2024 while going to a… pic.twitter.com/wOEZQy5uTk — ANI (@ANI) May 18, 2024
हमेशा सेना में शामिल होना चाहते थे
चचेरे भाई हर्षद काले ने याद किया कि वह हमेशा से सेना में शामिल होना चाहते थे, क्योंकि परिवार के कुछ अन्य सदस्य सशस्त्र बलों में सेवा कर रहे थे। हर्षद ने कहा, चूंकि उन्होंने पहले संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में काम किया था, इसलिए उन्होंने (सेना छोड़ने के बाद) संयुक्त राष्ट्र में शामिल होने का फैसला किया, लेकिन उनका करियर छोटा रहा। उनके परिवार में उनकी मां, पत्नी, बेटा और बेटी हैं।