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Kerala Landslide: 'कंपनियों को मुआवजा देने के बाद ही जमीन पर कब्जा कर सकती है सरकार', हाईकोर्ट का आदेश

Fri, 27 Dec 2024 10:52 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 27 Dec 2024 10:52 PM IST
सार

Kerala Landslide: केरल हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार हैरिसंस मलयालम लिमिटेड और एलस्टोन टी एस्टेट लिमिटेड की संपत्तियों पर कब्जा कर सकती है, बशर्ते उसे पहले कंपनियों को मुआजवा देना होगा। 

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Landslide: Kerala HC clears way for govt to take over properties for rehabilitation
केरल उच्च न्यायालय (फाइल) - फोटो : एएनआई

विस्तार

केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को आदेश दिया कि राज्य सरकार वायनाड जिले में 30 जुलाई को हुए भूस्खलन के पीड़ितों के पुनर्वास के लिए हैरिसंस मलयालम लिमिटेड और एलस्टोन टी एस्टेट लिमिटेड की संपत्तियों पर कब्जा ले सकती है। जस्टिस कौसर एडप्पागाथ ने इन दोनों कंपनियों की ओर से दायर याचिकाओं को खारिज किया। 

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याचिका में हैरिसंस मलयालम लिमिटेड और एलस्टोन टी एस्टेट लिमिटेड ने सरकार के 65.41 एकड़ और 78.73 एकड़ जमीन अधिग्रहण के फैसले को चुनौती दी थी। यह जमीन वायनाड के वित्थिरी और पलपारा में स्थित है, जो भूस्खलन से प्रभावित हुई थी। 
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याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में क्या कहा
याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि 2005 के आपदा प्रबंधन कानून के तहत जमीन अधिग्रहण उनके संविधानिक संपत्ति अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी कहा कि बिना मुआवजे के सरकार को निजी संपत्ति पर कब्जा लेने का अधिकार नहीं है। 
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सरकार ने दी ये दलील
राज्य सरकार ने कहा कि भूस्खलन से प्रभावित 1,210 परिवारों को अस्थायी रूप से किराए कए घरों में रखा गया है। इसलिए इन परिवारों का स्थायी रूप से पुनर्वास अत्यंत आवश्यक है। सरकार ने इस जमीन को पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए उपयुक्त पाया, जिसमें पर्यावरणीय स्थिति और भूस्खलन के खतरे को भी ध्यान में रखा गया था। 
 
मुआवजा देने के बाद ही कब्जा ले सकती है सरकार: कोर्ट
कोर्ट ने निर्देश दिया कि राज्य सरकार याचिकाकर्ताओं को मुआवजा देगी, जो कि जमीन अधिग्रहण और पुनर्वास कानून (एलएआरआर) के तहत तय किया जाएगा। मुआवजा मिलने के बाद ही राज्य सरकार जमीन का कब्जा ले सकती है।

राजस्व मंत्री कोर्ट के आदेश पर संतोष जताया
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य सरकार को संपत्ति को कब्जे में लेने का अधिकार है, क्योंकि यह एक सार्वजनिक मकसद के तहत किया जा रहा है। केरल के राजस्व मंत्री के.राजन ने कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह आदेश संतोषजनक है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने आपदा के बाद दो महीने के भीतर जमीन अधिग्रहण का फैसला लिया था और अब कोर्ट ने इसकी पु्ष्टि कर दी है। 


भूस्खलन में मारे गए थे 251 लोग
इस साल तीस जुलाई को भारी बारिश के कारण वायनाड जिले के तीन गांवों चूरालमाला, मुंडक्कई और पंचिरिमट्टम में भूस्खलन हुआ था। इस भूस्खलन में 251 लोगों की मौत हुई। कई घायल हुए और 47 लोग लापता हुए। इसके अलावा, 1,555 घर पूरी तरह से नष्ट हो गए थे और 452 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे। 
 

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